जरुरी है PCI की वित्‍तीय एवं वैधानिक शक्तियों में बढ़ोतरी :न्‍यायमूर्ति सीके प्रसाद

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ck-prasadभारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India) के चेयरपर्सन एवं न्‍यायमूर्ति (सेवानिवृत्‍त) सीके प्रसाद ने परिषद की वित्‍तीय एवं वैधानिक शक्तियों में बढ़ोतरी किए जाने की जरूरत पर बल दिया है।

राष्‍ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में सीके प्रसाद ने कहा कि नियामक (regulator) के रूप में परिषद न सिर्फ प्रिंट मीडिया बल्कि टीवी और इंटरनेट के लिए भी सही है।

उन्‍होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकारी फंडिंग को कम कर और शेयरधारकों द्वारा फंडिंग में वृद्धि कर इस संस्‍था की स्‍वतंत्रता सुनिश्चित की जा सकती है।

उन्‍होंने संस्‍था को एक सार्वकालिक निगरानी संस्‍था बताते हुए कहा कि इसने मीडिया के लिए मानक तय किए हैं। उन्‍होंने कहा, ‘हालांकि इसमें कुछ बाधाएं थीं, जिन्‍होंने हमें जकड़ा हुआ था और यह बहुत जरूरी है कि इनमें से कुछ पर बहस की जाए और समाज में इसे सर्वसम्‍मति दिलाई जाए।’

पीसीआई के चेयरपर्सन ने कहा कि पत्रकारों पर लगातार बढ़ते हमलों को रोकने के लिए और इसमें बढ़ते हस्‍तक्षेप को कम करने के लिए काउंसिल को कुछ और शक्तियां दिए जाने की जरूरत है।

उन्‍होंने कहा कि काउंसिल के पास इस तरह की शक्तियां होनी चाहिए जिससे यह समाज के चौथे स्‍तंभ अर्थात पत्रकारिता के उच्‍च मानदंडों को बनाए रखे।

सरकारी फंडिंग कम करने की वकालत करते हुए प्रसाद ने कहा कि इसमें शेयरधारकों की फंडिंग को बढ़ाया जाना चाहिए जिससे काउंसिल एक स्‍वायत्‍त संस्‍था के रूप में काम कर सके।

उन्‍होंने कहा कि जब चुनाव सुधार जैसे अन्‍य क्षेत्रों में वैधानिक शक्तियों में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं प्रेस काउंसिल अधिनियम को अपडेट करने के लिए सिर्फ कागजी तौर पर कार्रवाई हो रही है।

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