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    टाटा के इस कॉलोनी में पत्रकारों के घुसने पर पाबंदी क्यों !

    “यह घटनाक्रम न केवल एक-दो पत्रकार के अधिकारों का हनन करता है, बल्कि कोरोना संक्रमण के दौरान मीडियाकर्मियों को मिले अधिकारों का भी हनन करता है। प्रशासन को ऐसे मामलों की सख्ती से जांच करनी चाहिए…

    राज़नामा.कॉम। क्या टाटा स्टील का कानून देश के कानून से ऊपर है ? वैश्विक संकट कोरोना काल में पत्रकारों को दायरे में और सुरक्षा को ध्यान में रखकर कहीं भी आने- जाने की छूट मिली है, वहीं झारखंड के सरायकेला स्थित टाटा स्टील ग्रोथ शॉप यानी टायो के आवासीय परिसर में पत्रकारों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है।

    अब इस कॉलोनी में घुसने के लिए पत्रकारों को प्रबंधन का आदेश लेना अनिवार्य होगा। वहीं कपनी के आवासीय कॉलोनी के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने इस संबंध में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। 

    यह पूरा मामला उस वक्त प्रकाश में आया जब जिले के कुछ पत्रकार किसी समाचार के संकलन हेतु कंपनी के आवासीय परिसर में प्रवेश कर रहे थे। जहां मुख्य गेट पर ही उन्हें रोक दिया गया।

    मौके पर SIS सिक्योरिटी के जवान खड़े थे, जिन्होंने स्पष्ट पत्रकारों को गेट पर रोकते हुए कहा कि आप लोग चाहे कितने भी बड़े पत्रकार हो, हम आपको बिना टाटा स्टील के वरीय अधिकारियों के आदेश के अंदर नहीं जाने देंगे।

    हालांकि इस दौरान अन्य किसी भी आने- जाने वालों पर किसी तरह की बंदिश नहीं थी। वैसे थोड़ी ही देर बाद टाटा स्टील ग्रोथ शॉप सिक्योरिटी के इंस्पेक्टर इंचार्ज हरजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे।

    वहीं इसको लेकर पत्रकारों द्वारा टाटा स्टील कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन के प्रमुख कुलवीन सूरी सहित जिले के वरीय अधिकारियों के साथ कोल्हान के आयुक्त वीरेंद्र भूषण को भी फोन लगाया गया, लेकिन सभी का यही कहना था कि आप बगैर अनुमति के आवासीय परिसर में नहीं घुस सकते।

    अब सवाल उठता है कि कंपनी के आवासीय परिसर में ऐसा कौन सा कृत्य होता है, जहां पत्रकारों को छोड़कर तमाम लोग आ जा सकते हैं। इन सब सवालों का जवाब जब पत्रकार ने टाटा स्टील ग्रोथ शॉप के सिक्योरिटी इंस्पेक्टर इंचार्ज हरजीत सिंह से जानना चाहा तो कैमरे पर कुछ भी कहने से उन्होंने साफ मना कर दिया और पत्रकार के लिए दरवाजे बंद कर दिए गए।

    वहीं सूत्रों की अगर मानें तो कंपनी के आवासीय परिसर में लॉकडाउन के नियमों का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन होता है।

    सूत्र ये भी बताते हैं कि पत्रकार को इसलिए कंपनी के आवासीय परिसर में प्रवेश करने से रोका गया कि उक्त आवासीय परिसर में किसी अधिकारी के परिजन का श्राद्धभोज चल रहा था, जहां अलग- अलग राज्यों से सैकड़ों लोग शिरकत करने पहुंचे थे। जहां नियम कानून को ताक पर रखकर पूरा कार्यक्रम चल रहा था।

     यही वजह है कि अपने रसूख का लाभ उठाते हुए शोक संतप्त परिवार द्वारा किसी भी पत्रकार को आवासीय परिसर में प्रवेश करने से रोकने का फरमान जारी किया गया।

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