इस न्यूज़ चैनल का यह कैसा एक्सक्लुसिव

राज़नामा.कॉम। आज कल न्यूज़ चैनलों ने एक्सक्लुसिव शब्द की पत्रकारीय परिभाषा ही बदल डाली  है। उसे जो भी मिले, उसे एक्सक्लुसिव बना डालती है। उदाहरणार्थ एक बिल्डर माफिया द्वारा संचालित रांची के इस एक चैनल को लिजीये। शायद ही ऐसी कोई खबर हो, जिसे एक्सक्लुसिव बना कर  पेश न करती हो। कमोवेश यही आलम खुद को तीसमार खां समझने वाले पत्रकारों  की भरमार वाले यहां के सभी न्यूज़ चैनलों की है। झारखंड प्रांत के एक मंत्री किसी सड़क या गांव में किसी योजना का उद्दघाटन करता है और ये चैनल चीख-चीख कर उसे एक्सक्लुसिव बताता है। क्या यह एक्सक्लुसिव खबर है […]

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नारायण-नारायण, कहां हैं हरिनारायण

राजनामा.कॉम ( मुकेश भारतीय)। ” हेलो, न्यूज़11 के निदेशक अरुप चटर्जी बोल रहे हैं…तो हां सर हरिनाराण जी ने आपके चैनल से एडीटर इन चीफ का पद क्यों छोड़ दिया ?…मेरे इस सबाल पर चटर्जी साहब मोबाइल पर ही खीज कर बोले- अरे भाई कौन कहता है कि वे न्यूज़11 छोड़ दिये हैं। वे मेरे बड़े भाई हैं। कभी वे न्यूज़11 छोड़ ही नहीं सकते। उन्होंने इस्तीफा कहां दिया है। सब हवाई बातें हो रही है। उधर, दैनिक सन्मार्ग ने वकायदा रांची के कई प्रमुख स्थलों पर “अब सन्मार्ग हिन्दी दैनिक के साथ हरिनारायण सिंह, प्रधान संपादक ” का पोस्टर चस्पा […]

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काली कमाई के बल चल रहा है दैनिक सन्मार्ग

राज़नामा.कॉम (संवाददाता)। झारखंड में हिन्दी दैनिक सन्मार्ग शराब-शबाब के कारोबारियों के काली कमाई के बल चल रहा है। इसका खुलासा राजधानी की सड़कों पर पटे एक “बीयर बार-रेस्टुरेंट” और इस अखबार के संयुक्त विज्ञापन की पड़ताल के बाद सामने आया है।  अमुमन पुलिस-यातायात स्थल पर शोभयान दोनों धंधे का विज्ञापन रैक्सिन के एक ही टुकड़े पर प्रकाशित है। अखबार जहां खुद को झारखंड का नं.1 बता रहा है, वहीं ओवर ब्रीज के सटे स्थित “बीयर बार-रेस्टुरेंट” का विज्ञापित दृश्य किसी को भी शर्मशार करने के लिये काफी है। यह दीगर बात है कि पूरे ताम-झाम के बीच अखबार की कीमत मात्र […]

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“बाबा” को दबोचने सन्मार्ग पहुंचे “बब्बर”

राज़नामा.कॉम, मुकेश भारतीय। झारखंड की राजधानी रांची की पत्रकारिता में एक से एक धुरंधर भरे पड़े हैं, जो बिल्डरों- माफियाओं के इशारों पर नाचते फिर रहे हैं। ऐसा ही ताजा उदाहरण है- न्यूज़11 चैनल के एडीटर इन चीफ हरिनारायण सिंह का अचानक एक बिल्डर-माफिया प्रेम शंकरण की रहनुमाई में प्रकाशित दैनिक अखबार सन्मार्ग पहुंचना। कहते हैं कि मधु कोड़ा के लूटराज में डूबकी लगाने वाले आला पत्रकार हरिनारायण सिंह पत्रकारिता के सेक्रेट बाबा यानि प्रधान संपादक बैजनाथ मिश्र को दबोचने के लिये सन्मार्ग पहुंचे हैं। चूकि श्री सिंह का श्री मिश्र की अपेक्षा वित्तीय राज प्रबंधन काफी मजबूत है, इसलिये उनका […]

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न सरकार न पुलिस, सिर्फ दैनिक जागरण

राज़नामा.कॉम (मुकेश भारतीय)। बिहार हो या झारखंड। पटना हो या रांची। महिला हो या हरिजन। थाना से लेकर मुख्यालय तक। हर जगह एक ही नज़ारा। न कहीं बिहार-झारखंड पुलिस और न कहीं बिहार-झारखंड सरकार का नाम! सिर्फ और सिर्फ दैनिक जागरण का नाम। अब आप इसे क्या कहेगें? क्या सरकार या उसके पुलिस विभाग के पास अपना नामाकंरण करने के पैसे नहीं है या अखबार के सामने उसकी सिट्टी-पिट्टी गुम है। जबकि आम नागरिक के एक बड़ी आबादी पर इसका कुप्रभाव यह पड़ रहा है कि वे इस अखबार से जुड़े एक अदद संवाददाता/कर्मी को पुलिस विभाग से सीधा जुड़ा महसुस […]

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कशिश चैनल की कसाईगिरी चालू आहे

राजनामा.कॉम। झारखंड की राजधानी रांची से एक बिल्डर सुनील चौधरी ने अपने काले धन की सहायता से काले धन की सुरक्षा के लिए रिहायशी इलाके में “कशिश” नामक एक न्यूज चैनल खोला है।इस चैनल से जुड़े स्वंयभू पत्रकारों-प्रबंधकों की घटियापन से उब कर प्रायः लोग अलविदा कह चुके हैं।मेरा दावा है कि यदि किसी भी पत्रकार में थोड़ा सा भी जमीर जिंदा है तो यहां नहीं टिक सकता।इस चैनल में वही महिला/पुरुष पत्रकार टिक सकता है जो अपना स्वभिमान-प्रतिष्ठा दावं पर लगा दिया हो! हाल ही में इस चैनल के न्यूज हेड गंगेश गुंजन और पूनम पांडे नाम की एंकर की […]

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बिल्कुल बदल गई है पत्रकारों की दिशा और दशा

शब्दों में वो ताकत होती है जो बन्दूक की गोली, तोप के गोले एवं तलवार में नहीं होती है। अस्त्र-शस्त्र से घायल व्यक्ति की सीमा शरीर होता हैजो देर-सबेर ठीक हो ही जाता है लेकिन, शब्द से मानव की आत्मा घायल होती है, इस पीड़ा को जीवन-पर्यन्त तक नहीं भुलाया जा सकता। शब्दों कासच्चा मालिक पत्रकार ही होता है, जिसकी लेखनी से निकला प्रत्येक शब्द किसी देश, समाज, विकास की न केवल दिशा और दशा को तय करता है बल्कि उन्हें एक निश्चित् गति भी प्रदान करने में सहायक होता है। इतिहास गवाह है देश के अन्दर बड़ी-बड़ी क्राँन्तियां पत्रकारों की […]

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चौबे चले छब्बे बनने और दुबे बन कर रह गए

मौर्या टीवी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा का न्यूज चैनल है। इस चैनल की सबसे बड़ी विशेषता थाली के बैगन वाली है। कभी इधर तो कभी उधर। जब सरकारी लोकपाल की लोकपाल चर्चा हुई तो लोकपाल, जब सिविल सोसाइटी की जन लोकपाल की हुई तो जन लोकपाल और अब जब बहुजन लोकपाल की चर्चा हुई तो बहुजन लोकपाल। दरअसल, प्रकाश झा फिल्म आरक्षण को लेकर दलित नेताओं के निशाने पर हैं और उसकी चोट से बचने के लिए वे अब दलित वर्ग की हिमायती बन गये हैं। इसकी व्यापक झलक गत दिनों दिल्ली के रामलीला मैदान में बहुजन लोकपाल के समर्थन […]

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कौन है रांची के इस चैनल का मालिक! कौन चला रहा है इसे!

सावधान ! कहीं अगले शिकार आप तो नहीं?  झारखण्ड ( रांची) से एक चैनल का प्रसारण किया जाता है.  नाम पहचाने के लिए कोई खास जद्दोजहद की जरूरत नहीं पड़ेगी… अभी केवल दो चैनलों का ही प्रसारण रांची से किया जाता है और संयोगवश दोनों ही चैनल नोएडा से प्रसारित हो रहे एक चैनल के द्वारा प्राप्त किये गए लाइसेन्स पर चल रहे हैं…  इन्हीं दोनों चैनलों में से एक चैनल है जिसमे सन्दर्भ में चर्चा की गयी है. इस चैनल के तथाकथित मालिक एक पूर्व मीडियाकर्मी रह चुके हैं… तथाकथित इसलिए कि मालिक के सन्दर्भ में कई भ्रांतियां है… कोई […]

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टीआरपी की होड़ में मर गई मीडिया की नैतिकता!

 टीआरपी की होड़ में आजकल के अखबार और चैनल्स कुछ भी करने को तैयार दिख रहे हैं. कुछ कर दिखाने का ऐसा जुनून की संसाधनों के अभाव में भी हर पांच मिनट बाद फायर होता है ब्रेकिंग न्यूज. भले ही स्पॉट पर अपने रिपोर्टर हो न हों, अपनी ओवी हो न हो लेकिन इन्हें तो दूसरे चैनल से लाइव काटने में महारत हासिल है. लगभग सभी रिजनल चैनल और कई नेशनल चैनलों के पास चलने वाले ज्यादातर फूटेज चोरी के होते हैं. मगर फिर भी सब करेंगे नंबर 1 होने का दावा. आखिर कहां गई पत्रकारों की नैतिकता? क्यों खोखली होती […]

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कशिश चैनल के न्यूज हेड की जय हो

हाय! तुम चुप क्यों हो…कुछ बोल क्यों नहीं रही हो   मंदिर देवघर का हो या कहीं और का… आपने कभी गौर से देखा है … चैनल कशिश को … एक बार गौर से देखिये … चकरा तो हम भी गए थे … क्या ये चैनल हेड की पत्नी है … गौर से देखा तो चौंक गया … अरे ये तो वही है … बवाल एंकर … पर अब सधी हुई … मंदिर मंदिर घूमती … चैनल चैनल खेलती … ये तो मैडम जी का जलवा है … जलवा भी ऐसा की न्यूज़ डाइरेक्टर का सब कुछ दाव पर … जमशेदपुर […]

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भारतीय मीडिया के खेवनहार या खिचड़ी परिवार

मीडिया दो तबके के ही लोगों के लिए है। एक तो आर्थिक रुप से बहुत कमजोर…औरदूसरा जो आर्थिक तौर पर मजबूत है और तीसरा तबका जो मध्यवर्गीय है, जो मीडिया में तो आ जाता है, लेकिन अपने को भंवर में फंसा महसूस करता है इसका राज है… अरुंधती रॉय, प्रणय रॉय (नेहरु डायनेस्टी टीवी- NDTV) की भांजी हैं। -प्रणय रॉय “काउंसिल ऑन फ़ॉरेन रिलेशन्स” के इंटरनेशनल सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं। -इसी बोर्ड के एक अन्य सदस्य हैं मुकेश अम्बानी। -प्रणय रॉय की पत्नी हैं राधिका रॉय। -राधिका रॉय, वृन्दा करात की बहन हैं। -वृन्दा करात, प्रकाश करात (CPI) की पत्नी […]

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