‘साहित्य सम्मेलन शताब्दी समारोह’ में सम्मानित हुए साहित्यकार मुकेश 

Share Button

बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देश के विभिन्न प्रांतों से सौ युवा साहित्यकारों को इस सम्मान के लिए चुनाव गया था, जिसमें गया के मुकेश कुमार सिन्हा का भी चयन किया गया………”

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क ब्यूरो)। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के शताब्दी समारोह में आयोजित सम्मान समारोह में युवा कवि और साहित्यकार मुकेश कुमार सिन्हा को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने साहित्य सम्मेलन शताब्दी समारोह से सम्मानित किया।

केंद्रीय  विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने युवा कवि और साहित्यकार मुकेश कुमार सिन्हा को सम्मान पत्र और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ भी उपस्थित हुए ।

साहित्य और गजल तथा कविता के समर्पित सिपहसलार युवा कवि मुकेश कुमार सिन्हा किसी परिचय के मुहताज नहीं है। अब तक कई सम्मानों से सम्मानित मुकेश को उत्कृष्ट साहित्य सेवा के लिए ‘साहित्य सम्मेलन शताब्दी सम्मान’ से विभूषित किया गया।

गजल, कविता और साहित्य की दुनिया में स्थापित होने वाले जहीन व्यक्तित्व के धनी मुकेश कुमार सिन्हा को आज  साहित्य सम्मेलन शताब्दी सम्मान मिलने से कविता और साहित्य का मान बढ़ा है।

मूलतः बिहार के गया निवासी मुकेश कुमार सिन्हा वर्तमान में  जिला भविष्य निधि कार्यालय, नवादा में प्रभारी प्रधान लिपिक के पद पर कार्यरत है।

पिछले साल ही राजभाषा विभाग द्वारा बिहार सरकार के अंशानुदान से उनकी पुस्तक ‘तेरा मजहब क्या है चांद’ का प्रकाशन हुआ था। उनकी इस कविता संग्रह में 70 कविताएँ संग्रहित है।जो काफी लोकप्रिय हुई थी।

इसके अलावा इनकी प्रकाशित रचनाओं में गूँज, काव्य सुगंध, कविता अनवरत,समय सारांश का,सत्यम प्रभात सहित कई रचनाएँ शामिल है।

मुकेश कुमार सिन्हा को अब तक कई सम्मान प्राप्त हो चुका है। जिनमें विशिष्ट हिंदी सम्मान,हरियाणा की ओर से काव्य शिरोमणि सम्मान, प्रेमनाथ खन्ना सम्मान, पंचवटी राष्ट्रीय सम्मान, 21वी शताब्दी साहित्य गौरव सम्मान सहित कई सम्मान उनकी झोली में आ चुका है।

Share Button

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...