शराब बंदी के बाद गांजा के धुएं में उड़ता बिहार

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पटना। अप्रैल, 2016 में बिहार मे लागू हुई पूर्ण शराबबंदी के बाद स्‍मगलर्स की चांदी हो गई है। स्‍मगल कर दूसरे प्रांतों से लाई जा रही शराब की बोतलों की होम डिलेवरी तो मुंहमांगी कीमत पर चल ही रही है। इस बीच चौंकाने वाल खबर यह आ रही है कि शराबबंदी के कारण अवैध रुप से बिहार में बिकने वाले गांजा की कीमत भी बिहार में दोगुनी हो गई है।

गांजा की कीमत बिहार में डबल होने की जानकारी नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो (एनसीबी) को तब मिली, जब सर्विलांस पर लिए गए फोन पर गांजा का कारोबार करने वाले ने ताजा भाव बताया।
एनसीबी के बिहार व झारखंड के जोनल डायरेक्‍टर त्रिलोक नाथ सिंह मानते हैं कि बिहार में स्‍मगलर्स अभी गांजा की कीमत 7 हजार रुपये प्रति किलो लगा रहे हैं, जबकि यह भाव अगस्‍त माह तक 4 हजार रुपये प्रति किलो के आसपास था। पिछले साल तक तस्‍कर 2500 रुपये से 3000 रुपये प्रतिकिलो तक बेच रहे थे।

ganja1एनसीबी मानता है कि इधर के दिनों में शराबबंदी के बाद बिहार में गांजा की मांग बढ़ी है। फिर, ब्‍यूरो ने गांजा के कारोबार में लगे गिरोहों के धर-पकड़ की कार्रवाई बुहत तेज की है, इसलिए भी कीमत बढ़ गई है।

ganjaगांजा की खेती और व्‍यापार पूरे भारत में बैन है। फिर भी तस्‍कर में लगे गिरोह अभी उड़ीसा में इसे करीब 3500 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रहे हैं।

नार्थ-ईस्‍ट के प्रदेशों में भाव 2500-3000 रुपये किलो का है। पश्चिम बंगाल में पिछले माह तक यह 4 हजार रुपये किलो बिकता रहा है।

एनआरबी यह भी दावा करता है कि भाव भले बढ़ गये हों, पर पिछले कुछ महीनों में बिहार में ड्रग और गांजा के अवैध कारोबार को रोकने में लगी सभी एजेंसियों ने अच्‍छा काम किया है। कई कामयाबी मिली है। कुछेक बड़े स्‍मगलर्स का खेप पकड़ा गया है। रोकथाम में लगी एजेंसियों में एनसीबी के साथ एसएसबी, बिहार की पुलिस, आर्थिक अपराध इकाई और डायरेक्‍ट्रेट आफ इंटेलीजेंस ब्‍यूरो (डीआआई) भी काम करता है।

सभी एजेंसियों में बेहतर समन्‍वय को बिहार के चीफ सेक्रेट्री अंजनी कुमार सिंह और डीजीपी पी के ठाकुर ने सोमवार को बैठक भी की थी। इसमें राज्‍य की पुलिस से कहा गया है कि वह गांजा की खेती को रोकने को कारगर कदम उठाए। गांजा की खेती अगले माह नवंबर में शुरु होती है। (साभारः लाइव पटना)

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