राजनीति के अश्वत्थामा न बन जाएं केजरीवाल

आम आदमी पार्टी सत्ता में आई, तो राजनीति एक नयी राह की राह्गीर हो गयी। आज़ादी के पहले राजनीति स्वतंत्रता सेनानियों के कन्धों पर सवार होकर चलती थी, लेकिन आज़ादी मिलने के लगभग डेढ़ दशक के बाद राजनीति के कंधे पर नेता सवार होकर चलने लगे। उनकी एकमात्र तलाश कुर्सी की […]

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‘आप’ से देश की अर्थव्यवस्था को खतरा

अगर अरविन्द केजरीवाल की ‘आप’ बढ़ती गयी तो इससे देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाज़ार को काफी नुकसान हो सकता है, यह मानना है देश के ब्रोकर्स और व्यापारियों का। अंग्रेजी अखबार इकनोमिक टाइम्स में छपी खबर के अनुसार उनके संवाददाताओं ने जिन ब्रोकर्स और ट्रेडर्स से बात की, उन्होंने आप […]

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कल वो चकला-बेलन भी ले गये तो ?

अलसुबह पार्क जाने के लिए बाहर निकला, तो हैरान रह गया । मेरे घर की खिड़की, दरवाजे यहां तक कि गाड़ी पर भी कोई झाड़ू के पोस्टर लगा गया था। सामने ही झाड़ू वाली झाड़ू लगाती हुई बड़-बड़ किए जा रही थी। मैंने पूछा, क्या हुआ, तो वह बोली, का बताएं […]

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सिर्फ सरकार बदलना नहीं है समस्या का हल

आज़ादी के तीन दशकों के बाद से ही देश की राजनैतिक परिस्थिति बदलने लगी थी। राजनीति, व्यक्ति केन्द्रित होती चली गयी और योजनायें वोटों तक केन्द्रित होती चली गईं। धर्म और जाती केन्द्रित समाज के नब्ज़ को पकड़ते हुए धर्म और जाती का खूब स्तेमाल किया राजनैतिक दलों ने। एक तरफ कांग्रेस […]

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राजनीति में ऐसे हों यार तो कैसे हो बेड़ा पार !

इन दिनों अगले लोक सभा चुनाव को लेकर देश में बहस तेज है | क्या पक्ष और क्या विपक्ष सभी अपने -अपने हित -अनहित को लेकर चिंतित और व्यूह रचना में मशगुल हैं | खासकर ,केंद्र की सत्ता पार काबिज होने की बेकरारी बढ़ गई है | इसमें राष्टीय एवं क्षेत्रीय […]

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‘आप’ के मंत्री ऐसा कभी नहीं कर सकते !

मंत्री का काम एक बड़ी जिम्मेदारी है, बेहिसाब लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुँचते हैं। मंत्री या उनके दोस्त-दुश्मन कुछ भी कहते हों, उनके पास एक अलग ठिकाना होना चाहिए। उनको वाहन और सुरक्षा भी मुहैया की जानी चाहिए। यह शासन का दायित्व है। लालबहादुर शास्त्री से अधिक सादगी वाला […]

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विवाद और आम आदमी के बीच फंसे केजरीवाल

केजरीवाल जी फँस गए हैं विवाद और आम आदमी के बीच. सरकारी बंगला और गाड़ी उनकी उजली छवि पर दाग बनकर गिरे हैं. ज्यादा उजली कमीज़ पहनने के बाद दाग का खतरा तो बना ही रहता है,मगर उजली कमीज़ पहन कर जब दूसरों पर कीचड़ फेंकते चलते हैं तो खतरा और […]

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अरविन्द केजरीवाल का विरोध क्यों ?

राजनामा.कॉम। देश में भ्रष्टाचार, चमचागीरी, सत्ताई दलाली, चारणभाटी अब कुछ लोगों के लिए रोजी रोटी बन चुका हैं। और यह सत्य है कि कोई भी सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है लेकिन रोजी रोटी पर लात पड़े तो वह कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। आज घूसखोरी, कमीशन कुछ लोगों के लिए रोजगार […]

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राजनीति की नजाकत को समझे आज के युवा

राजनामा.कॉम। आज कहा जा सकता है कि आजादी के बाद भारत पहली बार इतनी गहरी नाकारात्मक राजनीतिक दौर से गुजर रहा है.आक्सफोर्ड हार्वर्ड मेँ पढ़े लोग आज भारत को सही दिशा नही दे पा रहे. देशभक्त जागरुक नेताओ के साथ साथ देश की जनता मेँ खलबली मची हुई है. भ्रष्टाचार सभी दफतरो […]

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पुलिस प्रभाव से मुक्त हो गृह मंत्रालय

राजनामा.कॉम (मनीराम शर्मा)। गृह मंत्रालय मुख्य रूप से पुलिस से सम्बन्ध रखता है व  पुलिस ज्यादतियों सम्बंधित शिकायतों पर समुचित कार्यवाही करने का दायित्व मंत्रालय पर है| किन्तु व्यवहार में पाया गया है कि स्वतंत्रता के बाद भी पुलिस के रवैये में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है| देश में पुलिस बलों […]

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