सीबीआई और दिल्ली पुलिस ने छोटा राजन को लेकर बनाया मीडिया वालों को बेवकूफ

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cbi_CHHOTA RAJANकब आएगा, कब आएगा के बाद शोर शुरू हुआ, कहां आएगा-कहां आएगा का, छोटा राजन को दिल्ली लाया जाना था, उससे पहले ही यानी  सारे सीबीआई बीट वाले रिपोर्टर्स और क्राइम रिपोर्टर्स अपने अपने न्यूज रूम्स में बताने लगे कि स्वाट(swat) टीम साथ आएगी, कितने कमांडोज एयरपोर्ट पर आएंगे, कितने बजे फ्लाइट आएगी..सारी खबरें सूत्रों के साथ, लेकिन पूरे भरोसे के साथ यही खबर पक्की है। फिर भी सीबीआई और दिल्ली पुलिस ने मिलकर सारे रिपोर्टर्स को ऐन मौके पर गच्चा दे दिया।


हुआ यूं कि जब गुरुवार की शाम पूरा देश एक्जिट पोल सर्वेज देखने में लगा था, उस वक्त सारे क्राइम और सीबीआई बीट के रिपोर्टर्स ये पता करने में लगे थे कि छोटा राजन कितने बजे आएगा और कहां उसे ले जाया जाएगा।

शायद सबने एक ही सूचना अपने न्यूज रूम्स में दी कि छोटा राजन को दिल्ली की लोधी रोधी पर स्पेशल सेल के ऑफिस में रखा जाएगा। हालांकि कुछ सीनियर्स ने सवाल भी उठाए, स्पेशल सेल तो दिल्ली पुलिस की है, सीबीआई वहां क्यों उसे रखेगी?

लेकिन चूंकि सीबीआई ने भी अनऑफीशियल यही सूचना रिपोर्टर्स को लीक की और दिल्ली पुलिस ने भी क्राइम रिपोर्टर्स को यही सूचना दी। ऐसे में दो राय होने का सवाल ही नहीं था।

वैसे भी जब शाम को विडियो रिलीज करने वाली एजेंसी एएनआई ने स्पेशल सेल ऑफिस के बाहर से सिक्योरिटी बढ़ने के विजुअल्स भेजे तो ये तय मान लिया गया कि छोटा राजन को स्पेशल सेल के ऑफिस में ही रखा जाना है। सारे लोगों ने अपनी अपनी ओबी वैन्स को स्पेशल सेल पर रात में ही खड़ा कर दिया।

एक रिपोर्टर स्पेशल सेल पर, एक पालम टेक्निकल एयरपोर्ट पर लगा दिया। लगभग साढ़े पांच बजे फ्लाइट पालम एयरपोर्ट पर छोटा राजन को लेकर आई, कारों का काफिला निकला और कई रिपोर्टर्स उस काफिले के पीछे चल दिए, वो काफिला लोधी रोड पर स्पेशल सेल ऑफिस की तरफ बढ़ा। कई रिपोर्टर्स ने वॉकथ्रूज भी कर दिए। इधर एक दूसरा काफिला निकला, वो सीबीआई हैडक्वार्टर की तरफ बढ़ा। जो बचे हुए रिपोर्टर्स उसके साथ हो लिए।

बहुत देर तक अफरातफरी और गलतफहमी रही, जिन चैनल्स ने अपनी एक एक टीम सीबीआई हेडक्वार्टर पर भी खड़ी कर रखी थी, उनको तो जल्दी पता चला गया सीबीआई का ये खेल, लेकिन बाकी परेशान रहे। दरअसल हुआ यूं था कि मीडिया को गच्चा देने के लिए और सिक्योरिटी की खातिर सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर ये प्लान तैयार किया था।

पहले छोटा राजन का एक डमी ढूंढा गया, जिसकी कद काठी, चेहरा-मोहरा छोटा राजन से मिलता जुलता हो। फिर दो काफिले तैयार किए गए। उसके बाद मीडिया में ये खबर उड़ाई गई कि छोटा राजन को स्पेशल सेल के ऑफिस में रखा जाएगा, एएनआई ने विजुअल्स भी भेज दिए तो उनका काम आसान हो गया।

बाकी तो जो हुआ वो सबने देखा, फिलहाल छोटा राजन सुरक्षित सीबीआई हैडक्वार्टर पहुंच भी गया और जब तक आप सोकर जगे होंगे, सारे रिपोर्टर्स को सीबीआई हेडक्वार्टर से ही लाइव देख रहे होंगे। बिना ये जाने कि रात कितनी हंगामाखेज थी।

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