खत्म होगा अपने देश से भ्रष्टाचार ?

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 चाहे कितने अन्ना हज़ारे अनशन पर बैठ जाएं, कितने केजरीवाल समाज-सुधार का ठेका ले लें, कितने मोदी हाथ में झाड़ू ले कर सड़कों की सफाई का अभियान चलाएं (वैसे मोदी जी को सड़कों की सफाई से ज़्यादा सिस्टम की सफाई के बारे में सोचना चाहिए था)।

  1. आप White 35 हज़ार देंगे तो रसीद 30 हज़ार की कटेगी कि आप 30 हज़ार White शो करें, आपके पास Black न भी हो तो भी आप 5 हज़ार Black दें।
  1. एक दिन अचानक आपको बताया जाता है कि आपके नाम बिजली का 90 हज़ार बकाया है। ‘क्यों बकाया है? पहले क्यों नहीं बताया?’ ‘आपकी ड्यूटी है कि आप खुद यहाँ आकर पता करें।’ ‘अब क्या करें?’ ‘एक तरीका है.’ ‘क्या?’ ‘आप 15 हज़ार कैश दे दें, कंप्यूटर से 90 हज़ार डिलीट कर दिए जाएंगे, ऊपर से फ़ायदा यह भी कि ये 15 हज़ार आपके अगले बिल में एडजस्ट हो जाएँगे।’ ‘क्या बुरा है? चलो, दिए.’ White को फिर Black किया।
  1. एक दिन अचानक नोटिस, 4 लाख का हर्जाना। ‘अब यह क्या?’ ‘8 साल से आपने सर्विस टैक्स नहीं भरा. इसमें इतने वर्षों का ब्याज, देर से भुगतान का जुरमाना, सब शामिल है.’ आपको सच में नहीं पता लेकिन कहावत है न, Ignorance is no bliss यानि यदि आप अज्ञानी हैं तो इसका कोई लाभ आपको नहीं मिलता। पर अब करें क्या? ‘बाहर मुंशी बैठा है, वह आपको बता देगा।’ ‘बताइए मुंशी जी, क्या करना होगा?’ ‘देखिए, जो असली टैक्स है, वह तो आपको देना ही होगा। हाँ, ब्याज और जुर्माने का लगभग 2 लाख कम करने का एक रास्ता है.’ ‘वह क्या?’ ‘आप कल 25 हज़ार नकद और 2 लाख का ड्राफ्ट ले कर आ जाएँ.’ भई, करना ही पड़ेगा। कहावत है ना, मरता, क्या न करता?
  1. अचानक आपको फ़ोन आता है, आपको फलाँ के लिए 99,999 का टैक्स भरना है.’ आपको गुस्सा आता है, आप गुस्से में चिल्ला कर बोलते हैं, ‘1 क्यों छोड़ दिया? पूरा एक लाख हो जाता तो फोन करते। और यह भी बताइए कि कितना कैश लेकर आएँ, कितने का ड्राफ्ट?’ ‘ऐ मिस्टर, आपने क्या हमें चोर समझा है? यह तो शुक्र कीजिए कि आपको फोन कर दिया, वर्ना प्रॉपर्टी कुर्क हो जाती, तब पता चलता।’ बस, अब कोई चांस नहीं है, कोई रास्ता नहीं है, सारा White में दीजिए, वैसे भी, आपके पास Black है भी नहीं।

लेकिन एक बात समझ में नहीं आई, जब ब्याज और जुर्माना ख़त्म करने का नियम है तो वह बिना रिश्वत लिए क्यों नहीं ख़त्म किया जाता? या ब्याज और जुर्माना लगता ही नहीं, केवल उपभोक्ता को डरा कर पैसे खाने के लिए यह सब किया जाता है?  इसमें उपभोक्ता की कोई गलती नहीं, न ही वह रिश्वत खिलाने का दोषी है। वह बस यह मलाल करता हुआ रह जाता है कि अपने ही देश में ज़िन्दा रहना कितना मुश्किल है। .Manika Mohini  जी अपने फेसबुक वाल पर।

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