पत्रकारों के लिये सबक प्रतीत है दिवंगत रिपोर्टर हरिप्रकाश का मामला

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हजारीबाग (संवाददाता)। हजारीबाग रेलवे स्टेशन के ओवरब्रिज के पास हिन्दी दैनिक जागरण अखबार के रिपोर्टर हरिप्रकाश ने आत्महत्या की है या एक सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या हुई है। यह एक जांच का विषय है। लेकिन यह घटना ने पत्रकारों के लिये गंभीर चेतावनी देती है कि वे कहां किस कदर यूज्ड होते हैं और कहां किस तरह से मिसयूज्ड।

घटनास्थल से पुलिस ने एक पन्ने का सुसाइड नोट, सल्फास का डब्बा और प्रेस कार्ड बरामद किया है। वहीं मृतक रिपोर्टर के पिता जीतन महतो ने उसके गर्लफ्रेंड सहित अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। दर्ज एफआईआर में हरिप्रकाश की गर्लफ्रेंड प्रीति अग्रवाल और अन्य को आरोपी बनाया गया है।

जीतन महतो द्वारा कटकमदाग थाना में भादवि की धारा 364, 302, 201, 34 के तहत दर्ज कांड संख्या 1/17 के अनुसार हरि प्रकाश 30 दिसंबर को दो बजे दिन में ऑफिस जाने की बात कहकर घर से निकाला था। रात को वापस नहीं लौटने के बाद परिवार को लोग उसके खोजबीन में लगे हुए थे।

इसी क्रम में दो जनवरी 17 को सुबह में जानकारी मिली कि हजारीबाग रेलवे स्टेशन समीप शव पड़ा है। वहां पहुंचकर शव की पहचान की। उन्हें आशंका और यकीन है कि हरि प्रकाश की हत्या कर शव को रेलवे ब्रिज के समीप फेंक दिया गया। हजारीबाग सदर अस्पताल में कार्यरत काउंसेलर प्रीति अग्रवाल जो हरि प्रकाश की गर्लफ्रेंड है, उसके साथ उसका अनबन चल रहा था।

जीतन महतो के मुताबिक 10 दिन पूर्व उसने हरि प्रकाश को गवाह बनाकर सदर थाना में कांड संख्या 1045/16 दर्ज करायी थी। उस एफआईआर में प्रीति ने टाटी झरिया निवासी वर्तमान पता लाखे निवासी मो. ईस्माइल उर्फ बबलू पर छेड़छाड़ व मारपीट करने का आरोप लगाया था। उस आवेदन में हरि प्रकाश को गवाह के रूप में जिक्र किया गया है।

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रीति अग्रवाल की छवि अच्छी नहीं है और वो उनके बेटे को उक्त केस को लेकर धमकी दे रही थी, जिसे लेकर हरि प्रकाश ने अपने घर में भी जान को लेकर खतरा बताया था।

उसने कहा था कि वह महिला उसे मरवा देगी या एड्स का इंजेक्शन लगवा देगी। पिता का आरोप है कि प्रीति अग्रवाल व उनके सहयोगियों ने मिलकर पहले हरि प्रकाश का अपहरण किया फिर उसकी हत्या कर शव को स्टेशन समीप फेंक दिया। हरि प्रकाश का मोबाइल नंबर 8092220409 सिम सहित गायब है।

उधर, घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में लिखा है  कि “मां मुझे माफ कर देना। मैं अपनी ही नजरों में गिर गया हूं। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। खुद को साबित करने के लिए मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा था। जिस तरह से उसने बबलू उर्फ ईस्माइल को फंसाया, उससे लगता है कि अब मेरी जान भी ले ली जाएगी। बबलू के साथ उसने गाली-गलौज, धक्का-मुक्की खुद की और उल्टा महिला होने का लाभ लेकर उसे ही फंसा दिया। मेरे पीछे आदमी भी लगाया गया। मुझे एचआईवी इंजेक्शन भी देने की बात कही गई है। ये महिला अपने इमोशन और आंसू दिखाकर किसी को भी अपने जाल में फांस लेती है। इसने अपने रिश्ते को भी नहीं बक्शा है। मैं कैसे फंसा इसकी कहानी अपनी डायरी में लिखी है, जो घर के आलमीरे में है। ”

उल्लेखनीय है कि  शव का पोस्टमार्टम तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड से कराया गया है। इस बोर्ड में डा. तापश रजक, डा. सीपी चौधरी और डा. ओपी रवानी शामिल थे। पोस्टमार्टम में पेट में जहर होना पाया गया है। पेट में अनाज नहीं होना भी मिला है। जिसमें बिसरा सहित शरीर के छह अंग प्रिजर्व रखे गए हैं।

इसी बीच हरिप्रकाश की शब बरामदगी के बाद उसकी गर्लफेंड प्रीति अग्रवाल ने दूसरे के माध्यम से हजारीबाग डीएस ऑफिस में छुट्टी का आवेदन भेजवाया। इस आवेदन में प्रीति ने कहा है कि अचानक तबियत खराब हो जाने के कारण उसे दो दिनों की छुट्‌टी चाहिए।

हजारीबाग के एसपी भीमसेन टूटी ने पत्रकारों के समक्ष मामले की स्पीडी जांच कराने का भरोसा दिलाया है।फिलहाल इस घटना की जांच में डीएसपी स्तर के अधिकारी जु़ट गये हैं। पुलिस टीम सुसाइड नोट और बरामद डायरी का अध्ययन कर रही है। अब देखना है कि यह मामला आगे क्या सच सामने लेकर आती है।

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