टाडा के भगौड़ा पत्रकार सुरेंद्र सिंह का 21 साल बाद सरेंडर

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journalist surinderआतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त टाडा के आरोपी पत्रकार सुरेंद्र सिंह ने हरियाणा अम्बाला कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उसे अम्बाला एडिशनल सेशन जज राकेश कुमार की कोर्ट में पेशी है।

दरअसल खुलासा हुआ है कि इससे पहले भी पत्रकार दो बार कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था, लेकिन उसकी पहचान से जुड़ा कोई साक्ष्य न होने पर वह सरेंडर नहीं कर पाया। लेकिन अब पहचान से जुड़ी कार्रवाई पूरी होते ही उसे सरेंडर के बाद जेल भेजा गया।

21 साल से भगौड़ा घोषित पत्रकार सुरेंद्र सिंह को पुलिस तलाश नहीं पाई थी, जबकि वह टीवी चैनल से जुड़ा हुआ था। पुलिस को पता भी तब चला, जब उसने अम्बाला एडिशनल सेशन जज राकेश कुमार की कोर्ट में सरेंडर किया।

 एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसे लेकर हरियाणा-पंजाब पुलिस पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। खुफिया तंत्र से जुड़े कुछ अधिकारियों ने भी अम्बाला पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।

पता चला है कि कुछ महीने पहले भी सुरेंद्र सिंह कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था। मगर उस समय उसके पास पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं था, जिस कारण वह सरेंडर नहीं कर पाया। फिर दोबारा वह सरेंडर करने पहुंचा, लेकिन उस समय भी उसके पास पहचान को लेकर कोई ठोस साक्ष्य नहीं था।

इस कारण वह खुद को कोर्ट में टाडा का आरोपी सुरेंद्र सिंह भी साबित नहीं कर पा रहा था। मगर अब उसकी पहचान से जुड़े सभी साक्ष्य देखने के बाद उसने कोर्ट में सरेंडर किया।

गौरतलब है कि जून 1988 को पटियाला की ढिल्लो कॉलोनी में रहने वाले सुरेंद्र सिंह के खिलाफ कैथल के गुहला थाने में मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने यह मामला मलिकपुर गांव के नंबरदार गुरचरण सिंह की शिकायत पर दर्ज किया था। इसमें करीब 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें से सुरेंद्र सिंह एक था।

इन सभी आरोपियों पर आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप था। जिसके चलते पुलिस ने इन पर टाडा एक्ट के तहत कानूनी शिकंजा कसा था।

इस मामले से जुड़े तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है जबकि सात अन्य कोर्ट से बरी हो चुके हैं। मगर जनवरी 1994 में सुरेंद्र सिंह को कोर्ट ने भगौड़ा घोषित कर दिया था। तभी से यह फरार चल रहा था और आज तक पुलिस के हाथ नहीं आया। मगर अब इसके सरेंडर करने के बाद से हरियाणा-पंजाब पुलिस अलर्ट हो गई है।

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