झारखंडः आप का सत्यानाश, केजरीवाल की थू-थू

Share Button

 रांची (मुकेश भारतीय)। समूचे झारखंड प्रदेश में आम आदमी पार्टी का सत्यानाश होता दिख रहा है। पार्टी के भीतर  ही  अरविंद केजरीवाल की काफी थू-थू हो रही है। 

आरटीआई अभियान सहित पार्टी आंदोलन में सक्रिय लोगों को दरकिनार कर यहां ऐसे लोगों को चुनाव मैदान में उतारा है, जिसे आप के लोगों ने कभी चेहरा तक नहीं देखा है।

आरोप है कि ‘आप’ ने झारखंड में अब तक जिन लोगों को उम्मीदवार बनाया है, वे प्रायः धन-बल-छल  के माहिर खिलाड़ी हैं और पार्टी के भीतर उनका कहीं कोई बजूद नहीं रहा है। एक जाने-माने उम्मीदवार दयामनी बारला (खूंटी) के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने आप की टोपी पहनी, किसी को पता नहीं है।

राजधानी रांची लोकसभा सीट से किसी अमानुल्लाह अमन को टिकट दिया गया है।

अमानुल्लाह के वजूद का आंकलन इस बात से किया जा सकता है कि झारखंड में अरविन्द केजरीवाल के पुराने सहयोगी एवं उनकी आम आदमी पार्टी के स्टेट चीफ सुनील कुमार महतो को भी मालूम नहीं है कि प्रत्याशी की पहचान क्या है।

aap (1)

श्री महतो ने अपने फेसबुक वाल पर लिखा है कि आम आदमी पार्टी ने झारखंड से 7 उम्मीदवारों की घोषणा की ! रांची से अमानुल्लाह अमन….. ये जनाब कौन से ग्रह से हैं ?

aap (2)उन्होनें अपनी दूसरी पोस्ट में लिखा है कि झारखंड के खूंटी में दयामनी बारला जो आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हैं, यह नाम देश भर में जाना जाता है। परन्तु झारखंड के अन्य आप प्रत्याशियों की क्या भूमिका है और उनके चयन का क्या आधार है ? पार्टी यह भी सार्वजनिक करे।

aap (5)

उन्होंने अपने पोस्ट पर दैनिक प्रभात खबर के स्थानीय संपादक विजय पाठक के कमेंट “झारखंड में आप के कर्ताधर्ता तो आप ही हैं। आपको तो पता होना ही चाहिये ” …. के जबाव में श्री महतो का कहना है कि ‘दिल्ली चुनाव के परिणाम ने केन्द्रीय नेताओं का घमंड आसमान पर चढ़ा दिया।  अरविन्द केजरीवाल को समाजवादी परिषद के लोगों ने घेर लिया है और ये ही लोग सभी निर्णय मनमाने ढंग से दिल्ली में बैठ कर ले रहे हैं। पार्टी के सारे सिद्धांत ताक पर रख दिये गये हैं। आरटीआई से उपजी पार्टी आरटीआई का जबाव देना भी उचित नहीं समझती।‘

झारखंड स्टेट मेंबरशीप ड्राइव के हेड सुनील कुमार महतो की पोस्ट पर खूंटी से पार्टी प्रत्याशी दयामनी बारला को लेकर चंदन कुमार महतो ने कड़ा कमेंट किया है।

aap (4)

वे लिखते हैं कि “मैंने दयामनी जी से झारखण्ड में हो रहे आदिवासियों के धर्मान्तरण पर सवाल किया था, पर वो मुझे धमकी के साथ अपने फेसबुक फ्रेंड लिस्ट से remove कर दिया। दयामनी बारला एक ऐसी महिला है, जो अपने पुरखो का दिया हुआ संस्कृति और सभ्यता को छोड़ अंग्रेजी सभ्यता अपना चुकी है।  मतलब अब ये आदिवासी नहीं बल्कि कैथोलिक हो चुकी है। और अभी आदिवासियों को बेवकूफ बना के धरमांतरण करा रही है|

26 फ़रवरी को आदिवासियों का रैली था जिसमे वो निर्णय लिए है कि कन्वर्ट प्रत्याशियों को वोट नहीं देंगे।“ (राजनामा.कॉम)

Share Button

Relate Newss:

जो जितना बड़ा चोर, उतना बड़ा सीनाजोर
कायर-अपराधी भी सुसाइड बाद अखबार के विज्ञापन में बन गया आदर्श !  
जनप्रतिनिधि निकाल रहे नालंदा में शराबबंदी की हवा, मुखिया और पैक्स अध्यक्ष समेत 7 धराये
‘सरगुन’ की दर कब पहुंचेगें झारखंड के ‘दास’
चतरा पत्रकार हत्याकांड का मुख्य आरोपी तमिलनाडु में धराया
जज को घूस की पेशकश में फंसे श्वेताभ सुमन
लालू ने पोस्ट की रैली पूर्व की यूं रंगारंग वीडियो, कहा- इनको शर्म नहीं आती
अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी पर NDTV के रवीश का जवाब
गोला गोली कांड : प्रशासन ने सर्पदंश व दुर्घटना को बताया मौत की वजह !
अपने कुत्ते को एडिटर बुलाते थे विनोद मेहता !
नालंदा पत्रकार संघ के बैनर तले हिलसा अनुमंडल पत्रकार संघ का गठन
हसीन वादियों का लुफ्त उठाते बिहार के CM और उनके पिछे भागती-गिरती मीडिया
आखिर चाहता क्या है सुप्रीम कोर्ट ?
फर्जी राजगीर पत्रकार संघ का कोषाध्यक्ष मनोज कुमार बना फर्जी हेडमास्टर !
जर्नलिस्ट रवीश कुमार को मिला 'रैमॉन मैगसेसे' अवार्ड’2019

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...