ई बाबूलाल मरांडी ही हैं साहब

Share Button
Read Time:3 Minute, 36 Second

देखिये इन्हें। ये झारखण्ड के प्रथम मुख्यमंत्री और सांसद श्री बाबू लाल मरांडी जी हैं जो पिछले पंद्रह दिनों से पाकुड़ जिले के पनचुवाडा गाँव में डेरा डाल कर विस्थापितों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसी चापाकल पर स्नान और खुले आसमान के नीचे रात्री विश्राम . उन्हें पता है कि गरीबों के हक़ की लड़ाई यूँ ही नहीं लड़ी जाती। उन्हें यह भी पता है कि आंदोलन कैसे किया जाता है। अगर उनके बारे में पिता की विरासत पर गुलछर्रे उड़ने वाला कोई नवसिखुआ कहे कि ” मरांडी जी को आन्दोलन करना सीखना चाहिए” तो आप क्या कहेंगे उसे?

मरांडी जी पेनम कोयला खदान से विस्थापित हुए उनलोगों के मांग का समर्थन कर रहे हैं जिनके साथ पेनम ने धोखा किया है। विस्थापितों की मांग बस इतनी कि कोयला खदान खोलने से पहले स्कूल अस्पताल जैसे जो कल्याणकारी काम 2007 दिसंबर से पहले पूरा कर चालू कर दने का करार पेनम प्रबंधन ने विस्थापितों से किया था वह छह साल बाद भी क्यों नहीं पूरा हुआ। महज कुछ करोड़ रूपये के ये काम नहीं कर गरीबों के साथ विस्वाश्घात क्यों हुआ? जबकि गुजरे छह सालों में पेनम इन्ही विस्थापितों की छाती यानि उनकी धरती का सीना चीर करीब 355 अरब रूपये का कोयला यहाँ से ले गई है।

विस्थापित चाहते हैं कि खदान के मालिक उज्जवल उपाध्याय यहाँ आयें और बताएं कि वह करार कबतक पूरा करंगे जिसे उन्हें छह साल पहले ही पूरा कर देना था। पर बेचारे उज्जवल जी इतने व्यस्त हैं की वे पंद्रह दिनों में उन गरीब दलित आदिवासियों से मिलने आने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे, जिनकी छाती चीर कर रोज 36000 टन कोयला ले जाते हैं और इसी की कमाई से वे खरबपति बन गये हैं। । अलबत्ता उनके पास रांची आने और सत्ताधीशों और नौकरशाहों से मिलकर विस्थापितों के हक़ की लाश पर आन्दोलन को तहस नहस करने की योजना पर मंत्रणा करने के लिए पूरा वक़्त है। वाह रे झारखण्ड की सरकार। इसे विस्थापितों का वाजिब हक़ दिलाने से कोई सरोकार नहीं।

सरकार चाहती तो विस्थापितों की मांगे पूरी करा कर दुनिया को यह बताती कि गरीब आदिवासी विस्थापितों को भिखारी बनाकर छोड़ देने का जो काम बिहार के ज़माने में होता था वैसा झारखण्ड के ज़माने में नहीं होगा। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि पेनम कोयला खान झारखण्ड राज्य बनने के बाद खुलने वाला पहला प्रोजेक्ट है जिसमे गरीब आदिवासियों का विस्थापन हुआ है। इन विस्थापितों की सुधि झारखण्ड सरकार कब लेगी?

…. सुनील तिवारी की रिपोर्ट

 
 
0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Share Button

Relate Newss:

महिषी के उग्रतारा मंदिर की 300 साल परंपरा टूटी, बिना मदिरा हुई निशा पूजा
हिन्दुस्तान रिपोर्टर पर हमला, हुआ काउंटर केस, खतरे में आंचलिक पत्रकारिता
मैग्सेस पुरस्कार पाने वाले 11वें भारतीय हैं रवीश कुमार
बीमार पत्रकार की सुध लेने पहुंचे अर्जुन मुंडा, दिया हरसंभव भरोसा
The Telegraph ने राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री-गृहमंत्री की तस्वीर लगा यूं छापी लीडः We the idiots
पुलिस फायरिंग में दो मधेसियों की मौत, 40 से अधिक घायल
ABP न्यूज़ चैनल की पब्लिक डिबेट में BJP माइंडेड एकंर ने 'ललुआ' कहा, मचा हंगामा
सुलगते सवालों का अजायब घर है अवनीन्द्र झा की 'मिस टीआरपी' पत्रकारिता
नहीं नपे झारखंड के जमीन माफिया-दलाल-पुलिस
पुलिस का दलाल बन वसूली करने वाला कथित पत्रकार समेत दारोगा धराया, गया जेल
गुजरात के 'प्रेस वाहन' से नालंदा में शराब की यूं तस्करी होना गंभीर बात
दैनिक जागरण के पटना इनपुट और स्टेट हेड का तबादला, कई अन्य भी हुए इधर-उधर
फोर्ब्स मैंगजीन की 1000 ताकतवर लोगों की सूची में 9 वें स्थान पर पहुंचे मोदी
'थर्ड वर्ल्ड वार' की ओर बढ़ रही है दुनिया
रांची के जीवन में यूं उमंग भर रहा है एफ़एम रेनबो
चीनी ऑनलाइन वाणिज्य कंपनी अलीबाबा ने घंटे भर में की 3.9 अरब की शापिंग
अंततः सरायकेला पुलिस ने पत्रकार वीरेंद्र मंडल को जेल में डाल ही दिया !
आग की खबर कवरेज के दौरान पत्रकारों से मारपीट, जान से मारने की धमकी
जानिए विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई की अलग कहानी, संतोष भारतीय की जुबानी
हिंदी पत्रकारिता दिवस: बिहार में साहित्यिक पत्रकारिता का विकास
गूगल कंपनी में करीब 200 बकरियां नौकरी, वेतन सहित मिलती हैं अन्य सुविधाएं
महिला ने कुख्यात देवर को बचाने की मंशा से थानेदार के खिलाफ यूं बनवाई सुर्खियां
हामिद मीर को मिल रही हैं पाकिस्तान छोड़ने की धमकियां
क्या वाकई नालंदा डीएम ने कहा- 'एक्सपर्ट मीडिया वाले को रोक देना'?
लखन सिंह के बहाने राज्यपाल सलाहकार को चुनौती देने वाला कौन है भाजपा नेता ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...