हमारे पूर्व राष्ट्रपति कलाम का शिलांग के अस्पताल में निधन !

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apj kalamशिलांग स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईएमआई) में छात्रों को संबोधित करते समय हमारे पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम  की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत बेतानी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बेतानी अस्पताल के निदेशक जॉन सैलो ने आईएएनएस से कहा, ‘पूर्व राष्ट्रपति लगभग मृत अवस्था में हमारे अस्पताल लाए गए। हम उन्हें होश में लाने का प्रयास करते रहे, लेकिन कामयाब न हो सके।’

सैलो ने कहा, ‘उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) इकाई में रखा गया। हमें लगता है कि भाषण देते समय मिसाइल मैन को हृदयाघात (हार्टअटैक) हुआ।’
कलाम का राजनीतिक जीवन

New Delhi, INDIA:  Indian president, Dr. APJ Abdul Kalam, addressed the nation on the eve of India's Republic Day, 25 January, 2007. India will celebrate it's transition to a republic on 26 January 1950.        AFP Photo  (Photo credit should read PRESIDENTIAL PALACE/AFP/Getty Images)
New Delhi, INDIA: Indian president, Dr. APJ Abdul Kalam, addressed the nation on the eve of India’s Republic Day, 25 January, 2007. India will celebrate it’s transition to a republic on 26 January 1950. AFP Photo (Photo credit should read PRESIDENTIAL PALACE/AFP/Getty Images)

डॉक्टर अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। इन्हें भारतीय जनता पार्टी समर्थित एनडीए घटक दलों ने अपना उम्मीदवार बनाया था जिसका वामदलों के अलावा समस्त दलों ने समर्थन किया।

18 जुलाई 2002 को डॉक्टर कलाम को नब्बे प्रतिशत बहुमत द्वारा भारत का राष्ट्रपति चुना गया था और इन्हें 25 जुलाई 2002 को संसद भवन के अशोक कक्ष में राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई।

इस संक्षिप्त समारोह में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य तथा अधिकारीगण उपस्थित थे। इनका कार्याकाल 25 जुलाई 2007 को समाप्त हुआ।

डॉक्टर अब्दुल कलाम व्यक्तिगत ज़िन्दगी में बेहद अनुशासनप्रिय हैं। इन्होंने अपनी जीवनी ‘विंग्स ऑफ़ फायर’ भारतीय युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान करने वाले अंदाज में लिखी है।

इनकी दूसरी पुस्तक ‘गाइडिंग सोल्स- डायलॉग्स ऑफ़ द पर्पज ऑफ़ लाइफ’ आत्मिक विचारों को उद्घाटित करती है इन्होंने तमिल भाषा में कविताऐं भी लिखी हैं। यह भी ज्ञात हुआ है कि दक्षिणी कोरिया में इनकी पुस्तकों की काफ़ी माँग है और वहाँ इन्हें बहुत अधिक पसंद किया जाता है।
आई एन एस सिंधुरक्षक राष्ट्रपति कलाम
यूं तो डॉक्टर अब्दुल कलाम राजनीतिक क्षेत्र के व्यक्ति नहीं थे लेकिन राष्ट्रवादी सोच और राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की कल्याण संबंधी नीतियों के कारण इन्हें कुछ हद तक राजनीतिक दृष्टि से सम्पन्न माना जा सकता है। इन्होंने अपनी पुस्तक ‘इण्डिया 2020’ में अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया। यह भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया का सिरमौर राष्ट्र बनते देखना चाहते थे।

परमाणु हथियारों के क्षेत्र में यह भारत को सुपर पॉवर बनाने की बात सोचते रहे। कलाम विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में भी तकनीकी विकास चाहते थे। डॉक्टर कलाम का कहना था कि ‘सॉफ़्टवेयर’ का क्षेत्र सभी वर्जनाओं से मुक्त होना चाहिए ताकि अधिकाधिक लोग इसकी उपयोगिता से लाभांवित हो सकें। ऐसे में सूचना तकनीक का तीव्र गति से विकास हो सकेगा। वैसे इनके विचार शांति और हथियारों को लेकर विवादास्पद रहे हैं।

इस संबंध में इन्होंने कहा है- “2000 वर्षों के इतिहास में भारत पर 600 वर्षों तक अन्य लोगों ने शासन किया है। यदि आप विकास चाहते हैं तो देश में शांति की स्थिति होना आवश्यक है और शांति की स्थापना शक्ति से होती है। इसी कारण मिसाइलों को विकसित किया गया ताकि देश शक्ति सम्पन्न हो।”

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