नालंदा में सामंतवादियों ने महादलितों को लक्ष्मी पूजा से रोका और मारपीट की

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नालंदा (जयप्रकाश नवीन)। जिस राज्य में सीएम सात निश्चय लेकर बिहार के विकास की बात करते हैं, समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के दावे करते हैं, सामाजिक न्याय की बात करते हैं । उसी सीएम के गृह जिला नालंदा में सामाजिक न्याय की धज्जिया उड़ रही है । 21 सदी में भी सामंती व्यवस्था समाज पर हावी हो,भगवान के दर पर दलितों के लिए पहरा लग जाए तो इससे बड़ी बिडम्बना क्या होगी ।

बिहार के सुशासन बाबू के गृह जिला नालंदा के रहूई के अंबा गाँव में दबंगो ने महादलितो को माता लक्ष्मी की पूजा करने पर रोक लगा दी। पूजा करने गई महिलाओं को खदेड कर भगा दिया गया। इतना ही नहीं विरोध करने पर दबंगो ने घर में घुसकर कई लोगों को पीटा भी। इस घटना में आधा दर्जन लोग घायल हो गए । जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में किया जा रहा है ।

nitish-nalanda1बताया जाता है कि रहूई के अंबा गाँव में पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से गाँव के लक्ष्मी स्थान में माँ लक्ष्मी की मूर्ति बिठाई जाती रही है। जिसमें गाँव के सभी जातियों का सहयोग रहता है। लेकिन दलित -महादलित लोगों को पूजा अर्चना से दूर रखा जाता है ।

इसबार गाँव के ही सुशीला देवी के पुत्र संतोष कुमार की नौकरी सिपाही में लगी थी। माँ सुशीला देवी ने मन्नत मांगी थी कि अगर उसके बेटे को नौकरी लग जाएगी तो लक्ष्मी पूजा में मूर्ति का खर्च वह उठाएगी। नौकरी लगने पर उसने अपना वादा पूरी भी की।

लेकिन रविवार देर शाम जब वह अपनी बेटी के साथ माँ लक्ष्मी की पूजा के लिए लक्ष्मी स्थान पहुँची तो दबंग उसे देखकर आग बबूला हो गए।दबंगो ने माँ बेटी को पूजा करने से रोक दिया ।

सुशीला देवी ने कहा कि उसने चंदे की राशि भी दी है ।इसपर दबंगो ने जवाब दिया कि चंदे की राशि दी है तो क्या हमें खरीद ली है। गाँव के महादलितो ने जब इसका विरोध किया तो दबंग पूरी रौ में आ गए। दबंगो ने मारपीट करना शुरू कर दिया । उन्होंने घर में घुस कर लोगों के साथ मारपीट की इस घटना में सुशीला देवी, बुलेटन पासवान, धर्म वीर कुमार, लवली कुमारी सहित कई लोग घायल हो गए। जिनका इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा है।

घटना के बाद गाँव में दोनों गुटों में तनाव व्याप्त हो गया है। पूजा नही करने देने से नाराज ग्रामीण डीएम एसपी को बुलाने की मांग पर अड गए। हालाँकि कि घटना के 24 घंटे होने जा रहे है लेकिन अभी तक वरीय पदाधिकारी मौन साधे हुए है ।

12 साल पहले भी मूर्ति पूजा को लेकर दबंगो का कहर गाँव में दिखा था।दबंगो ने दलितों को पूजा करने से साफ मना कर रखा है ।जिसको लेकर गोलीबारी भी हुई थी।

इधर दबंगो का कहना है कि पूर्वजो की परंपरा कायम रहेगी ।किसी भी कीमत पर किसी भी दलित -महादलित को पूजा पंडाल में प्रवेश की अनुमति नही दी जाएंगी ।जो परंपरा चली आ रही है ।उससे हम पीछे नहीं हटेगे।

इधर रहूई क्षेत्र के भागनविगहा ओपी के दारोगा राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि चंदे को लेकर मारपीट हुई है।मामले की छानबीन की जा रही है ।घटना को लेकर गाँव में तनाव व्याप्त है ।

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