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    ‘रेवेन्यू जनरेशन के लिए प्रसार भारती कर रहा ये देशव्यापी नए एक्सपेरिमेंट’

    30 मार्च, प्रसार भारती न्यूज सर्विसः प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शशि शेखर वेम्पटि ने मंगलवार को एशिया-प्रशांत प्रसारण संघ (एबीयू) की एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान बतौर भारतीय सार्वजनिक प्रसारक ‘लाइसेंसिंग फी और फंडिंग’ की चुनौतियों को लेकर हुई चर्चा के दौरान अहम बयान दिया।

    वे एबीयू द्वारा आयोजित ‘मीडिया लेसंस फॉर फ्यूचर चैलेंजेस’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसे लेकर उन्होंने कहा, प्रसार भारती की ओर से इसके लिए खास कदम उठाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हम अपने सभी व्यय वाणिज्यिक राजस्व के रूप में कमाते हैं।

    कोरोना काल में भी प्रसार भारती ने नहीं रुकने दिया प्रसारण
    प्रसार भारती के सीईओ ने कहा, भारत के सार्वजनिक प्रसारक के बतौर प्रसार भारती ने कोरोना काल में भी सातों दिन 24 घंटे कार्यक्रमों के प्रसारण कार्य को जारी रखा। जब दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी उस दौर में भी प्रसार भारती ने लोक सेवक की अहम भूमिका अदा की।

    उन्होंने जोर देते हुए कहा, हमारे सभी कर्मियों ने इस कार्य को सफल बनाने में मुख्य भूमिका निभाई।

    बताना चाहेंगे कि कोरोना महामारी के दौरान प्रसार भारती ने अपनी 30,000 कार्य बल क्षमता के साथ देश भर में स्थित 1000 से अधिक कार्यालयों एवं प्रसारण केंद्रों पर अपने कर्मचारियों संग सफल प्रसारण किया।

    केवल इतना ही नहीं प्रसार भारती सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे समाचार सेवाओं के साथ परिचालन में बना रहा।

    इस दौरान कई शैक्षिक और रिकॉर्डेड मनोरंजन कार्यक्रम जैसे ‘महाभारत’ और ‘रामायण’ इत्यादि का भी पुन:प्रसारण किया गया।

    पिछले दो वर्षों में किए गए सराहनीय कार्यों के साथ, सार्वजनिक प्रसारक ने समाचार जगत में अपना लोहा मनवाया। इन सभी उपलब्धियों के साथ ही प्रसार भारती के डिजिटल चैनलों ‘दूरदर्शन’ और ‘आकाशवाणी’ को 100 प्रतिशत वृद्धि मिली।

    गौरतलब हो, साल 2020 में एक बिलियन डिजिटल व्यूज और 6 बिलियन से अधिक डिजिटल वॉच मिनट रजिस्टर किए गए।

    वहीं आधिकारिक प्रसार भारती एप ‘NewsOnAir’ पर करीब 2.5 मिलियन उपयोगकर्ताओं को जोड़ा गया। वर्तमान में इस मंच पर लाइव रेडियो स्ट्रीमिंग के माध्यम से 300 मिलियन से अधिक व्यूज तक प्राप्त किए जा चुके हैं।

    हो रहा है कॉमर्शियल रेवेन्यू जनरेट
    शशि शेखर वेम्पटि ने कहा, सार्वजनिक फंडिंग के दृष्टिकोण से चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं, खास तौर से हमारे वाणिज्यिक राजस्व में वृद्धि के संदर्भ में।

    इस कड़ी में हमने प्लेटफॉर्मों के साथ कुछ अभिनव प्रयोग किए हैं, जहां हम अपने बुनियादी ढांचे का उपयोग करने में सक्षम हैं।

    यह हमारे वाणिज्यिक संरक्षकों यानि कॉमर्शियल पार्टनर्स की मांग पर प्रदान किए गए हैं और ये हमें सामान्य राजस्व प्रदान करते हैं। यह हमारी जन सेवा की प्रतिधारणा को भी बरकरार रखता है।

    देश में किए जा रहे नए एक्सपेरिमेंट
    Streaming platform के लिए कॉमर्शियल रेवेन्यू जनरेशन चैलेंज पर उन्होंने कहा, हम देश में इसके लिए एक एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं।

    यह आज के युग में एक Digital key element का कार्य करेगा। इसके लिए ‘डिजिटल क्यूआर कोड’ का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    कम्युनिकेशन पार्टनर्स के साथ मिलकर कर रहे कार्य
    उन्होंने यह भी बताया कि प्रसार भारती अपने कम्युनिकेशन पार्टनर्स के साथ मिलकर भी कार्य कर रहा है और वहां से भी रेवेन्यू जनरेशन का कार्य किया जा रहा है।

    शशि शेखर वेम्पटि एबीयू के हैं उपाध्यक्ष
    ज्ञात हो, बीते साल प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शशि शेखर वेम्पटि को दुनिया के सबसे बड़े प्रसारण संघों में शुमार एशिया-प्रशांत प्रसारण संघ (एबीयू) का उपाध्यक्ष चुना गया था।

    संघ की महासभा के दौरान चुनाव हुआ, जो कोविड-19 के दौरान वर्चुअल तरीके से संपन्न हुआ था। इसके पश्चात् शशि शेखर वेम्पटि को तत्काल प्रभाव से तीन साल के लिए एबीयू के उपाध्यक्ष के लिए चुना गया।

    क्या है एबीयू और कब हुई इसकी स्थापना
    एबीयू यानि एशिया-प्रशांत प्रसारण संघ की स्थापना 1964 में प्रसारण संगठनों के पेशेवर संघ के रूप में हुई थी। 57 देशों में इसके 286 से अधिक सदस्य हैं और इसकी करीब तीन अरब आबादी तक पहुंच है।

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