मोदी जी का ‘लूट लो झारखण्ड’ ऑफर

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जी हां भाजपा की केंद्र और राज्य दोनों जगह सरकार होगी तो विकाश होगा। बहुत रॉयल्टी आयेगी। संपन्न राज्य बनेगा झारखण्ड। कोयले की नीलामी भी हुई पर तेल में सरचार्ज लगा दिया गया। ट्रक वाले बंगाल, उड़िसा, बिहार से तेल भरने को विवस हो रहे है। बालू का उठाव रोक दिया गया। खजाना खाली हो गया। केंद्र ने कहा- अभी पैसा नहीं मिलेगा।

col_minesइधर, कोयले में सरकार ने बड़ी डकैती शुरु कर दी है। हमारे झारखण्ड को फुल प्रूफ लूटने का खाका तैयार कर लिया गया है। यहाँ कोयला से चलने वाले 300 उद्योग चल रहे है। इन्हें कोयला नहीं मिल रहा है।

कहा जाता है कि आप ई ऑप्शन से कोयला खरीदो। लोकल मजदूर कमाई खर्च वाले इन उद्योगों को पिपरवार से 4000 रु प्रति टन कोयला खरीदना पड़ रहा है। ज़बकि अडानी को बगल के आम्रपाली से 1100 रु टन कोयला मिल रहा है। दूसरे राज्यों में ले जाने के लिए जाहिर तौर पर लूट के इस ऑफ़र को अदानी बेदर्दी से लूट रहे है।

आम्रपाली में 270 रु टन का रंगदारी दिया जा रहा है, जो नक्सली और पुलिस मिलकर बांट रहे है।

यह कोयला बरकाकाना में रैक लोडिंग होता है। वहां 250 रु प्रति टन रंगदारी है। इसमें बड़े रंगबाज़ और नक्सली का हिस्सा है। यह पैसा DGP से लेकर सीएम दरबार तक जाता है। दोनों जगहों से इसलिए रंगदार, नक्सली दोनों को खुली छुट मिली है।

col_jhaआम्रपाली में तो CRPF का भी एक हिस्सा जाता है। इसलिए ज़रूरत पड़ने पर पुलिस से लेकर CRPF तक इनके बुलावे पर दुम हिलाते दौड़े चले जाते है। ज़बकि इन लोहा कोयला ,आयरन और इंगोट फैक्टियो को यह ऑफ़र मिलता तो चोरी के बावजूद राज्य का ही भला होता। बेतरतीब तरीके से झारखण्ड के खनिज लवण को लूटने का सारा ब्लू प्रिंट अब गुजरात में हर दिन बन रहा है। उसका इम्प्लीमेंट हो रहा है।

मुख्यमंत्री कहते हैं कि नक्सलियों की गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे। यह बोलने की बात है। क्या यह सब उन्हें बैलगाड़ी में बैठाकर समझाना होगा?  बहुत कठिन प्रश्न है। पर सच है।

col_minsआदमी को कोयला ज़लाने के लिए नहीं मिलता है और अडानी अडवानी को एक रु प्रति किलो कोयला दिया जा रहा है। राज्य के भी कुछ फर्जी इंडस्ट्री वालों को कोयला सब्सिडी में मिल रहा है। जिनके फक्ट्री से कभी धुवां भी नहीं निकलता है। सीधे बाज़ार में कोयला बेचा जाता है।

वैसे सीधे बाज़ार में अडानी अडवानी भी कोयला बेच रहे है। और हमें चोरी का कोयला खरीदना पड़ता है।  जेल, पुलिस लाईन, आम आदमी, सभी के यहाँ चोरी का ही कोयला 5 रु प्रति किलो खरीदना पड़ रहा है।

उस पर भी हमारे जन प्रतिनिधि मुंह में रुमाल दबाये विधानसभा में चुप्पी साधे बैठे रहते है। लोकसभा में तो मानो सांसदो को साप सूंघ जाता है। गरीब जनता की आवाज़ उठाने वाला अब शायद कोई नहीं। सब कार्पोरेट के दलाल बन चुके है। …..हजारीबाग के पत्रकार टीपी सिंह अपने  फेसबुक वाल पर।

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