विदर्भ में कब आयेगें अच्छे दिन, पिछले 72 घंटो में 12 किसानों ने की आत्महत्या

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देश-प्रदेश के साथ महाराष्ट्र में भी सत्ता बदल गई। अच्छे दिन लाने के वादे के साथ भाजपा सत्तारुढ़ हो गई।  लेकिन किसानों की खुदकुशी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

पिछले 72 घंटों के भीतर महाराष्ट्र के विदर्भ में 12 किसानों ने खुदकुशी कर ली। इन्होंने इतना बड़ा कदम फसल बर्बाद होने के कारण उठाया।

विदर्भ जन आंदोलन समिति के चीफ किशोर तिवारी ने किसानों की आत्महत्या की पुष्टि करते हुये बताया गया है कि 12 किसानों ने अपनी खेती से तबाह होकर जान दे दी। सभी किसान पश्चिमी विदर्भ के हैं और ये कपास की खेती से जुड़े थे।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों की आत्महत्या पर कांग्रेस और एनसीपी को जमकर निशाने पर लिया था।

विगत 10 अक्टूबर को अमरावती जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था, ‘एक किसान आपसे क्या मांगता है?  क्या वह कार और बंगले की मांग करता है? एक किसान केवल पानी मांगता है। यदि आप उसे पानी दे देते हैं तो वह मिट्टी में सोना पैदा करने की क्षमता रखता है।’  

पीएम ने किसानों की खुदकुशी पर कहा था, ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो किसान पूरे देश को संतरे का जूस मुहैया करा रहा है वह खुद जहर पीने को बेबस है।

चिखलावर्धा गांव के सैयद अंसार अली, दाहेगांव के कौशल कापसे, मंगकिन्ही गांव के पुनाजी मनवार, तांबा गांव के सोमेश्वर वादे, निगनुर गांव के मारोती राठौड़ ने खुदकुशी कर ली। ये सभी किसान यवतमाल जिले के थे।

तीन किसान वर्धा जिले से हैं। ये हैं पिंपलगांव के मधुकर अदसार, देवली गांव के विट्ठल तायवाडे और पिंपलगांव के ही मारोती गोडे।

दो और शिवानी गांव के शिवानंद गीते और गवथाला गांव के सुनील रखुंडे ने आत्महत्या कर ली। ये दोनों बलधाना जिले से हैं।

इसी तरह वसीम जिले में रेगांव के संजय दाखोरे और अमरावती जिले के नीलेश वाल्के ने खुदकुशी कर ली।

विदर्भ जनआंदोलन समिति के चीफ किशोर तिवारी के अनुसार किसानों की आत्महत्या इस क्षेत्र की गंभीर समस्या है।

तिवारी ने कहा कि सरकार को किसानों के बारे में सोचना चाहिए। इनकी फसलों और समस्याओं से सरकार यूं ही बेखबर रही तो किसानों के वजूद को बचाना असान नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि कपास किसानों पर सरकार खासकर संवेदनशीलता से सोचे। इस महीने तक इस क्षेत्र में 52 किसानों ने अब तक आत्महत्या कर ली।

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