नक्षत्र न्यूज से हटाये गये रजत और दीपक

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राजनामा.कॉम।  रांची से शुरु होने वाला एक रिजनल चैलन नक्षत्र न्यूज खुलने के पहले ही बंदी के कगार पर खड़ा है, पिछले साल नवंबर-दिसंबर में जोर-शोर से शुरु हुए इस चैनल में इनदिनों काफी अंदरुनी उठापटक जारी है, सबसे पहले चैनल के सीएमडी संजोय सिन्हा ने चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर रजत गुप्ता को किनारे किया फिर संपादक दीपक अंबष्ट को ठिकाने लगाया, और अब और भी कुछ कर्मचारियों को ठिकाने लगाया जा रहा है.
बताता चलूं की शुरुआती दौर में रजत गुप्ता और दीपक अंबष्ठ ही चैनल के सर्वेसर्वा हुआ करते थे लेकिन महज कुछ महिने में हालात इस कदर बदले की एक रिटायर्ड प्रशासनिक पदाधिकारी संजोय सिन्हा ने इन दो काबिल पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया. गौरतलब है कि रजत गुप्ता और दीपक अंबष्ठ ने नवंबर महीने से ही लोगों की बहाली शुरु कर दी थी कई लोग गुरुकुल मीडिया प्राईवेट लिमिटेड के बैनर तले इस चैनल से जुडे जिनमें से कुछ लोगों को एकाध महीने की तनख्वाह रजत गुप्ता और दीपक अंबष्ठ ने अपने खाते से दिये मगर इनके जाते ही कर्मचारियों को दिये गये उस पैसे को कंपनी वापस मांग रही है साथ ही कई लोग जो नवंबर महीने से जुडे हैं उनकी सैलरी फरवरी महीने से दी जा रही है, यानी तीन महिने इनलोगों ने गुरुकुल मीडिया प्राईवेट लिमिटेड के लिए जो काम किया वो सेवाभाव से किया, अब सीएमडी साहब की एक और तानाशाही देखिये जिन लोगों की बहाली रजत गुप्ता और दीपक अंबष्ट ने की उनमें से दर्जनों लोगों की सैलरी २० से ४० फीसदी तक कम करने का फरमान जारी कर दिया गया है, यानी गुरुकुल मीडिया प्राईवेट लिमिटेड पहले ने जिन लोगों को जनवरी फरवरी महीने में ६ महीने का आफर लेटर दिया उसे महज २ महिने यानी अप्रैल में निरस्त कर रही है, और दिल्ली, पटना और रांची से बुलाये गये काबिल पत्रकारों की सैलरी कम कर कंपनी ने उन्हे संकेत दे दिया है कि अब वो उनका और बोझ नहीं ढ़ो सकती क्योंकी कंपनी पूरी तरह आर्थिक तंगी से जूझ रही है, कई पत्रकार अपने साथ हुए धोखाघड़ी से काफी आक्रोशित हैं.
कंपनी बंदी के कगार पर खड़ी है मगर सीएमडी साहब की सनक बढ़ती जा रही है, और इसी सनक में पत्रकारों से पंगा लेना शुरु कर दिया है, नौकरशाह से पत्रकार बने सीएमडी ने तो आजकल संपादकीय मामलों में भी दखल देना शुरु कर दिया है, रनडाउन से लेकर ब्रेकिंग और टीकर तक चेक कर रहे हैं, साथ ही प्रिंट मीडिया के कुछ सलाहकारों के साथ बैठ कर चैनल को अखबार की तर्ज पर चलाने की तैयारी में हैं, कुल मिलाकर चैनल का भविष्य पूरी तरह अंधकार में दिख रहा है, लेकिन अब देखना ये है की पिछले १ महिने से ड्राई रन पर चल रहा ये चैनल आखिर कब ऑन एयर की राह पकड़ता है.
(यह समाचार राजनामा.कॉम को रांची के एक वरिष्ठ पत्रकार से मिली है..उन्होंनें जिस स्रोत ( व्यक्ति/ प्रेषक) से समाचार प्राप्त हुआ है..उसे काफी रोचक जबाब भी दिया है। जो निम्न हैः-
nikky niks ji namskar,  aap ka pura nam kya hai main  nahi janta, is liye main aapko  nikky niks ji hi sambodhan kar raha hoon, aapne rajat gupta aur deepka ambast ji ke bare men likha, main achchchhi tarah rajat da ko janta hoon, mujhe afsos hai ki kabil patrakar Rajat da apni umra aur patrakarita ko patrakarita ki tarah hi kyon nahi lete? wo hamesha yayabari kyon karte hian, ek jagah rahkar apna ya kisi ke pas hi sah kuchh bada mudda ko hal karne par hi kyon nahi date rahte? aru turant men apni haisayt ko bhul bhi kyon jate hain? muje dukh. unke sath men yadi iasa kuchh ho raha hai to uska jimmedar khud Rajat da hi hain, prasangbas main bata raha hoon, main unse milwane ek mitra ko (naye joshile, utsahi ek patrkar ) uke pas lekar gaya tha. lekin Rajat da bina kuchh samjhe buje turant yah kaha ki naukri mangne aaye to naukari nahi milegi. Rajat da yah samajhne ki koshish nahi ki ki  wo kis liye milna chahta tha, To mai bata dun ki wo ghar se itne majboot hai ki Rajat da jaise do  logon  ko aajiwan parwarish kar sakta hai.Ab aap hi bataiye ki Rajat da ke sath jo hua wah to hona hi chahiye. yahan to ek hath dijiye dusre haat lijiye wali bat hai. bas itna hi  nikky ji… 
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