गेहूँ उत्पादन के लिए बिहार को मिला कृषि कर्मण पुरस्कार

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gehunभारत सरकार ने  वित्तीय वर्ष 2012-13 में गेहूँ के सर्वश्रेष्ठ उत्पादन के लिए  बिहार राज्य को ‘’कृषि कर्मण पुरस्कार’’ से पुरस्कृत किया है। ‘‘कृषि कर्मण पुरस्कार’’ के रूप में भारत सरकार द्वारा संबंधित राज्य के कृषि विभाग को एक करोड़ रूपये की राशि एवं प्रषस्ती पत्र दिया जाता है।

यह पुरस्कार महामहिम राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा दिनांक 10 फरवारी, 2014 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित ‘‘एग्रो फारेस्ट्री कांगे्रस 2014’’ के अवसर पर प्रदान किया गया। बिहार सरकार की तरफ से इस पुरस्कार को बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्राप्त किया।

पुरस्कार के रूप में महामहिम राष्ट्रपति ने माननीय मुख्यमंत्री को मोमेन्टों एवं प्रशस्ती पत्र से सम्मानित किया। साथ ही राज्य को भारत सरकार द्वारा एक करोड़ रूपये की राशि भी प्रदान की गई है।

इस अवसर पर राज्य के माननीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त जयराम लाल मीणा, प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह भी उपस्थित थे। राज्य से गेहूँ में सर्वश्रेष्ठ उत्पादकता प्राप्त करने वाले दो कृषकों के साथ अभांषु सी0 जैन, उप कृषि निदेशक (प्रसार) गये थे।

उक्त पुरस्कार से गेहूँ में सर्वश्रेष्ठ उत्पादकता प्राप्त करने वाले पुरूष कृषक वर्ग में समस्तीपुर जिला अंतर्गत खानपुर प्रखंड के ईलमासनगर ग्राम के मो0 जहिद खान एवं महिला कृषक वर्ग में समस्तीपुर जिला अंतर्गत समस्तीपुर प्रखंड के सिलौत ग्राम की श्री मति कल्पना प्रकाश को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किया गया एवं प्रत्येक कृषक को प्रशस्ती पत्र से सम्मानित किया गया।

 इनके द्वारा गेहूँ में क्रमशः 128.20 क्वींटल एवं 106.00 क्वींटल प्रति हे0 उत्पादकता प्राप्त की गई है। दोनों कृषकों को एक-एक लाख रूपये की राशि भी भारत सरकार द्वारा प्रदान किया गया है।

वर्ष 2012-13 में पूरे राज्य में गेहूँ का उत्पादन 61.74 लाख मे0ट0 हुआ तथा उत्पादकता 27.97 क्वीं प्रति हे0 प्रप्त हुई है। वर्ष 2009-10 में जहाँ गेहूँ का उत्पादन मात्र 44.03 लाख मे0ट0 एवं उत्पादकता 20.81 क्वीं0 प्रति हे0 रहती थी वहीं वर्ष 2012-13 में उत्पादन एवं उत्पादकता में आषातीत बढ़ोत्तरी हुई है।

 यह उपलब्धि कृषि रोड मैप के तहत कृषि विभाग द्वारा लगातार चलाये जा रहे समयबद्ध विभिन्न कार्यक्रमों के कारण हासिल किया जा सका है। फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिये विगत तीन वषों से बड़े पैमाने पर श्री विधि से धान एवं गेहुँ की खेती, जीरो टिलेज विधि से गेहूँ की खेती, हरी चादर योजना, कृषि यांत्रिकरण योजना, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया।

 इस उपलब्धि में सबसे अधिक योगदान बिहार के प्रगतिशील कृषकों का है जिनके अथक परिश्रम से राज्य को ‘कृषि कर्मण पुरस्कार’ प्राप्त करने का गौरव प्राप्त हुआ है। कृषकों द्वारा श्री विधि से धान की खेती एवं संकर किस्म के धान को बड़े पैमाने पर अपनाया गया, जिसके कारण धान के उत्पादन एवं उत्पादकता में आशातीत सफलता प्राप्त हुई है।

गत वर्ष भी बिहार राज्य को वर्ष 2011-12 में धान के सर्वश्रेष्ठ उत्पादन के लिये ‘‘कृषि कर्मण पुरस्कार’’ से माननीय राष्ट्रपति महोदय द्वारा 15 जनवरी, 2013 को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया गया था तथा पुरस्कार के रूप में राज्य को एक करोड़ रूपये की राशि एवं मोमेन्टो प्रदान किया गया था। साथ ही धान में सबसे ज्यादा उत्पादकता प्राप्त करने वाले दो कृषकों को भी एक-एक लाख रूपये की राशि एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान की गयी थी।

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