प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर का राजगीर मलमास मेला सैरात भूमि को लेकर ऐतिहासिक आदेश

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राजगीर के आरटीआई एक्टिविस्ट पुरुषोतम प्रसाद की दायर वाद पर आया आदेश। अतिक्रमणकारी भू-माफिया भी हटेगें और संलिप्त अधिकारी भी नपेगें

राजगीर के आरटीआई एक्टिविस्ट पुरुषोतम प्रसाद, जिन्होंने पुलिस-प्रशासनिक तक की एकपक्षीय प्रताड़ना के बाबजूद  राजगीर मलामास मेला की सैरात भूमि को मुक्त कराने को लेकर भू-माफियाओं के अतिक्रमण के खिलाफ जंग जारी रखी है….

पटना (वरीय संवाददाता)।  बिहार लोक शिकायत निवारण प्रथम अपीलीय प्राधिकार पदाधिकारी सह पटना प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर के हालिया एक अंतरिम आदेश में राजगीर प्रशासन ने खुद ऐतिहासिक मलमास मेला सैरात भूमि पर अतिक्रमणकारी भू-माफियाओं के साथ अपनी गठजोड़ को स्पष्ट कर लिया है। वहीं, अब तय हो गया है कि प्रशासन इस संदर्भ में जल्द ही दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने को विवश होगी।

राजगीर के बिचली कुंआ निवासी पुरुषोतम प्रसाद द्वारा दायर वाद अनन्य संख्या 999990124121628208/1A के आलोक में सुनवाई करने के उपरांत हुये कल सोमवार 12.06.2017 को बिहार लोक शिकायत निवारण प्रथम अपीलीय प्राधिकार पदाधिकारी सह पटना प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने अंतरिम आदेश में कहा है कि अनुमण्डल पदाधिकारी, राजगीर ने बताया कि मलमास मेला के दौरान प्रयोग में लायी जाने वाली सैरात भूमि की नापी कर ली गई है ।

बकौल राजगीर अनुमण्डल पदाधिकारी, नापी प्रतिवेदन के अनुसार लगभग 32 एकड़ में सरकारी भवन है तथा लगभग 3 एकड़ भूमि में कुल 33 निजी व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण किया गया है । उक्त नापी प्रतिवेदन के आलोक में अंचल अधिकारी, राजगीर द्वारा अतिक्रमण वाद प्रारंभ कर दिया गया है ।

अनुमण्डल पदाधिकारी, राजगीर ने बताया कि उन्होंने क्रमशः BSNL, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग एवं ऊर्जा विभाग के पदाधिकारियों को दूरभाष, पानी एवं बिजली का संबंध विच्छेद करने हेतु निदेश दिया था । उक्त तीनों विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा लिखित रूप से उन्हें सूचित किया गया है कि अंचल अधिकारी, राजगीर द्वारा प्रारंभ किये गये अतिक्रमण वाद में आदेश पारित करने पश्चात उसके आलोक में आवश्यक सेवा विच्छेद करने के संबंध में अग्रेत्तर कार्रवाई की जाएगी । अंचल अधिकारी, राजगीर ने बताया कि इस वाद की अगली तिथि दिनांक-06.06.2017 को निर्धारित है ।

अंचल अधिकारी, राजगीर को निदेश दिया जाता है कि 20.06.2017 के पूर्व उक्त सैरात भूमि पर किये गये अतिक्रमण के विरूद्ध प्रारंभ की गई अतिक्रमण वाद में अंतिम आदेश पारित करेंगे तथा अतिक्रमण वाद में पारित निर्णय के फलाफल से इस प्राधिकार को इस वाद की अगली सुनवाई दिनांक-20.06.2017 को उपस्थित होकर प्रतिवेदित करेंगे I अभिलेख दिनांक-20.06.2017 को रखें ।

इसके पूर्व 05.06.2017 को अपने अन्तरिम आदेश उन्होने कहा था कि उभय पक्ष को सुना एवं अभिलेख में उपस्थापित कागजातों का अवलोकन किया I जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, नालंदा ने बताया कि परिवादी द्वारा मलमास मेला के दौरान सैरात भूमि पर स्थापित विद्युत एवं पानी के संबंध को हटवाने हेतु अनुरोध किया गया था । इस संबंध में उन्होंने अनुमण्डल पदाधिकारी, राजगीर से प्रतिवेदन की मांग की थी, जो अप्राप्त है।

लोक प्राधिकार -सह- कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, राजगीर के प्रतिनिधि ने बताया कि सैरात भूमि पर स्थापित अस्थायी विद्युत संबंध को विच्छेद कर दिया गया है किंतु परिवादी लोक प्राधिकार के इस प्रतिवेदन से सहमत नहीं हैं । उनका कहना है कि अभी भी वहां विद्युत का अवैध रूप से उपयोग अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा है ।

अनुमंडल पदाधिकारी, राजगीर एवं कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, राजगीर को निदेश दिया जाता है कि इस वाद की अगली सुनवाई दिनांक-06.06.2017 को जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, नालंदा द्वारा मांगे गये प्रतिवेदन एवं परिवादी के शिकायत के आलोक में अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में कृत्य प्रतिवेदन के साथ उपस्थित रहेंगे।

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