मोहन श्रीवास्तव की पत्नी भी है सेक्स रैकेट में संलिप्त !

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मोहन ने जेल से ही दी कई नेताओं को पोल खोलने की धमकी

gaya

मोहन श्रीवास्तव के गया स्थित आवास पर छापेमारी ! पुलिस कर रही पत्नी मनीषा श्रीवास्तव की तलाश। आखिर किसके हवाले की गर्इं पार्लर से धरायी युवतियां ? 

 बीते सोमवार को पटना के होटल में रंगरेलियां मनाते पकड़े गए गया के डिप्टी मेयर ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव की पत्नी मनीषा श्रीवास्तव की तलाश में गया की कोतवाली थाना पुलिस ने रविवार को अहले सुबह मोहन श्रीवास्तव के नई गोदाम स्थित आवास पर छापेमारी की पर वहां ताला बंद मिला। बताया जाता है कि मनीषा घर में ताला बंद कर पहले ही फरार हो गई थी।

गौरतलब है कि गया की कोतवाली थाना पुलिस ने सिटी डीएसपी सोनू कुमार राय के नेतृत्व में बीते 25 दिसम्बर को मनीषा के मकान में चल रहे ‘स्वर्गलोक’ नामक पार्लर में छापेमारी कर अनैतिक देह व्यापार का खुलासा करते हुए देह व्यापार में लिप्त तीन युवतियों को हिरासत में लिया था जिन्हें बाद में पूछताछ के बाद नीजी मुचकले पर छोड़ दिया गया था। पर उन युुवतियों की जमानत किसने ली यह अब भी एक रहस्य है।

सूत्र बताते हैं कि मोहन श्रीवास्तव का ही आदमी फर्जी नाम और पते से उन तीनों युवतियों की जमानत ली थी जो युवतीया आज भी इस धंधे से जुड़ी हैं। बताया जाता है कि अनैतिक देह व्यापार मामले में पुलिस मनीषा श्रीवास्तव की संपत्ति को अटैच करने की कार्रवाई भी शुरु कर दी है वहीं मोहन श्रीवास्तव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की भी जांच हो रही है।

गया के एसएसपी निशांत कुमार तिवारी ने संपत्ति एटैच मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अनैतिक देह व्यापार अधिनियम में अनुमंडलाधिकारी को धारा-18 के तहत यह शक्ति प्रदत है कि वह ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्ति के मकान जहां देह व्यापार चल रहा हो को एक वर्ष के लिए कुर्क कर सकते हैं। एसएसपी ने बताया कि ‘स्वर्गलोक’ नामक जिस पार्लर में छापेमारी कर देह व्यापार का खुलासा किया गया वह पार्लर मोहन श्रीवास्तव का भतीजा अमित कुमार के नाम से है।

अमित ने पुलिस और कोर्ट को दिए गए किराएना में के डीड एग्रीमेंट और अपने लिखित बयान में यह बताया है कि वह अपनी चाची मनीषा श्रीवास्तव से 50 हजार रुपये कर्ज लेकर इस पार्लर का संचालन कर रहा था जिससे यह जाहिर है कि मनीषा की भी इस मामले में संलिप्तता है जिस आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

इधर पटना से गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेजे गए डिप्टी मेयर ने कई नेताओं को फोन कर मदद करने अन्यथा उनका नाम उजागर करने की धमकी दी है। सूत्रों के अनुसार बेऊर जेल के गंगा खंड के वार्ड संख्या 5/6 में एक ट्रांसपोर्टर की ही हत्या मामले में पहले से ही कैद गया के एक ट्रासपोर्टर की सरपरस्ती में रह रहे मोहन ने शनिवार को कई नेताओं और अपने कई आकाओं को फोन किया।

उधर गया से प्राप्त खबरों के अनुसार कायस्थ महासभा की गया इकाई ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए आज एक आपात बैठक बुलाई है। सभा का मानना है कि मोहन श्रीवास्तव की गलतियों की सजा उनकी पत्नी को नहीं मिलनी चाहिए।

….. पटना से  वरिष्ठ पत्रकार विनायक विजेता अपने फेसबुक वाल पर  

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