राजगीर के इस भू-माफिया को यूं महिमामंडन कर डाला दैनिक हिन्दुस्तान वालों ने

Share Button

नालंदा (INR)। जिले के हृदयस्थली राजगीर की सैराती जमीनों पर अतिक्रमणकारियों का सुराज कायम है। मलमास मेला एवं गौ रक्षणी की सैरात भूमि पर अतिक्रमण कर बड़े-बड़े व्यवसायिक होटल बना लिये गये हैं। इस मामले को लेकर नीचे से उपर तक कहीं भी किसी महकमे के नुमांईदे गंभीर नहीं दिखते हैं।

हद तो तब हो गई जब मीडिया के नुमाईदें भी वैसे लोगों को ही महिमामंडित और प्रचारित करने में जुट गया है। जबकि उससे कुछ भी छुपा नहीं है।

पटना के अखबार दैनिक हिन्दुस्तान द्वारा एक ऑनलाइन डायरेक्टरी प्रकाशित की गई है। उसमें राजगीर के कथित भू-माफिया और मलमास मेला व गौ रक्षणी की सैरात भूमि पर अतिक्रमण कर प्रशासन के लिये चुनौती बने शिवनंदन प्रसाद के राजगीर गेस्ट हाउस होटल का बड़ा विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। यह होटल पूर्णतः राजगीर मलमास मेला की जमीन पर कब्जा कर बनाया गया है। नगर परिषद से इसका नक्शा भी पास नहीं है।

कहा जाता है कि इस विज्ञापन को अखबार के किसी रिपोर्टर ने प्रकाशित करवाई है। यह दीगर बात है कि ऐसे रिपोर्टर, जिले के वरीय पत्रकार पर फर्जी मुकदमा होता है और उस पर एक लाइन भी नहीं लिख पाता है।

दरअसल, कभी दैनिक हिन्दुस्तान में किसी रिपोर्टर को विज्ञापन संकलन करने की सख्त मनाही थी। अगर कोई रिपोर्टर प्रबंधन के विज्ञापन प्रतिनिधि को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर मदद भी करता था तो श्री आलोक मेहता, श्री चन्द्रप्रकाश गुप्ता, श्री सुनील दुबे सरीखे संपादक उसकी भनक मिलते ही कान पकड़ कर बाहर कर देते थे।

लेकिन आज स्थितियां काफी बदल गई है। प्रखंड स्तर के रिपोर्टरों को समाचार के कम और विज्ञापन के अधिक टारगेट दिये जाते हैं। इस टारगेट में रिपोर्टर लोग सारी मर्यादाएं लांघने में कोई हिचक महसूस नहीं करते। अखबार को सिर्फ पैसा और पैसा तथा रिपोर्टर को सिर्फ कमीशन और कमीशन चाहिये। इस होड़ में एक अखबार में एक प्रखंड से कई रिपोर्टर तक बनाये जा रहे हैं।

सबसे बड़ी बात कि ऐसे रिपोर्टरों को विज्ञापन नीति और उससे जुड़े कानून की भी कोई जानकारी नहीं होती कि किस तरह के विज्ञापनों के प्रकाशन पर उसके खिलाफ किस तरह की कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

Share Button

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.