पटना बम धमाके: 5 की मौत, 83 जख्मी,एक ने गुनाह कबूला

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बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में मोदी की हुंकार रैली से ठीक पहले सीरियल धमाके हुए। कुल 7 धमाकों की पुष्टि हुई है, जिनमें 5 लोग मारे गए हैं। सीरियल ब्लास्ट में 83 लोग जख्मी हुए हैं। पहला धमाका सुबह करीब दस बजे पटना रेलवे स्टेशन पर हुआ। इसके बाद दूसरा धमाका गांधी मैदान के नजदीक एलफिन्स्टन सिनेमा हॉल के पास हुआ। इसके बाद 5 धमाके गांधी मैदान के आसपास हुए। खोजबीन के दौरान पुलिस को गांधी मैदान से 4 जिंदा बम भी मिले जिसे डिफ्यूज कर दिया गया।

धमाकों की जांच में दिल्ली से आई एनआईए की 7 सदस्यों की टीम जुट गई है। बिहार के डीजीपी ने कहा है कि धमाकों के पीछे आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का हाथ हो सकता है। गृह मंत्रालय ने इस मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

patna bom blastगृह मंत्रालय इस घटना को आतंकी वारदात मानने से इनकार नहीं कर रहा है । अब तक की जानकारी के मुताबिक धमाकों में टाइमर का इस्तेमाल किया गया है। बम में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल होने के भी सबूत मिले हैं। पटना पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस का दावा है कि इसमें से एक ने गुनाह कबूल कर लिया है

मुख्यमंत्री का दौरा रद्द, आपात बैठक: पटना में सीरियल धमाकों के तुरंत बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना मुंगेर दौरा टाल दिया, और आला पुलिस अफसरों की आपात बैठक बुलाकर हालात का जायजा लिया। धमाके पर बोलते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार को धमाकों के बारे में कोई खुफिया जानकारी नहीं थी, उन्होंने कहा कि ये माहौल बिगाड़ने की साजिश है।

नीतीश ने धमाके पर अफसोस जाहिर करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजे देने का ऐलान किया। साथ ही घायलों को सरकारी खर्चे पर इलाज कराने का ऐलान किया। इस बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने धमाकों की निंदा करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। मनमोहन ने मुख्यमंत्री से जांच में तेजी लाने और साजिश रचने वालों को कड़ी सजा देने को कहा।

पहला धमाका- सुबह 10 बजे:  पहला धमाका पटना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 10 में हुआ। मुसाफिरों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं थी। ये धमाका प्लेटफॉर्म नंबर 10 के पास बने सुलभ शौचालय में हुआ था। धमाका होते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस धमाके में एक शख्स बुरी तरह जख्मी हुआ है, उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक बम एक टॉयलेट में छुपा कर रखा गया था।

दूसरा धमाका- दिन के साढ़े 11 बजे:   इसके बाद करीब साढ़े 11 बजे गांधी मैदान के पास मौजूद एलफिस्टन सिनेमा हॉल के पास एक और धमाका हुआ। बस चंद कदमों का फासला है गांधी मैदान और एल्फिस्टन सिनेमा हॉल में। इस धमाके में कई जख्मी हुए। लोगों ने सिनेमा हॉल के पास से एक संदिग्ध शख्स को भी पकड़ा गया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस उसे वहां से लेकर निकली।

नरेंद्र मोदी की रैली से ठीक पहले हुए एक के बाद एक दो धमाकों से पटना समेत पूरे देश में हड़कंप मच गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय से लेकर बिहार सरकार तक के तमाम आला अफसर हरकत में आ चुके थे। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर ये क्या हुआ। मोदी को एक बजे गांधी मैदान में भाषण देना था। वहां हजारों की भीड़ थी। और ऐसे में धमाके। पुलिस की सांस फूल रही थी।

दोपहर के 12 बजे- लगातार 5 धमाके:   दोपहर के 12 बजे अचानक गांधी मैदान में एक जोरदार धमाका हुए। और देखते ही देखते एक के बाद एक 5 और धमाके हुए। गांधी मैदान ने इन धमाकों सबको हिला दिया। राहत की बात ये थी कि इन धमाकों की तीव्रता अधिक नहीं थी। लेकिन गांधी मैदान में मौजूद भीड़ दहशत में आ गई।

पुलिस ने वहां मौजूद एक शख्स को हिरासत में लिया। बीजेपी कार्यकर्ता उसे मारने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन ये साफ नहीं हो पा रहा था कि आखिर इस शख्स ने किया क्या है। ये शख्स कौन है, क्या बम धमाकों से इसका संबंध है इस पर पुलिस फिलहाल खामोश है।

धमाको में टाइमर का इस्तेमाल:    फिलहाल पुलिस सूत्रों का इतना ही कहना है कि इन सभी बमों में टाइमर का इस्तेमाल हुआ। इन्हें बैटरी से जोड़ गया था। गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि हो सकता है कि ये बम गांधी मैदान के आसपास के घास में कई दिन से रखे गए हों। गृह मंत्रालय के ही सूत्रों के मुताबिक एक बम नाकाम भी किया गया। गृह मंत्रालय ने अभी तक इन धमाकों को आतंकी कार्रवाई करार नहीं दिया है। लेकिन उसकी आशंका से इनकार भी नहीं किया है।

लेकिन जिस तरह से इन धमाकों को अंजाम दिया गया है उससे सवाल कई उठ रहे हैं। सवाल ये कि पटना में आतंकी हमले की खुफिया चेतावनी के बावजूद सुरक्षा में ऐसी लापरवाही कैसे बरती गई। आखिर मोदी की रैली से पहले बम धमाकों के पीछे मकसद क्या था। क्या धमाके करने वाले सिर्फ दहशत फैलाना चाहते थे।

अस्पताल में अफरा तफरी: धमाके में जख्मी हुए लोगों को इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर का कहना है कि अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। सीरियल धमाकों में घायल लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने के दौरान प्रशासन की लापरवाही साफ नजर आई। इसके बाद पीएमसीएच अस्पताल में भी हालात बहुत अच्छे नहीं थे, यहां घायलों का फर्श पर ही इलाज शुरू कर दिया गया, इनमें से तो कई की हालत गंभीर थी।

इस बीच बीजेपी ने धमाकों को साजिश करार दिया है। बीजेपी मांग कर रही है कि इस धमाके के पीछे कौन है इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं जेडीयू को धमाके के पीछे साजिश नजर आ रही है। जेडीयू नेता साबिर अली ने सवाल उठाया है कि जब से बीजेपी ने जेडीयू का साथ छोड़ा है तभी से बिहार में ऐसी घटनाएं क्यों सामने आ रही हैं।

हालांकि रैली के दौरान मोदी ने अपने भाषण के दौरान बम धमाकों का जिक्र नहीं किया। लेकिन अब से कुछ देर पहले नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है कि ‘पटना में हुए धमाके दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। मारे गए लोगों के परिवार के साथ मेरी संवेदना है। मैं शांति की अपील करता हूं।’

फिर निशाने पर बिहार:  बोध गया के बाद पटना में हुए सीरियल धमाकों ने साबित कर दिया है कि बिहार को लेकर कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। पटना में एक के बाद एक 7 धमाकों किसी बड़ी साजिश का इशारा कर रहे हैं। इससे पहले 7 जुलाई 2013 को बोध गया के महाबोधी मंदिर में 10 धमाकों में 5 लोग घायल हो गए थे। दरअसल बिहार में लंबे वक्त से इंडियन मुजाहिदीन के दरभंगा मॉड्यूल और मधुबनी मॉड्यूल सक्रिय रहे हैं।

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