रांची के जीवन में यूं उमंग भर रहा है एफ़एम रेनबो

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एफ़एम रेनबो के प्रसिद्धि को जो आरजे आज अपने स्वर लहरियों से परवान चढ़ा रहे हैं, उनमें शिल्पी सहाय, सीमा तिवारी, आरती सिंह, वैशाली गुप्ता, मंजूषा चौधरी, रेहान जलीली,बिनीता रौनक और अरविंद प्रताप के नाम प्रमुख हैं……………….”

राजनामा.कॉम। हिंदुस्तान के बड़े मेट्रोपोलिटन शहरों में धूम मचाते हुए ऑल इंडिया रेडियो रांची से सम्बद्ध एफ़एम रेनबो रांची की सेवा राजधानी रांची के लोगों के जीवन में भर रहा है जीवन का उमंग।

एक साल पहले यानी कि 2018 में राजधानी रांची में शुरू हुआ एफ़एम रेनबो का सफ़र उतार चढ़ाव से परिपूर्ण रहा है। लेकिन आज एफ़एम रेनबो के बहुरंगी प्रोग्रामों नें झारखण्ड के विभिन्न इलाकों में अपने लाखों लिशनर्स बना लिए हैं।

यानी बेहद ही कम समय में ही एफ़एम रेनबो नें कमाल का काम किया है जबकि रांची एफ़एम रेनबो रांची को मात्र दो घण्टे का ही समय दिया गया ही, अब तो लोगों की यह मांग भी होने लगी है कि इसकी प्रसारण समय की अवधि को बढ़ाया जाए।

आज से एक साल पहले ऑल इंडिया रेडियो के तत्कालीन कार्यक्रम निदेशक राजेश कुमार गौतम नें एफ़एम रेनबो को शुरू किया था, जो वाकई चैलेंज से भरा काम था, लेकिन उन्होंने तमाम प्रतिकूलताओं में भी अपनी दूरदृष्टि से ऑल इंडिया रेडियो रांची से जुड़े 70 से भी ज़्यादा कैजुवल अनाउंसरों में से आठ नगीनों को छांट कर निकाला और उन्हें तराश कर आरजे बनाया। जो आज अपनी भाषा शैली, और कमाल की संवाद अदायगी से लोगों को ज्ञान वर्द्धक सूचनाओं के साथ उनका मनोरंजन भी कर रहे हैं।

श्री गौतम ने तब उस समय रेनबो सफल संचालन के लिए पैक्स के रूप में यानी कार्यक्रम अधिशाषी के रूप में पंकज मित्रा को यह जिमेवारी दी थी। मृदुभाषी पंकज मित्रा और दूर दृष्टि से भरे राजेश गौतम की अगुवाई में आरजे की मदद से एफ़एम रेनबो नें सफलता के एक साल पूरे कर लिए हैं।

रांची के एफ़एम रेनबो 100.5 पर आप हल्लो रांची, रूबरू, आधी हकीकत आधा फ़साना, उड़ान, हंसी के हँसगुले, सखी सहेली, लव यू ज़िन्दगी, कहकशां, यादों के सरगम, हंसी के हँसगुले, वादियां मेरा दामन, रेनबो मेल,  झूमे झारखण्ड, झूमे नाचे गाएं, रेनबो के रंग हमारे संग और गपशप जैसे डेढ़ दर्जन के करीब प्रोग्राम आज राजधानी की फ़िज़ा में मस्ती घोल रहे हैं।

आज एफ़एम रेनबो रांची के प्रसारण के एक साल पूरा होनेवाला है। हालांकि झरखण्ड कैडर के आईएस अधिकारी अमित खरे को सूचना मंत्रालय का सचिव बनाये जाने के बाद एफ़एम रेनबो के विकास की संभावनाएं बढ़ गयी है, क्योंकि वे झरखण्ड की नब्ज को बखूबी समझते हैं।

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