रघु’राज के प्रमुख प्रेस सलाहकार योगेश किसलय ने फेसबुक पर उड़ेली ओछी मानसिकता

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रांची (मुकेश भारतीय)। झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रेस सलाहकार योगेश किसलय की सोशल साइटों पर थू-थू हो रही है। फेसबुक और ट्वीटर पर तो कहीं चुटेले तो कहीं आक्रोश का आलम है। कोई उनकी हंसी उड़ा रहा है तो कोई नालायक सरकारी पत्रकार बता रहा है।

दरअसल झारखंड-बिहार की मीडिया में अपनी अलग भगवा छाप रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार योगेश किसलय ने अपनी फेसबुक टाइम लाइन पर विगत 14 अप्रैल,2017 को एक फर्जी फोटो के साथ अत्यंत विवादित कमेंट शेयर की है। योगेश किसलय किस जाति और वर्ण से आते हैं, ये लोगों को भले पता न हो लेकिन उनकी मंशा से साफ जाहिर है कि वे संविधान द्वारा आरक्षित पिछड़ी, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक आदि वर्गों के विरुद्ध अत्यंत जहरीली मानसिकता रखते हैं।

साथ ही किसी अज्ञात फोटो को बिहार से जोड़कर ओछी टिप्पणी करने के पहले वे शायद यह भूल गये हैं कि फिलहाल जिस सत्ता की चासनी में डूबे हैं, उसका मुखिया भी पिछड़ा वर्ग से ही ताल्लुकात रखने वाले हैं।

राजनामा.कॉम ने योगेश किशलय की पोस्ट-कंमेंट को लेकर सोशल साइट पर पड़ताल की तो आश्चर्यजनक नजारे देखने को मिले। चूकि योगेश किसलय अब एक कोई साधारण पत्रकार नहीं ठहरे। वे आज झारखंड जैसे प्रांत के मुखिया रघुबर दास सरीखे के प्रमुख प्रेस सलाहकार हैं।

इसमें कोई शक नहीं कि उनके द्वारा प्रेषित फोटो पूर्णतः फर्जी है और उनका कमेंट अशोभनीय। अपने उद्गार व्यक्त करते वक्त वे भूल गये कि यह सोशल साइट है और यहां से उधार ली गई चीजें कहीं अधिक बनावटी होती हैं। मीडिया के कुछ धुरंधर लोग सत्यता परखने की सलाह खूब देते हैं लेकिन खुद दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और फरेबी चर्चा पाने की लालसा में सरेआम अपनी मिट्टी पलीद कर जाते हैं।

मुझे नहीं लगता कि योगेश किसलय सरीखे लोगों को किसी निर्वाचित सरकार के चीफ मीडिया एडवाइजर बने रहने या रखने का नैतिक अधिकार की कहीं कोई गुंजाईश बचती है।

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