सुरेन्द्र शर्मा की हास्य होली के निशाने पर यूं रहे नामी हस्तियां

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dhoni1धौनी पर धमाल

हम क्रिकेटवालों की एक ही नियति है
जीत गए तो सिर पर बैठाएंगे
हार गए तो जूता दिखाएंगे
यह मीडियावाले भी कम नहीं हैं
जीत गए तो रंगारंग कार्यक्रम बनाएंगे
हार गए तो हमारे क्रियाकर्म का सामान जुटाएंगे
हम हारते हैं या जीतते हैं, हम देश के लिए खेलते हैं
खेल कोई युद्ध नहीं, खेल भावना से लीजिए
हमारे चेहरे पर गुलाल लगाइए, कालिख मत पोतिए।

laluलपेट में लालू

हम मथुरा के नहीं, बिहार के यदुवंशी हैं
माखन चुराते हैं, रास रचाते हैं
कोई हमें छोटा समझे, तो मुंह खोल उसे ब्रह्मांड दिखाते हैं
गुजरात वाले रखते होंगे आधुनिक हथियार
हमें तो लात-घूंसे में है विश्वास
आप चुनाव में आधुनिक हथियार ले आए
पर हवा से हवा में मार करनेवाले हथियार ही लाए
पूरे आकाश में धुआं-धुआं कर दिया
नीचे उतरे ही नहीं अपने ही नेताओं को रंग दिखा दिया


modiमोदी पर मार

हमसे पहले वाले तो कुएं के मेंढक रहे
उसी को बस धरती का सागर समझते रहे
लोग हमें भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय प्रधानमंत्री बताते हैं
क्योंकि हम दीवाली अमेरिका में, दशहरा रूस में
ईद ऑस्ट्रेलिया में मनाते हैं
अच्छे-अच्छे को  पानी क्या दूध पिला दिया
नाग पंचमी का त्योहार पाकिस्तान जाकर मना लिया
मनमोहन सिंहजी के अधूरे कामों को पूरा किया है
वे  दस साल में जो नहीं बोले, मैंने दो साल में बोल दिया
क्रिकेट से करें तुलना तो
हम अंतरराष्ट्रीय मैच जीत जाते हैं
पर रणजी में क्लीन बोल्ड हो जाते हैं।

कन्हैया पर कटाक्ष

kanhaiaहम तो आगे की करके दिखाते हैं
ऊ कन्हैया रास रचाया था
हम तो तांडव मचाते हैं
संविधान की इज्जत इस तरह करते हैं
बोलने की स्वतंत्रता का इस्तेमाल
भौंकने की स्वतंत्रता में करते हैं
सैनिकों से कम नहीं हैं हम
वो देश के लिए लड़ते हैं
हम देश में लड़ते हैं
भारत माता करे चीत्कार
हम करेंगे जेएनयू की जय-जयकार।

home minister rajnath singhराजनाथ पर गाज

यूं तो हम मोदी क्रिकेट टीम के
महत्त्वपूर्ण खिलाड़ी कहे जाते हैं
पर हकीकत यही है कि
मुझे खेलने के लिए न बॉल देते हैं
न ही बल्ला थमाते हैं
हमें तो रनर की तरह बस दौड़ाते हैं
न काम का, न धाम का
बताओ ऐसा ताज किस काम का?

 gutthi_ramdevरामदेव पर राग

बंजर खेत में
हमसे जुताई, बुआई और सिंचाई करवाई
फसल जब तैयार होकर आई
तो मलाई औरों को क्यों खिलाई
है ‘दामोदर’ तेरी यह लीला
हमारी समझ में नहीं आई
उस श्री श्री रवि ‘शंकर’ से
हमारी  धरती पर डमरू बजवा रहे हो
और हमसे पेट हिलवा रहे हो।
महेन्द्र सिंह धोनी
हम क्रिकेटवालों की एक ही नियति है
जीत गए तो सिर पर बैठाएंगे
हार गए तो जूता दिखाएंगे
यह मीडियावाले भी कम नहीं हैं
जीत गए तो रंगारंग कार्यक्रम बनाएंगे
हार गए तो हमारे क्रियाकर्म का सामान जुटाएंगे
हम हारते हैं या जीतते हैं, हम देश के लिए खेलते हैं
खेल कोई युद्ध नहीं, खेल भावना से लीजिए
हमारे चेहरे पर गुलाल लगाइए, कालिख मत पोतिए।

 malya2माल्या की खाल

उद्योगपतियों में मैं एक ही तो था कन्हैया
अब मुझसे ही करवा रहे हो ता-ता थैया
हमने धरती पर जो भी काम किया उसमें खूब नाम किया
पर आकाशवाले कामों में उड़नपरियों ने हमें मरवाया
इन मेनकाओं, रंभाओं की वजह से इस इंद्र का सिंहासन डोल गया
और इस चक्कर में मेरा काम ‘टें’ बोल गया
धूमधाम से होली मनाने वालों के यहां
कैसा बुरा वक्त आ गया
रास रचानेवाला, होलिका दहन के काम आ रहा है।

aamirआमिर पर निशाना

कितना फर्क आया है
पहले कुछ भी बोल लेता था
बाद में बोलने के बाद सोच लेता था
सही बोला या नहीं
फिर बोलने से पहले सोचने लगा
कि बोलूं, कि नहीं
और अब यह सोचकर मौन रहता हूं
कि गलती से यह गाना गा दिया-
‘चल उड़ जा रे पंछी कि अब ये देश हुआ बेगाना’
तो लोग कहेंगे
देशद्रोही  है, देश छोड़कर
पाकिस्तान जाने के लिए फड़फड़ा रहा है।

sanjay dutसंजय पर साज

बुरा काम करनेवालों का
जिंदगीभर कुछ नहीं हुआ
पर बुरा वक्त आता है तो
वही होता है जो मेरे साथ हुआ
मुझे एक ही बात समझ में आती है
कहीं नाजायज हथियार मिल जाए
तो सरकार जेल भिजवाती है
और आतंकवादी, उग्रवादी, नक्सलवादी बन जाओ
तो बातचीत के लिए बुलाती है
दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है
घर में मैं चाकू-वाकू तो छोड़ो
अब शेववाला ब्लेड भी नहीं रखता हूं
काम आई मां-बाप और आप सब की दुआ
इस बार होली घर पर मनाऊंगा।

akhileshअखिलेश पर अबीर

मेरे पापा ने मुझे मुख्यमंत्री की कुर्सी थमाई
और मेरे रिश्तेदारों ने उस पर
रखने के लिए अपनी खड़ाऊं थमाई
भाई लोग मुझसे मटकी फुड़वाते हैं
और माखन-मलाई खुद खा जाते हैं
राजनीति भी कैसा गोरखधंधा है
इसमें सेवा नहीं, सिर्फ धंधा ही धंधा है
मुझे एक बात समझ में क्यूं नहीं आती है
राजनीति में विनम्रता कायरता कहलाती है
अब तो मन यह कहता है कहूं कि पापा आओ
ले लो अपनी लकुटी कमरिया, तैने बहुत ही नाच नचायो।

 kejriwalकेजरीवाल पर काजल

मैं सोचता हूं कि अरविंद तू क्या खाक जीता है
यह मुख्यमंत्री पद है या फजीता है
एन.डी.एम.सी. कोई और चलाता है
डी.डी.ए. मेरे अंडर नहीं आता है
कैंटोनमेंट एरिया की मौज है
उसका मालिक फौज है
पुलिस का अपना ही खेल है
उस पर गृह मंत्रालय की नकेल है
बचे-खुचे कामों पर जब यह केजरीवाल ध्यान देता है
तो क्रिकेट के अंपायर की तरह
उपराज्यपाल हर समय अपनी उंगली ऊपर उठा देता है
मेरी दिल्ली की जनता तू ही बता
तुझे मेरी कसम
मैं किस बात का खसम
पर मैंने कई कहावतों को झूठा करके दिखाया है
कहावत है कि अकेला चना भाड़ नहीं झोंक सकता
मैंने बता दिया कि अपनी पर आ जाए तो
अकेला  चना बड़े- से-बड़े को भाड़ में झोंक सकता है।

mayawatiमाया पर महिमा

मुलायम सिंहजी अपने बलबूते पर चुनाव लड़ते हो
जीतने पर बेटे को मुख्यमंत्री क्यों बनाते हो
अगर मैं मुख्यमंत्री होती 
तो काशीराम की कसम
काशी में उस द्वारिकावाले को घुसने नहीं देती
मुझे ‘माया महाठगिनी हम जानी’ बताते हो
इधर-उधर घुसने के लिए छटपटाते हो
तुझमें है, मुझमें है, एक बात तो सच है
दिल्ली तो हम दोनों के मन में है
चलो पुराने झगड़े भूल जाओ
इस बार चुनाव में होली एक साथ मनाओ

anupamखेर की खाल

राजनीति में कई कलाकार आए
पर हमने एक बड़ा काम किया
कलाकारों में राजनीति को ला दिया
एक-दूसरे को आपस में लड़वा दिया
इस लड़ाई के अच्छे परिणाम नजर आएंगे
अगले चुनाव के बाद की होली 
हम संसद भवन में ही मनाएंगे।

राहुल पर चुटकी

मैं तो कई सालों से शादी करना चाहता था
गांधी परिवार को सत्ता संभालने के लिए
कोई वारिस देना चाहता था
पर सबने समझाया कि पत्नी तो
किसी भी उम्र में आ सकती है
पर कुंवारे रहने से
प्रधानमंत्री बनने की संभावना बढ़ जाती है
मैं तो अपने भोलेपन में मारा गया
पूर्व इतिहास की जानकारी ली तो पता चला
यह संभावना तो साठ के बाद आती है
मां ने नहीं पर दिग्विजय सिंह ने मुझमें उम्मीद जगाई है
मैंने भी विवाह करने की जिम्मेदारी उन्हें थमाई है।

shahrukhशाहरुख की शेखी

राजनीति और फिल्म में
कई फर्क नजर आते हैं
फिल्म में हमारी झलक देखने को
लोग तरस जाते हैं
और राजनीति में पैसे खर्च करके
लोग जुटाए जाते हैं
हम अपने क्षेत्र के बादशाह नजर आते हैं
राजनीति में चले जाएं तो
चपरासी की तरह हाजिरी लगाते हैं
फिल्म में कुछ भी बोल दें, तो करोड़ों रुपये मिल जाते हैं
फिल्म से बाहर कुछ भी बोलें, करोड़ों लोग पीछे पड़ जाते हैं

साभारः हिन्दुस्तान

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