सत्ता का इस्तेमाल करने में दैनिक प्रभात खबर का कोई सानी नहीं

वाकई सत्ता का इस्तेमाल अगर कोई करता है, उसमें मीडिया हाउसों का भी कोई सानी है। यदि हम बात करें झारखंड की राजधानी रांची से प्रकाशित हिन्दी दैनिक प्रभात खबर की तो यह अखबार सत्ता का जी भर इस्तेमाल करते आ रहा  है और  जो कोई भी इसके आड़े आता है तो  यह अखबार  उसकी ऐसी की तैसी कर डालती है । इस अखबार का खौफ झारखंड की व्यवस्था के हर क्षेत्र में व्याप्त है। राजधानी रांची के आलावे प्रांत के कई हिस्सों में दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर जैसे राष्ट्रीय अखबारों के पदार्पन के बाद भी दैनिक प्रभात खबर […]

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जारी है झारखंड सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में लूट का खेल

झारखंड सूचना एवं जन संपर्क विभाग में मची लूट का कोई सानी नहीं है। एक कोयलाकर्मी के विभागीय निदेशक बनाये जाने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है। शायद उनकी कोई अंदरुनी कमी लोगों के हाथ लगी हुई है।  इस विभाग के अन्य जिम्मेवार अधिकारी पूरी तरह बेलगाम हो गये हैं।  यहां हर काम कमीशन पर तय होता है। जो जितना अधिक कमीशन का लेन-देन करता है, उसे उतना ही कार्यादि मिलता है। समाचार पत्र-पत्रिकाओं एंव न्यूज़ चैनलों को विज्ञापन आवंटन में तो लूट का खुला खेल नज़र आता है। कहने को तो यहां अभी तक बिहार विज्ञापन नियमावली […]

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मुंडा राज में फर्जी पत्रकारों के बीच बंटे रेवड़ियों की जांच जरुरी

झारखंड प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के शासन काल में तथाकथित पत्रकारों  के बीच  फेलोशिप के नाम पर  जम कर रेवड़ियां बांटी गई  है। इसे लेकर  रांची के एक स्थानीय न्यूज़ चैनल ने अचानक खबर बना कर मामला गर्म कर दिया है। चैनल के मुताबिक झारखंड सरकार के सूचना एवं जन संपर्क विभाग ने पत्रकारों के प्रोत्साहन के नाम पर कुल  76 लोगों को पुनः  फेलोशिप की राशि प्रदान की गई है, उनमें कई पत्रकारों की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसके पूर्व भी कमोवेश  ठीक इसी तरह से कुल 26 लोगों के बीच रेवड़ियां बांटी जा चुकी है। वेशक […]

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नवयुवक पत्रकारों के लिये खतरनाक हैं ऐसे प्रयास

राजनामा (मुकेश भारतीय)।  नवयुवक पत्रकारों की एक सबसे बड़ी कमजोरी है कि जब वे किसी मीडिया हाउस से येन केन प्रकरेन से जुड़ जाते हैं तो उऩके सामने कुछ नजर नहीं आता है। नजर आता तो बस तेल मालिश। और लोगों के बीच तीसमार खां बने फिरते हैं। यह भूल जाते हैं कि निम्न स्तर पर अस्थाई कार्य करने के दौरान अपने मीडिया हाउस की छवि तो दुरुस्त नहीं कर सकते हैं लेकिन,स्थानीय स्तर पर अपनी छवि को मजाक जरुर बना लेते हैं, जो निश्चित तौर पर उनके कैरियर के लिये काफी खतरनाक साबित होगा।  किसी भी समाचार पत्र-पत्रिका या न्यूज […]

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आखिर कौन है धानुका हत्याकांड का शातिर भाजपा नेता ?

राजधानी रांची के तुपुदाना ओपी थाना से कुख्यात शूटर लखन सिंह की आसान फरारी से झारखंड की कानून व्यवस्था के सामने एक बार फिर यह सबाल उठ खड़ा हो गया है कि आखिर राज  कुमार धानुका हत्या कांड के पिछे भाजपा के  किसी बड़े शातिर नेता का हाथ था या नहीं।  अगर है तो पुलिस-सत्ता तंत्र में वे कौन लोग हैं, जो उस नेता को बचाने की जुगत भिड़ाये हैं ? क्योंकि इस बार लखन सिंह की गिरफ्तारी राष्ट्रपति शासन के दौरान महामहिम राज्यपाल के सलाहकार के. विजय कुमार के सीधे निर्देश पर की गई थी। एक लंबे अरसे के बाद […]

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लखन सिंह के बहाने राज्यपाल सलाहकार को चुनौती देने वाला कौन है भाजपा नेता ?

राजधानी रांची के तुपुदाना ओपी थाना से कुख्यात शूटर लखन सिंह की आसान फरारी से झारखंड की कानून व्यवस्था के सामने एक बार फिर यह सबाल उठ खड़ा हो गया है कि आखिर राज  कुमार धानुका हत्या कांड के पिछे भाजपा के  किसी बड़े शातिर नेता का हाथ था या नहीं।  अगर है तो पुलिस-सत्ता तंत्र में वे कौन लोग हैं, जो उस नेता को बचाने की जुगत भिड़ाये हैं ? क्योंकि इस बार लखन सिंह की गिरफ्तारी राष्ट्रपति शासन के दौरान महामहिम राज्यपाल के सलाहकार के. विजय कुमार के सीधे निर्देश पर की गई थी। एक लंबे अरसे के बाद […]

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लखन सिंह की फरारी के दलदल में फंसी रांची पुलिस महकमा

अपराध जगत में तेजी से उभरे कुख्यात शूटर लखन सिंह को गुरुवार को ही  रांची सिविल कोर्ट के बाहर से पकड़ा गया था। तुपुदाना ओपी  के प्रभारी कृष्ण मुरारी अपनी पुलिस टीम के साथ थाना में लाकर बंद कर दिया था। फिर दो दिन के बाद लखन सिंह तुपुदाना ओपी से भाग खड़ा हुआ।  यह घटनाक्रम रांची पुलिस-तंत्र पर कई सबाल खड़े करते हैं। तुपुदाना पुलिस ने गिरफ्तारी के वक्त दावा किया था कि लखन सिंह के दसमाइल स्थित घर से देसी कट्टा, ऑटोमेटिक पिस्टल, और गोलियां बरामद की गई है।  सबाल उठता है कि जब गुरुवार की दोपहर ही पुलिस […]

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थाना से भागा या भगाया गया लखन सिंह

राजधानी रांची के मशहूर व्यवसायी राजू धानुका के दिन दहाड़े नृशंस हत्या से चर्चित हुआ कुख्यात शूटर लखन सिंह तुपूदाना थाना से भाग गया है। हालांकि यह एक गंभीर जांच का विषय है कि वह इतनी आराम से भागने में सफल हो गया है या एक सोची समझी रणनीति के तहत पुलिस-अपराधी-माफिया गठजोड़ अपनी पोल खुलने के डर से भगाया है। बताया जाता है कि बीते शनिवार की सुबह पौने दस बजे लखन सिंह को थाना के मुंशी ने शौच के हाजत से निकाल कर शौचालय ले गया, जहां से वह हथकड़ी निकाल कर भाग गया। इस घचना के समय उसकी […]

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ब्लैकमेलिंग की मोड़ पर फिर ठिठका झारखंड

आज झारखंड में राजनीति अजीब मोड़ पर है। झूठ, फरेब, छल, प्रपंच और ब्लैकमेलिंग इसके मुख्य तत्व बन गये हैं। राज्य के भाजपाई सीएम अर्जुन मुंडा का तो और भी सानी है। यहां की पूरी राजनीतिक व्यवस्था को मात्र कयासों के भंवरजाल में उलझा रखा है। इसका सीधा कुअसर समूचे प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ रहा है।  फिलहाल एक बड़ा सबाल उभर कर सामने आया है कि भाजपा के अर्जुन मुंडा और झामुमो के शिबू सोरेन के बीच सफेद झूठ कौन बोल रहा है। मुंडा जहां मुख्यमंत्री हैं वहीं, सोरेन उनकी सरकार समन्वय समिति के अध्यक्ष। और तो और श्री सोरेन की […]

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बिजली के इस बड़े चोर के खिलाफ क्या हुई ठोस कार्रवाई

झारखंड राज्य बिजली बोर्ड की सबसे बड़ी समस्या बड़े चोरों की है। यहां कई बड़े-बड़े उद्योगपति व्यापक पैमाने पर बिजली चोरी करते आ रहे हैं। ऐसी बात नहीं है कि बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी गंभीर नहीं होते। वे यदा-कदा गंभीर होते भी हैं तो उन पर सरकार स्तर पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है और येन-केन-प्रक्ररेण मामले को दबा दी जाती है। यदि घोर बदहाली झेल रहे झारखंड के उपर से मलवे हटाये जाये तो बिजली के कई बड़े चोर यू हीं बेनकाब हो जायेगें।  फिलहाल, झारखंड में ऐसे ही बिजली के एक बड़े चोर कंपनी का नाम उभर […]

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मरांडी जी ने किया था 50 करोड़ रु. माफ

उषा मार्टिन ग्रुप का झारखंड की सत्ता पर पकड़ काफी मजबूत रही है। अलग राज्य के बाद तो इस कंपनी की तूती बोलने लगी। यहां शायद ही कोई ऐसा नेता चाहे वह पक्ष हो या विपक्ष, इसके लूट के खिलाफ एक शब्द भी बोलने की हिमाकत करे। अगर किसी ने उसके खिलाफ जाने की जरा सा भी जुर्रत किया तो इस कंपनी ने उसकी ऐसी की तैसी कर डालने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। क्योंकि इस कंपनी के हाथ में है झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार का एक मीडिया हाउस। कहा जा सकता है कि मूलतः खनिज संपदा की […]

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सीएम और गवर्नर को सरेआम गाली देता है शिबू सोरेन का पीए

आज झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमों शिबू सोरेन के पीए विवेक का रसुख क्या है। यदि आपको इसका आंकलन करना है तो शिबू सोरेन उर्फ गुरुजी के मोहराबादी स्थित आवास चले जाइये। शुरुआती दौर में गुरुजी के बड़े पुत्र स्व. दुर्गा सोरेन का ड्राइवर… उसके बाद छोटे पुत्र हेमंत सोरेन (वर्तमान उप मुख्यमंत्री) का ड्राइवर…उसके बाद गुरुजी की शरण में…उसके बाद गुरुजी जी की कृपा से पा ली झारखंड विधान सभा में नौकरी…फिर गुरुजी का बन गया सरकारी पीए। बस इतना सा ही सफर है विवेक का। यह कभी भी झामुमो पार्टी का छोटे या बड़े पद पर नहीं रहा। लेकिन […]

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