रांची भू-अर्जन कार्यालयः दलाल-बाबूओं का रामराज

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यह नजारा है राजधानी रांची स्थित जिला भू-अर्जन कार्यालय की। यहां बड़े मियां तो बड़े मियां सुभान अल्लाह वाली कहावत चरितार्थ है। किसी भी टेबुल पर आप खड़े-खड़े उब जायेगें,लेकिन सामने किसी बाबू साहेब के गनीमत से भी दर्शन न हो पायेगें। यहां हर तरफ सिर्फ मनमानी ही मनमानी का नजारा दिखेगा।जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से बात कीजिए। इनका कहना है कि यहां के नजारे से विचलित न हों,समूचे झारखंड का यही हाल है।हर जगह ऐसे ही काम चलता है।

ऐसे में कोई काम होने की कल्पना आप समझ सकते हैं। एन.एच-33 के फोरलेनिंग, रिंग रोड आदि जैसे परियोजनाओं के लिये व्यापक पैमाने पर नीजि भूमि का अधिग्रहन किया गया है और उस पर कार्य प्रगति पर भी है,लेकिन अधिग्रहित जमीन के सैकड़ों मामले लंबित हैं। फिर भी खाऊ-पकाऊ में माहिर इस दफ्तर के बाबू लोग अपनी कुर्सियों पर न के बराबर दिखाई देते हैं और मुआवजे की राशि के लिये लोग थक हार कर दलालों के हाथ इन्हीं बाबूओं से काम करवाने को विवश हो जाते हैं। यहां ठगी का शिकार होना तो आम बात है। इस कार्यालय के ठीक उपर डीसी साहब का दफ्तर है और सब कुछ जनते हुये भी मौनी बाबा बन सिर्फ मीडिया मैनेजमेंट करते रहते हैं। ….(मुकेश भारतीय)

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One comment

  1. bhu-arjan karyalay me sirf dalalo aur babuo ki chalti hai. babu log sidhe muh batt v nahi karte, jankari dena to dur ki bat hai, agar noton ki bat karo to, tavi jakar apna muh kholte hai. jay ho bhu-arjan ke papion, tum sabhi logon ki paise ko aag lage, ye aam janta ki upper wale se duwa hai,aur ye duwa lag jaye…

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