सितंबर-अक्तूबर के महीने में होंगे बिहार विधानसभा चुनाव

Share Button

राजनामा.कॉम।  बिहार विधानसभा के चुनाव इसी वर्ष सितंबर-अक्तूबर के महीने में होंगे। समाचार एजेंसी पीटीआई ने मुख्य चुनाव आयुक्त के हवाले से यह जानकारी दी है।

मुnasim zaidiख्य चुनाव आयुक्त ने फिलहाल तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया है। चुनाव आयोग चाहता है कि दिवाली और छठ से पहले चुनाव संपन्न हो जाने चाहिए।

उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश सरकार का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। इसलिए चुनाव आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने बताया कि चुनाव शिड्यूल 31 जुलाई तक तैयार कर लिया जाएगा। चुनाव सितंबर या अक्टूबर में कभी भी हो सकता है।

आयुक्त नसीम जैदी ने कहा कि चुनाव में धनबल पर अंकुश लगाने के लिए पूरा इंतजाम किया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार में स्वच्छ व भयमुक्त चुनाव कराने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात किया जाएगा।

मालूम हो कि पिछली बार 2010 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा और जदयू ने मिलकर चुनाव लड़ा था और जदयू को 115 और भाजपा को 91 सीटें आईं थीं।

वहीं राजद को 22, कांग्रेस को 4 और अन्य को 11 सीटों पर सफलता मिली थी।

लेकिन लगभग डेढ़ वर्ष पहले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को आगे किए जाने से नाराज होकर जदयू ने भाजपा से रिश्ता तोड़ लिया था।

इस बार भाजपा को रोकने के लिए जदयू और राजद का गठबंधन में चुनाव लड़ने की चर्चा है और उसका कांग्रेस और वामपंथी दलों से समझौता हो सकता है।

Share Button

Relate Newss:

Hindustan Ad. Scandal: The Registrar orders to list the matter before the court
रघु'राज के लिए शर्मनाक है इस श्रवण कुमार की कठिन पेंशन यात्रा
नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार से कुछ सवाल
बिहार में रंग लाई लालू-नीतीश की दोस्ती
अंततः अरविंद केजरीवाल को मिली सुगर-खांसी से मुक्ति !
भयभीत मनोरंजन ने राजनामा से कहा, सीएम स्तर से दब रहा है मामला !
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को होगी PM मोदी घूस मामले की सुनवाई
‘दुर्ग’ केस में गंभीर हुये सीएम नीतीश, जोनल आईजी करेंगे विशेष जांच
हाँ मै जनता हूँ रामकृपाल यादव को
टीवी टुडे दिल्ली के पत्रकार अक्षय सिंह की संदिग्ध मौत को लेकर सीबीआई के रडार पर आजतक के पत्रकार राहु...
मोदी राज में हुआ 25 हजार करोड़ का एलईडी घोटाला !
पता नहीं कब हम अर्थ और व्यर्थ का अर्थ समझ पायेंगे!
पत्रकार को सिर्फ पत्रकार होना जरूरी नही !
जेएनयू में सफ़ाई अभियान की ज़रूरत है
हरनौत थानाध्यक्ष पर कार्रवाई को लेकर धरने पर बैठे पत्रकार, गंभीर है मामला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...