फुहर है आज की मीडिया, आरोपी को इस तरह बचा रही है एसआईटी !

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अपने फेसबुक वाल पर कशिश न्यूज़ के रिपोर्टर संतोष सिंह…..

याद करिए बांबी हत्याकांड हलांकि हमलोगों के जेहन में इस हत्याकांड को लेकर कुछ याद नही है लेकिन आज भी जब कभी राजनैतिक हत्या कि चर्चा होती है तो बांवी के नाम कि चर्चा हुए बगैर वो चर्चा अधूरी रहा जाती है, उस हत्याकांड के आरोपी को कोई सजा तो नही मिली। लेकिन उस कांड का गुनहगार कौन था और 80 के दशक में ही राजनीत का चेहरा कितना घिनौना हो चुका था, इसका एहसास उस हत्याकांड कि स्टोरी पढकर आप समझ सकते हैं।

हालांकि चर्चा के दौरान ये भी बाते सामने आती है कि अभी के समय में मीडिया जितना सशक्त है बांबी हत्य़ाकांड जैसे मामले के आरोपी बच नही सकता है लेकिन मैं ये दावे के साथ कह सकता हूं कि उस वक्त कि मीडिया जितनी मजबूत और सशक्त थी, आज की मीडिया उतनी ही फुहर और गैर जिम्मेदराना है। खेल क्या चल रहा है। निर्भया के साथ रेप करने वाला, उसका सीडी बनाने वाला, ब्लैक मेल करने वाला, मुख्य और नामजद आरोपी मीडिया और तथाकथित सोशल मीडिया जो आजकल दावा करती है कि कोई बच नही सकता, चाहे गुनाहगार कितना भी बड़ा क्यों ना हो, उसके फोकस में ही नही है।

चलिए इस मामले में आप भी देखिए किस तरीके से एसआईटी मुख्य अभियुक्त को बचा रही है…  

  1. निर्भया 22-12-2016 को निखिल प्रियदर्शी के खिलाफ रेप का मामला दर्ज करता है 23 दिसम्बर को पूरी मीडिया में ये खबर छा गयी और निखिल बेफिक्र हो कर 24 तारीख के शाम सिनेपोलिस में दंगल फिल्म देख रहा है उसके फेसबूक प्रोफाईल पर देखिए सब कुछ साफ दिख रहा है रेप का मामला दर्ज हो और वो व्यक्ति इतना बेफ्रिक धुआ उड़ा रहा है अपने दोस्तों के साथ।।।

  2. इतना ही नही एक पत्र कि कांपी देख रहे हैं एक व्यक्ति है अजीत कुमार जिसका इस केस से कोई वास्ता नही है लेकिन वो आवेदन देता है कि पीड़िता झुठ बोल रही है 20 वर्ष से अधिक उर्म है ये स्वेच्छा से निखिल के साथ रहती थी और निखिल का अच्छी दोस्त थी किसी बात पर अनबन हुआ तो पीड़िता धमकी देने लगा कि तुम्हारे पूरे परिवार को केस में फंसा देगे बाद में एक करोड़ रुपया और एक ओडी गांड़ी कि मांग कि नही देने पर केस किया एक गुमनाम व्यक्ति जिसको इस केस से कोई सीधा वास्ता नही है उसके आवेदन पर,पुलिस निखिल पर कारवाई करना छोड़ उस गुमनाम व्यक्ति के आवेदन पर जांच करना शुरु कर दिया और इस दौरान निखिल बिहार से बाहर भाग गया उस गुमनाम पत्र पर पुलिस 20 दिन तक काम किया और निर्भया के खिलाफ इतना साक्ष्य डायरी में ला दिया है कि निखिल आराम से बरी हो जायेगा।

  1. घटना हुए आज 64 वा दिन है अभी तक निखिल जो नामजद अभियुक्त है उसके खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी का वारंट तक नही लिया गया है इस बीच निखिल के परिवार को कोर्ट से राहत भी मिल गया कोर्ट ने निखिल के पिता और भाई के गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दिया है, वही ममता कल्याणी के सुपरभिजन में मुख्य अभियुक्त के खिलाफ साक्ष्य संकलन नही करने पर स्पष्टीकरण भी पुंछा गया है और निखिल प्रियदर्शी को छोड़ कर अन्य दो अभियुक्त सजीत कुमार शर्मा और ब्रजेश पांडेय के खिलाफ प्रयाप्त साक्ष्य नही होने के कारण गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया है और एसआईटी को उन दोनों के खिलाफ साक्ष्य संकलित करने का आदेश दिया है।

एसआईटी के इस रवैये के पीछे रसुख के साथ साथ बड़े डील कि भी चर्चा हो रही है, उसका भी जल्द ही खुलासा हो जायेगा। वैसे लगतार बाउंसर और आउटस्विंग खेलते खेलते मेग्राथ,स्टीव के डर से बाहर निकल गये हैं और अब छक्का चौका लगाने की तैयारी चल रही है। ऐसा कभी कभी लम्बी पारी खेलने के लिए डिफेन्सीभ खेल भी खेलना पड़ता है। देखिए देखिए बड़ा आनंद आयेगा, इंसान पर से विश्वास ना कही उठ ही जायेगा। वैसे ऐसे मामले में काम करने पर समाज में क्या बदलाव हो रहा है। हमारी युवा पीढी क्या सोचती है। इसकी एक समझ आपको जरुर हो जायेगी।

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