डौंडिया खेड़ा किले से खजाना का पीपली लाइव जारी !

Share Button

up-dundia2भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) ने  उन्नाव जिले के डौंडिया खेड़ा किले में खुदाई का काम शुरू कर दिया है। संत श्री शोभन सरकार ने राजा राव रामबख्श सिंह के किले में 1000 टन सोने के दबे होने की बात कही है।

सरकार ने सपना देखा है कि किला परिसर में खजाना दबा हुआ है. संत के दावे को परखने के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग आज से खुदाई के काम में लग गया है. पुलिस ने खुदाई की जाने वाली जगह की नाकेबंदी कर दी है.

मुख्यमंत्री का संकेत पाकर आए राज्यमंत्री सुनील सिंह यादव ने किले का निरीक्षण करने से पहले शोभन सरकार के आश्रम में उनसे मुलाकात की.

शोभन सरकार ने नाराजगी जताई कि तकनीक के इस दौर में कुदाल, गैंती, फावड़े से खुदाई का कोई मतलब नहीं है. इसमें तो डेढ़ महीने से ज्यादा का समय लग जाएगा. सेना लगाकर दस घंटे में खुदाई कराई जाए, क्योंकि उसके बाद फतेहपुर के आदमपुर, कानपुर के बिठूर और परेड में खुदाई की जानी है. सारी दुनिया की नजरें लगी हुई हैं, इसलिए देर करना ठीक नहीं है.

khajanaमुख्यमंत्री के प्रतिनिधि ने उन्हें बताया कि पुरातत्व विभाग के लिए खुदाई से निकलने वाला सब कुछ धरोहर से कम नहीं है, इसलिए वह अपने ढंग से काम कर रहा है. इस वार्ता के दौरान संत के नजदीकी राजेंद्र तिवारी ने यहां तक कह दिया कि प्रशासन नहीं मानेगा तो शुक्रवार से वे जेसीबी लगवाकर खुदाई शुरू करा देंगे, क्योंकि जनमानस और अधिक इंतजार नहीं कर सकता.

शाम को शोभन सरकार की पहल पर गतिरोध दूर हुआ और सरकार की इच्छानुसार कार्य होगा. शुरुआत में 30 गुणा 30 फुट के क्षेत्र में खुदाई होगी और इसके लिए परंपरागत औजारों फावड़े, कुदाल, गैंती आदि का इस्तेमाल होगा.

एएसआइ ने नहीं मांगी सुरक्षाः

उन्नाव के डौंड़िया खेड़ा में खजाने की खुदाई के दौरान सुरक्षा को लेकर अभी पुलिस मुख्यालय स्तर पर कोई पहल नहीं हुई है. आइजी आरके विश्वकर्मा ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआइ) की मांग पर ही ऐसे आयोजनों में सुरक्षा दी जाती है और अभी तक एएसआइ ने सुरक्षा नहीं मांगी है. फिलहाल पुलिस अधीक्षक उन्नाव के स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

khanja nand

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो खजाने की खुदाईः

उन्नाव के डौड़िया खेड़ा में खजाने की खोज को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है. इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में खुदाई कराने की मांग की गई है.

अधिवक्ता एमएल शर्मा की ओर से दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट एक टीम गठित करे, जिसकी निगरानी में खुदाई हो. साथ ही खुदाई के काम को नियंत्रित और व्यवस्थित करने के लिए वहां सेना के अधिकारी तैनात किए जाएं.

याचिका में डौंडि़या खेड़ा का इतिहास बताते हुए खजाना होने के बारे में मीडिया में आई खबरों का जिक्र किया गया है. साथ ही वर्ष 1974 की जयपुर की एक घटना का जिक्र किया गया है. जिसमें सड़क मार्ग से जयपुर से खजाना दिल्ली लाए जाने की बात कही गई है. ये ऑपरेशन 24 घंटे चला था लेकिन आज तक पता नहीं चला कि वह खजाना कहां गया.

याचिकाकर्ता का कहना है कि डौंडि़या खेड़ा से निकलने वाला 1000 टन सोने का खजाना बहुमूल्य है और उससे भारत की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी. इसलिए उसकी सुरक्षा के इंतजाम बहुत जरूरी हैं. शर्मा का कहना है कि वे शुक्रवार की सुबह सुप्रीम कोर्ट से इस याचिका पर शीघ्र सुनवाई करने का अनुरोध करेंगे क्योंकि शुक्रवार से ही खुदाई शुरू होने वाली है.

up-dundia1खजाने की पहरेदारी कर रहे गांव वालेः

आदमपुर गांव के ग्रामीण यहां धरती की गोद में छिपे खजाने की पहरेदारी में जुट गए हैं. रात-दिन पहरेदारी की जा रही है. रात में टार्च की रोशनी चमकती है, तो दिन में चरवाहों ने जिम्मेदारी संभाल रखी है.

बालू के रेत में छिपा खजाना तांत्रिक अथवा कोई अन्य उड़ा न ले जाए, इसके लिए प्रशासन ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है. दूसरी ओर, ग्रामीण शोभन सरकार के दावे को झुठलाने वाले तांत्रिकों के प्रयासों पर पानी फेरने के लिए कमर कसे हुए हैं.

रीवां नरेश के किले से लेकर आदमपुर घाट तक गांव वालों की पैनी नजर है. यहां भारी संख्या में आने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों को ग्रामीण जांच के बाद ही जाने दे रहे हैं. खजाने की रक्षा के लिए गांव वालों ने अभेद सुरक्षा चक्र बना दिया है.

गांव के मुलायम सिंह परिहार, योगेंद्र सिंह भदौरिया, रामकृष्ण त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, रमाकांत त्रिपाठी, पप्पू, रमेश, शिव राखन कहते हैं कि ग्रामीणों की शोभन सरकार में पूरी आस्था है. सुरक्षा को लेकर गांव वालों की तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है.

ग्रामीण बताते हैं कि कुछ दिन पूर्व ही रात में खुदाई किए जाने की बात सामने आई थी, उसी समय सैकड़ों ग्रामीण ब्रह्माशिला की ओर चल पड़े. तभी किसी गांव वाले ने फायर कर दिया. अब तो जब सारा मामला विश्व स्तर पर चर्चित हो चुका है. ऐसे में सुरक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है.

Share Button

Relate Newss:

महज 500 से रिस्क फ्री लाखों का धंधा करना हो तो दरभंगा में खोल लीजिये लोकल चैनल!
मुखपत्र नहीं, मूर्खपत्र है संघ का ऑर्गेनाइजरः शिवसेना
शर्मनाकः बाड़मेड़ पुलिस ने ‘दुर्ग’ के परिजनों से यूं ऐंठे 80 हजार रुपये
तेजस्वी ने फेसबुक पर यूं लिखा नीतिश-शाह की बातचीत
बिना IT Act ज्ञान के पत्रकार के खिलाफ धुर्वा थाना प्रभारी की चल रही यूं अनुसंधान !
आज छद्म के रूप में अवशेष है मीडिया
श्रीकांत प्रत्युष ने जी न्यूज़ से इस्तीफा दिया
भड़काऊ खबरें प्रसारित करने वाले सुदर्शन चैनल के मालिक सुरेश चह्वाणके के खिलाफ मुकदमा
वाट्सएप की दो टूकः नहीं कर सकते प्रायवेसी का उल्लंघन
आंचलिक पत्रकार संघ और शासन की दाल में फिर दिखा भयादोहन का तड़का
इतना तो विश्वास है ही...........
मनीषा दयाल की कार्यों की तरह उसके पजेरो में भी है काफी झोल-झाल !
खबर ब्रेकिंग की होड़ में न्यूज चैनलों की मूर्खता देखिये, लालू को यूं बता दिया बरी
पत्रकारिता के जरिए पहाड़ ढाहने का दंभ भरने वाले भाइयों के लिए -1
आइएएनएस के ब्यूरो प्रमुख का गोरखधंधा, बीबी के नाम पर लूट रहा है झारखंड आइपीआरडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...