बिहार की ‘निर्भया’ की नीति और नियत पर उठे सबाल

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पटना (विनायक विजेता)। दलित समाज से आने वाले एक बिहार के एक पूर्व मंत्री की कथित नाबालिग बेटी का यौन शाषण मामला जहां दिन-प्रतिदिन पेचीदा होता जा रहा है वहीं इस मामले में ऐसे कई चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं जो मीडिया जगत में ‘बिहार की निर्भया’ के नाम से चर्चित कर दी गई इस युवती की नीति और नियत पर सवाल खड़े कर रहें हैं।

गौरतलब है कि ‘निर्भया’ ने पटना के एक ओटोमोबाइल व्यवसायी निखील प्रियदर्शी, उसके एक दोस्त व मैनेजर संजीत कुमार शर्मा, रिटायर्ड आईएएस पिता व बड़े भाई मनीष प्रियदर्शी पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए पटना के एससी-एसटी थाने में मामला दर्ज कर कराया था। दर्ज मामले में ‘निर्भया’ ने खुद को नाबालिग करार दिया जिस कारण यह मामला पास्को एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया।

इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब ‘निर्भया’ ने एक सप्ताह पूर्व कोर्ट में अपने दिए बयान में बिहार प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडेय को भी निखिल का दोस्त बताकर उस पर भी यौन शोषण और दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाए। इस आरोप के बाद भूमिगत हुए ब्रजेश ने जहां अपने पद से इस्तीफा दे दिया वहीं, इस मामले में चार आरोपित भी गिरफ्तारी के भय से फरार है। न्यायालय ने इन सभी की अग्रिम जमानते रद्द कर दी हैं।

आखिर इस मामले में ऐसा क्या है, जो ‘निर्भया’ को भी कटघरे में खड़ा कर रही हैं। ‘निर्भया’ने वर्ष 2012 में सीबीएससी से दशवीं की परीक्षा पास की परीक्षा पास की। पर चौकाने वाली बात यह कि कि ‘निर्भया’ के पास इस परीक्षा के दो अलग-अलग मार्कशीट हैं।

एक मार्कशीट में उसकी जन्म तिथि 17 जनवरी 1998 दर्शायी गई है जबकि दूसरे मार्कशीट में उसकी जन्म तिथि 17 मार्च 1998 बतायी गई है। दोनों मार्कशीट में ‘निर्भया’ के अंतिम में तो फर्क है पर दोनों प्रमाण पत्रों में माता- पिता के नाम समान हैं।

17 मार्च 1998 की जन्म तिथि में उसका नाम जहां …….. प्रसाद दिखाया गया है वहीं 17 मार्च 1998 की जन्म तिथि वाले मार्क्स शीट में उसका नाम ……….जयदेवा दर्ज है। जयदेवा वाले दूसरे नाम पर किसी तरह की शंका इसलिए नहीं की जा सकती क्योंकि कथित ‘निर्भया’ अपना वाट्सएप ……..जयदेवा के नाम से ही इस्तेमाल करती है जिस वाट्सएप नंबर पर उसके सैकड़ो दोस्त हैं।

कथित ‘निर्भया’ ने इसी नाम और नंबर वाट्सएप से कई बार निखिल प्रियदर्शी को रुपये और एक लग्जरी गाड़ी देने अन्यथा पूरे परिवार को तबाह करने की धमकी दी थी जो आज पहली बार सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो रहा है। जबकि उसने थाने में प्राथमिकी अपने ……..प्रसाद वाले नाम से की है।

‘निर्भया’ के एक सर्टीफिकेट के अनुसार वह बालिग है तो 17 मार्च 1998 की जन्म तिथि वाले मार्क्सशीट के अनुसार नाबालिग। निर्भया द्वारा इस मामले में दर्ज करायी गई प्राथमिकी के बाद उसकी कराई गई सरकारी मेडिकल जांच और रिपोर्ट में भी कथित निर्भया की उम्र 19 वर्ष से उपर बतायी गई है।

निर्भया से संबंधित तथ्य के उजागर होने के बाद यह पूरा मामला पैसा,प्यार और ब्लैक मेलिंग से जुड़ा लग रहा है। निर्भया के आरोप के अनुसार निखिल ने उसकी कुछ आपत्तिजनक अवस्था की तस्वीर लेकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था पर निर्भया से संबंधित कुछ सबूत सामने आने के बाद मामला कुछ और दिख रहा है।

वास्तविक मामला क्या है और वास्तविक में दोषी कौन हैं यह तभी तय होगा जब फरार आरोपित पकड़े जाएं और अपना मुंह खोलें।

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