अनुचित है रांची कॉलेज का नाम बदलना

-: नवीन शर्मा :- राज्य के सबसे पुराने कालेज रांची कालेज का नाम बदल कर डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय कर दिया गया है। यह निर्णय किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं लगता है। मेरा दृढ़ता से मानना है कि किसी भी पुराने संस्थान के नाम से लोगों की भावना जुड़ी […]

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आपकी पार्टी भी कोई दूध की धूली नहीं है शरद यादव जी

23 मार्च 2017, राज्यसभा, नई दिल्ली। जदयू सांसद शरद यादव गरज रहे है… वे पत्रकारिता जगत में आयी गिरावट, कुरीतियों एवं अखबार-चैनल के मालिकों द्वारा की जा रही गंदी हरकतों और उससे शर्मसार होता लोकतंत्र पर केन्द्र सरकार का ध्यान आकृष्ट करा रहे हैं। विषय गंभीर है, पर राज्यसभा में गिने-चुने […]

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आखिर रघुवर दास महेन्द्र सिंह धौनी से इतने चिढ़ते क्यों है?

मोमेंटम झारखण्ड की ब्रांडिंग या झारखण्ड का इमेज दूसरे राज्यों में चमकाने के लिए महेन्द्र सिंह धौनी ने एक भी पैसे नहीं लिये। यह भी याद रखिये कि महेन्द्र सिंह धौनी लगातार मोमेंटम झारखण्ड के कार्यक्रम में अपने सारे कार्यों को छोड़ कर, इसमें स्वयं को हृदय से समायोजित किया है […]

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हमारे पत्रकार संगठन का हर विवाद अंदरुनी मामलाः IFWJ अध्यक्ष

रांची (मुकेश भारतीय)। इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी. विक्रम राव ने कहा है कि  IFWJ के साथ झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिशन (JJA) का जुड़ाव उसी तरह है, जिस तरह जिस तरह से झारखंड भारत से जुड़ा है। संगठन के बारे में वही सबाल कर सकता है, जो […]

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अखबारों और चैनलों के सीले होठ और चूं-चूं का मुरब्बा बना झारखंड सीएम जनसंवाद केन्द्र

रांची। वरीय अधिकारियों के दल ने विज्ञापन का ऐसा लालच दिखाया है कि ये अखबार और चैनलवाले आम जनता के सामने नंगे हो गये है, फिर भी बेशर्म की तरह सीना तानकर खड़े है और कह रहे है कि हम लोकतंत्र के चौथे स्तंभ है, जबकि सच्चाई यह है कि ये […]

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रघु’राज में झारखंडी मीडिया को धिक्कार, कोई नहीं समझता बिटियों की पीड़ा

रांची। झारखंड की मीडिया को जिन्होंने रांची की बेटियों की आवाज सुनने से इनकार कर दिया। धिक्कार उस सरकार को जिसे पता ही नहीं कि उनकी बेटियों के संग उन्हीं के नाक के नीचे क्या हो रहा है। रांची स्थित सूचना भवन में चल रहे मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र में कार्यरत महिलाकर्मियों […]

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पद्मश्री बलबीर दत्त आज की पत्रकारिता में अप्रासंगिक क्यों?

झारखंड की पत्रकारिता के शीर्ष पुरुष बलबीर दत्त जी को पद्मश्री से नवाजा जाएगा। निश्चय ही यह हर्ष और गर्व का क्षण है। यह और बात है कि आज के दौर के कई पत्रकारों को बलबीर दत्त अप्रासंगिक लगते हैं। उन जैसी शख्सियत को आज की पत्रकारिता के माहौल में अप्रासंगिक […]

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इस लॉटरी अर्थव्यवस्था का माई बाप कौन? PayTMPM या FMCorporate ?

-: पलाश विश्वास :- इस लावारिश लाटरी अर्थव्यवस्था का माई बाप कौन है? PayTMPM या FMCorporate? रिजर्व बैंक तो खैर दिवालिया है और शेर बाजार सांढ़ों और भालुओं के कब्जे में हैं। काम धंधे,रोजगार,व्यवसाय वाणिज्य और उद्योग भी तबाह हैं। बाजार में नकदी न होने की वजह से मक्खियों तक के […]

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‘हम भारत के लोग’ और नेताओं के बीच यह अंतर क्यों ?

लोकतंत्र में  देश  की प्रजा उसका शरीर होती है लोकतंत्र उसकी आत्मा जबकि लोगों के लिए, लोगों के ही द्वारा  चुनी गई सरकार उस देश का मस्तिष्क होता है उसकी बुद्धि होती है।यह लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार ही देश की विश्व में दिशा और दशा तय करती है । यह […]

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आलोक जी, भड़वे और दलाल हैं हम पत्रकार !

– अनंत झा– हम सत्ताधारियों के पिछलग्गू है। हमें आपकी पीड़ा नहीं दिख रही है। हमने अपने इमोशन पर तेजाब डाल लिया है। हमें आपकी परेशानी से क्या? आप ना सांसद हैं, ना विधायक हैं और ना ही कोई धन्नासेठ सो हमें आपकी बीमारी से क्या? आलोक जी, आप तो अख़बार […]

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