खुद शीशा का महल खड़ा कर दूसरों के घर पत्थर उछाल रहे हैं मोदी जी !

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  एक पुरानी कहावत है। चलनी को सूप और सूप को चलनी का छेद दिखाई नही देता है। यह कहावत भाजपा के सर्वोसर्वा बन कर उभर रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सटीक बैठती है।

modi_munda_dasश्री मोदी के भाषणों से लगता है कि वे राजनीति में परिवारवाद के कट्टर विरोधी हैं। विगत लोक सभा चुनाव में ‘देश को मां-बेटा की सरकार से मुक्ति दिलाये’ और आसन्न झारखंड विधानसभा चुनाव में ‘ राज्य को बाप-बेटा की सरकार से ’ जैसे जुमलों पर जोर का मतलब तो यही निकलता है।

लेकिन  नरेन्द्र मोदी की इस सोच का सच तब सामने आ जाता है, जब उनकी संघी भाजपा पार्टी पर नजर  डाली जाती है। 

केन्द्रीय मंत्री मेनका गाँधी और सांसद वरुण गाँधी रिश्ते में माँ-बेटा हैं। वे पिछले दो दशक से भाजपा से ही जुड़े हैं।

झारखंड के वरिष्ठ भजपाई नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और सांसद जयंत सिन्हा रिश्ते में बाप-बेटा हैं। हजारीबाग सीट से पहले बाप चुनाव लड़ते आ रहे थे और पिछले चुनाव में पहली बार राजनीति में कदम रखने वाला बेटा पार्टी टिकट से चुनाव ही नहीं बने अपितु, बाप की उतराधिकारी के तौर पर मोदी मंत्रिमंडल में भी अहम जगह पा ली। 

उधर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह और सासंद राजवीर सिंह आपस में बाप-बेटा ही हैं। राजवीर को जहां बाप के ही स्थान पर लोकसभा चुनाव में टिकट दिया गया, वहीं कल्याण को महामहिम राज्यपाल से नवाजा गया।

भाजपा में अगले वीआपी बाप-बेटा की जोड़ी पार्टी के अध्यक्ष रहे राजनाथ सिंह और पंकज सिंह की है। फिलहाल बाप जहां केन्द्रीय गृहमंत्री हैं, वहीं बेटा दुलारा पार्टी सांसद।

राजस्थान की वहुचर्चित घराना से जुड़ी मुख्यमंत्री बसुन्धरा राजे सिंधिया और दुष्यंत राजे सिंधिया का रिश्ता मां और बेटा का ही है। मां जहां प्रदेश की भाजपा सरकार की मुखिया हैं, वहीं बेटा भी बीते चुनाव में भाजपा सांसद बन बैठा है।

इस तरह यदि हम भाजपा में मां-बाप-बेटा-बेटी-लुगाई जैसे रिश्तों की सघनता का पड़ताल करें तो हर दल से इसका ग्राफ उंचा हो जाता है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और भाजपा सांसद अखिलेश सिंह भी रिश्ते में बाप बेटा हैं।

पंजाब के भाजपाई दिग्गज साहिब सिंह वर्मा और सांसद प्रवेश वर्मा भी बाप बेटा हैं।

दिल्ली की राजनीति के धुरंधर चरती लाल गोयल और विजय गोयल भी बाप-बेटा हैं।

लखीराम अग्रवाल और अमर अग्रवाल का रिश्ता भी बाप बेटा का है।

भाजपा की नवोदित सांसद पूनम महाजन पार्टी के दिवंगत प्रमोद महाजन की बेटी है।

उधर सासंद पंकजा मुंडे भी भाजपा एक कद्दावर नेता रहे गोपीनाथ मुंडे की बेटी है। इनकी महाजन परिवार से भी करीवी रिश्तेदारी है।

हिमाचल प्रदेश के धुरंधर भाजपा नेता प्रेम कुमार धूमल और सांसद अनुराग ठाकुर भी आपस में बाप-बेटा हैं।

आलावे वेद प्रकाश गोयल और पियूष गोयल का रिश्ता भी बाप-बेटा की है।

सबसे बड़ी बात कि कभी भाजपा के घोर विरोधी रहे लोजपा नेता व केन्द्रीय मंत्री  रामबिलास पासवान और उनके सुपुत्र सांसद चिराग पासवान को नये सिरे से उभारने में भाजपा और मोदी का ही हाथ है।

ऐसे में सबाल उठना लाजमि है कि इतने सारे बाप-बेटे, माँ-बेटी, बाप-बेटी और मां-बेटा  को ढोने वाली भाजपा के स्टार प्रचारक नेता व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने किस तरह के आचरण का प्रदर्शन कर रहे हैं?  

…..(मुकेश भारतीय/राजनामा.कॉम)

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