विनय हत्याकांड में आया नया मोड़, शक के घेरे में अब लेडी टीचर !

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ranchi school crime

झारखंड की राजधानी रांची के सफायर इंटरनेशनल स्कूल में विनय हत्याकांड में डॉग स्क्वॉड के ‘महंथ’ ने एक नया मोड़ ला दिया है। पुलिस महंथ को स्कूल लाई। उसे विनय के हॉस्टल के कमरे में ले जाया गया। उसके कपड़ों को महंथ को सुंघाया गया। उसे जैसे ही छोड़ा गया, वो चलता हुआ सीधे टीचर्स हॉस्टल के पहले तल्ले पर पहुंचा और हिंदी की टीचर वीणा जैन के कमरे में घुस गया है। यहीं बगल के एक अन्य लेडी टीचर के कमरे के पास खून के छींटे मिले हैं।

दोनों ही रहतीं हैं अकेले

-डॉग महंथ सफायर इंटरनेशनल स्कूल के प्रथम तल्ले पर जिस शिक्षिका के कमरे तक गया वह हिंदी की शिक्षिका वीणा जैन हैं।

-उनके ठीक सामने स्कूल की उप प्राचार्य मधुमिता बनर्जी का कमरा है। दोनों शिक्षका अपने-अपने फ्लैट में अकेले रहती हैं।

-मधुमिता बनर्जी के कमरे के बगल में एक कमरा है, जहां ताला लगा था। पुलिस ने ताला खुलवाया, जिसके दरवाजे पर खून के धब्बे मिले हैं।

-पुलिस ने दोनों शिक्षिका के कमरे से कुछ नमूने साक्ष्य के तौर पर लिए हैं, जिसकी वैज्ञानिक तरीके से जांच होगी।

शक इसलिए भी…

पुलिस को इन दोनों पर शक इसलिए भी हो रहा है क्योंकि घटना के दिन हंगामे की वजह से सारे टीचर्स रात में जग गए थे।

पर इन दोनों लेडी टीचर्स को भनक तक नहीं लगी। दोनों ने सुबह छह बजे जगने की बात बताई।

आशंका जाहिर की जा रही है कि विनय ने कुछ आपत्तिजनक देख लिया होगा, जिसकी कीमत उसे जान देकर चुकानी पड़ी।

कौन है वीणा जैन

-वीणा जैन 63 वर्ष की है। वह चलने-फिरने में असमर्थ हैं।

-जमशेदपुर की रहने वाली हैं।

-वीणा जैन अविवाहित हैं।

safayer crimeक्या है मामला

रांची के प्रसिद्ध सफायर इंटरनेशल स्कूल के हॉस्टल के बाहर शुक्रवार को एक 12 साल के स्टूडेंट विनय महतो की हत्या कर दी गई थी। उसकी इतनी पिटाई की गई कि लिवर फट गया। हत्यारों ने ड्रिल मशीन से उसके सिर में छेद कर दिया था।

अब तक क्या हुआ

-मामले की जांच में पुलिस ने सोमवार को सीआईडी के गोल्ड मेडलिस्ट लेबराडोर ट्रैकर डॉग महंथ का सहारा लिया।

-उसे विनय के हॉस्टल के कमरे में ले जाया गया। उसके कपड़ों को महंथ को सुंघाया गया। उसे जैसे ही छोड़ा गया, वो टीचर्स हॉस्टल की ओर चल पड़ा।

-टीचर्स हॉस्टल की दूरी ब्वायज हॉस्टल से करीब 800 मीटर है। दोनों हॉस्टल के बीच दो ऐसे मोड़ हैं, जहां से दो रास्ते निकलते हैं।

-महंथ ने उसी राह को पकड़ा, जिस ओर टीचर्स हॉस्टल है। बिना भटके महंथ चलता गया, उसके पीछे-पीछे पुलिस भी चलती गई।

-पांच मिनट 20 सेकेंड में वह टीचर्स हॉस्टल के पास पहुंचा। लेकिन वह यहां उस कमरे में नहीं गया, जहां से पुलिस ने तीन शिक्षकों को हिरासत में लिया है।

-महंथ सीधे पहले तल्ले पर गया और हिंदी की शिक्षिका वीणा जैन के कमरे में घुस गया।

-यहीं बगल के एक दूसरी लेडी टीचर के कमरे के बाहर खून के छींटे भी मिले।

तीन बाद दोहराई गई प्रक्रिया

child-पुलिस ने कुल तीन बार महंथ को विनय के हॉस्टल ले गई फिर वही प्रक्रिया दोहराई गई।

-महंथ तीनों ही बार उसी राह से टीचर्स हॉस्टल के पहले तल्ले पर वीणा के कमरे में ही घुसा।

-छात्र विनय की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए डीजीपी डीके पांडेय सोमवार को सफायर इंटरनेशनल स्कूल पहुंचे थे। उनके साथ विशेषज्ञों की टीम भी थी।

-डीजीपी करीब तीन घंटे तक स्कूल परिसर में रहे और वैसे हरेक स्थान का बारीकी से मुआयना किया।

अब तक का घटनाक्रम

-शुक्रवार की अहले सुबह विनय टीचर्स हॉस्टल के बाहर घायल अवस्था में गिरा हुआ मिला था। काफी खून बह चुका था।

-टीचर ध्रुवा नंद ने उसके घायल होने की सूचना अन्य टीचर्स को दी। उसे कमरे में ले जाया गया।

-यहां स्कूल की नर्स पुतुल ने प्राथमिक उपचार किया। पुतुल ने बताया कि विनय दर्द से कराह रहा था। कुछ बोलना चाह रहा था, लेकिन आवाज नहीं निकल रही थी।

-पांच-छह शिक्षक उसे लेकर अस्पताल रवाना हुए। लेकिन, बिरसा चौक के पास उसने दम तोड़ दिया।

-शिक्षक उसे लेकर गुरुनानक अस्पताल पहुंचे, जहां से उन्हें रिम्स जाने को कहा गया। रिम्स में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

-पुलिस ने शिक्षक अनूप चक्रवर्ती, ध्रुवा नंद जाना और मंतोष सेन गुप्ता को हिरासत में लिया है।

दाईं आंख लगभग बाहर आ गई थी

-पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की मानें तो विनय की बेरहमी से पिटाई की गई थी। पिटाई के कारण विनय का लिवर फट गया था।

-उसके सिर और पेट पर भी गंभीर चोटें थीं। सिर पर एेसे गहरे जख्म मिले हैं, जो नुकीले हथियार से दिए गए हों।

-इस से उसका दायां आंख लगभग निकल गया था। दो दांत भी टूटे हुए थे।

school hosteशिक्षक के कमरे से मिले बच्चों के पांच अंडर गारमेंट्स

-हिरासत में लिए गए तीनों टीचर्स, हॉस्टल के जिस कमरे में रहते हैं, वहां की तलाशी में पुलिस को कई आपत्तिजनक चीजें मिलीं।

-एक शिक्षक के कमरे की दीवार पर जगह-जगह लिखा था- ‘फेल-फेल-फेल, ऐसे तो न बदलेंगे नसीब’।

-साथ ही फेल-फेल लिखी हुई 30-40 पर्चियां भी मिलीं।

-एक कमरे में बच्चों के पांच अंडर गारमेंट्स मिले तो कंप्यूटर में लड़के को लड़की का रूप दिया गया फोटो।

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