फोटो छापियेगा तो फांसी लगा लेंगे !

02 मार्च को मैट्रिक की अंतिम लिखित परीक्षा थी। सब्जेक्ट था संस्कृत। यह एडिशनल सब्जेक्ट होता है। इसमें पास होना जरुरी नहीं लेकिन अधिक नम्बर आने से फुल मार्क्स में शायद जुड़ता है। सुबह – सुबह हम मीडिया वालों को कॉल आया की जैक अध्यक्ष संत अलोइस स्कूल में निरिक्षण करने जा रहे हैं। हम पहुंचे तो 2 छात्र को अध्यक्ष ने चोरी करते पकड़ा। एक चिट फेक रहा था तो एक गैस पेपर का पेज कॉपी में छुपाकर लिख रहा था। तभी बारिश होने की वजह से हम वहीँ कैंटीन में रुक गए। बारिश ख़त्म होते ही जैसे ही निकलना […]

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औद्योगिक व्यवस्था के प्यादा ‘मीडियाकर्मी’ से अपेक्षा बेतुकी

आमतौर पर खोजी पत्रकारिता नेताओं की कुर्सियाँ हिलाती है, लेकिन पिछले सप्ताह भारतीय समाचारपत्र, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में एक ख़बर छपने के बाद अब पत्रकारों की कुर्सियाँ हिल रही हैं। ख़बर के मुताबिक़ कई पत्रकार एस्सार नाम की कंपनी के ख़र्चे पर टैक्सी जैसे फ़ायदे उठाते रहे हैं। आरोप मामूली हैं, लेकिन फिर भी अनैतिकता स्वीकारते हुए एक महिला और एक पुरुष संपादक ने अपने-अपने अखबारों से इस्तीफ़ा दे दिया है। एक टीवी समाचार चैनल में काम करने वाली एक और महिला पत्रकार को आंतरिक जाँच के चलते काम से हटा दिया गया है। पत्रकारिता के मूल्यों में गिरावट पर विश्लेषण भारतीय पत्रकारों […]

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इन बागड़-बिल्लों के खिलाफ झारखंड निगरानी विभाग सुस्त !

झारखंड में लूट की खुली छूट पाने वाले बागड़-बिल्लों की भरमार है। बात जब ग्राम्य अभियंत्रण संगठन (आरइओ) की हो तो इसके बागड़-बिल्लों के सामने राज्य निगरानी विभाग भी वर्षों से कुछ नहीं कर पा रही है। जबकि सब कुछ आयने की तरह साफ है। कहते हैं कि रांची और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़क निर्माण की योजना को आरइओ के अभियंताओं ने लूट योजना में परिणत कर दी थी। तात्कालीन उपायुक्त के निर्देश पर पुरे मामले की जांच हुई और कार्यपालक अभियंता यतीन्द्र प्रसाद के बयान पर रांची कोतवाली थाना में 15 अप्रैल,2000 को भादवि की धारा- 406, 467, 409, 468, […]

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सबकी ‘होली’ एक दिन, अपनी ‘होली’ सब दिन

मुझे बहुत अजीब सा लगता है, जब हास्य-व्यंग्य शैली में लिखने वाले लोग अप्रासंगिक विषय-वस्तु का प्रयोग करते हैं। इन व्यंग्यकारों के गुणावगुण पर ज्यादा कुछ कहना नहीं है। मैंने महसूस किया है कि इनके कुछेक आलेख सर्वथा काल्पनिक ही होते हैं। मसलन होली या अन्य विशेष पर्व-अवसरों के बारे में जब इनकी लेखनी चलती है तो प्रतीत होता है कि ये ‘टू एनफ’ ही कर रहे हैं। मैं यह आप पर कत्तई ‘लाद’ नहीं रहा। कोई जरूरी तो नहीं कि आप किसी की बात को नसीहत ही मानें या आँख मूँद कर विश्वास ही करें। खैर होली आ गई है। […]

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इन भ्रष्ट IAS अफसरों पर कार्रवाई की फाइल विभाग से गायब !

झारखंड की भ्रष्ट व्यवस्था का कोई सानी नहीं है। सच पुछिए तो इसकी जड़ में नौकरशाहों की बोलती तूती है। इनका कहीं कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। इन पर भूले-भटके कोई कार्रवाई की बात उठती भी है तो वे अपनी हर साक्ष्य को गायब करवा डालने का मादा रखते हैं। कहते हैं कि अक्टूबर,2011 में सीएमओ यानि मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर कार्मिक विभाग ने राज्य के 13 आईएएस अफसरों पर सीधी कार्रवाई करने की बात की। लेकिन तब इनसे संबंधित फाइल गुम होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। उसके बाद सीएम सेक्रेटरी ने उन दबी फाईलों को खोजने का निर्देश […]

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देखिए गुमला में पुलिस,पत्रकार,नौकरशाह की नंगई !

लिखा परदेश में रहना वतन को याद क्या करना, अगर बेदर्द हाकिम हो तो फरियाद क्या करना। जी हाँ, किसी शायर की ये पंक्तियाँ झारखण्ड ओर खासकर गुमला जिला के परिपेक्ष में सटीक बैठती हैं। यहाँ का नेता, पत्रकार, नौकरशाह, या फिर पुलिस, कोई मामला सामने आया कि नहीं, बस हर कोई सुरसा की तरह मुहँ फाड़कर सामने आ जाता है। सारे लोग भ्रष्टाचारियों की स्तुति शुरू कर देते हैं। हर शक्स बहती गंगा में हाथ धोने के लिए आतुर दिखने लगता है। ताजा वाकया भय और भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात झारखंड के गुमला जिले के समाजसेवी पत्रकार शंभु नाथ सिंह […]

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‘जेटली-बजट’ से चाय बागान श्रमिकों में भारी क्षोभ

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चाय उद्योग हेतु 100 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा किये जाने के बाद ऐसा लग रहा था कि उत्तर बंगाल के चाय उद्योग को चंगा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा भी बजट में कुछ विशेष घोषणा की जायेगी. संसद में पेश अरुण जेटली के बजट में उत्तर बंगाल की तो पूरी तरह से उपेक्षा की ही गयी, साथ ही चाय उद्योग के लिए भी कुछ नहीं किया गया. इसकी वजह से उत्तर बंगाल के चाय बागान मालिकों एवं चाय बागान श्रमिकों में भारी निराशा है. पिछले लोकसभा चुनाव में जब भाजपा के वरिष्ठ नेता […]

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मीडिया में महिलाओं को नहीं पचा पा रहे हैं पुरूष

काश! मुझ जैसी हर साधारण एवं महत्वाकांक्षी लड़की को अच्छे माँ-बाप एवं उत्साहवर्धन करने वाला समाज तथा मेरे शैक्षिक गुरू व पत्रकारिता गुरूकुल के गुरू की मानिन्द लोगों का सानिध्य, स्नेह एवं आशीर्वाद मिले, तभी पत्रकारिता के क्षेत्र में महिलाएँ छू सकेंगी उचाईयाँ। -: रीता विश्वकर्मा :- पत्रकारिता (मीडिया/प्रेस) में महिलाओं का प्रवेश और योगदान बड़े शहरों में अब आम बात हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ठीक इसका उल्टा हो रहा है। लड़कियों को पढ़ाने के पीछे माँ-बाप एवं उनके घर वालों का महज एक ही उद्देश्य है कि शादी के लिए पढ़ाई की सनद काम आए। कुछ तो आर्थिक […]

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‘अन्ना आंदोलन’ में शामिल होगें मनीष-केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया मंगलवार को एक बार फिर धरने पर बैठने जा रहे हैं। भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ समाजसेवी अन्ना हजारे ने जंतर-मंतर पर जो धरना शुरू किया है, अरविंद और मनीष उसी में शामिल होंगे। अरविंद ने इस आंदोलन में अन्ना को पूरा सहयोग देने का आश्वासन भी दिया है। साथ ही इस अध्यादेश पर दिल्ली सरकार का रुख भी अन्ना के सामने साफ किया है। अन्ना के दिल्ली पहुंचने के बाद शाम को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और आशीष खेतान ने महाराष्ट्र सदन जाकर अन्ना हजारे से मुलाकात की। अरविंद और मनीष ने […]

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भूमि अधिग्रहण अध्याधदेश का विरोध का कारण

भूमि अधिग्रहण अध्याधदेश पर मोदी सरकार मुश्किल में नजर आ रही है। एक तरफ तो विपक्ष सरकार को घेरने को तैयार बैठा है दूसरी तरफ अन्ना हजारे ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आखिर किन वजहों से हो रहा है बिल का विरोध, क्यों मोदी सरकार के गले की फांस बन गया है ये बिल, एनडीए सरकार ने क्या बदलाव किए हैं बिल में, जानने की कोशिश करते हैं। मुकदमेबाजी को लेकर बदलाव सरकार ने ज़मीन अधिग्रहण पर यूपीए सरकार के बिल में सबसे अहम बदलाव रेट्रोस्पेक्टिव क्लॉज़ को लेकर किया है। 2013 के कानून में यह व्यवस्था […]

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मोदी राज में उद्योगपतियों के आए अच्छे दिन :अन्ना हजारे

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को किसानों के लिए अन्याय बताते हुए इसे वापस लेने की हुंकार भरते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वह एक बार फिर रामलीला मैदान का रूख करेंगे, लेकिन इस बार अनशन नहीं, बल्कि जेल भरो आंदोलन होगा। नरेंद्र मोदी सरकार की तुलना अंग्रेजों से करते हुए अन्ना ने जंतर मंतर पर कहा कि सरकार किसानों के हितों के विपरीत काम रही है और उद्योगपतियों के अनुकूल फैसले ले रही है। अध्यादेश विरोधी मुहिम को दूसरी आजादी की लड़ाई घोषित करते हुए उन्होंने कहा कि यह […]

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भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ अन्ना का एलान

भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत लोकपाल लाने के लिए जन आंदोलन चला चुके प्रख्यात समाजसेवी अन्ना हजारे अब जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए आंदोलनरत देश के प्रमुख संगठनों का नेतृत्व करेंगे। भ्रष्टाचार, गरीबी, अशिक्षा-मुक्तअसली आजादी के लिए अन्ना ने देशवासियों का आह्वान किया कि सभी राज्यों-जिलों में जाकर पदयात्रा कर लोगों को जागरूक करें और दिल्ली के रामलीला मैदान की ओर कूच करें। हरियाणा के पलवल में एकता परिषद की तरफ से शुरू हुए भूमि अधिकार चेतावनी सत्याग्रह पदयात्रा में शामिल होने देश भर से आए किसानों-मजदूरों को संबोधित करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि इस बार दिल्ली […]

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