किसान विरोधी है मोदी सरकार : अन्ना हजारे

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प्रख्यात आंदोलनकारी अन्ना हजारे ने मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों को किसानों के खिलाफ बाताते हुए मोदी सरकार को किसान विरोधी करार दिया  है।

annaअन्ना ने अन्ना हजारे ने अपने ताजा ब्लॉग में लिखा है कि इस कानून का मकसद कृषि योग्य भूमि को उद्योगपतियों के हवाले करना है। अन्ना ने सवाल उठाया कि भूमि अधिग्रहण कानून से किसका भला होने वाला है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ग्राम सभा के अधिकारों को कम करके लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया है।

अन्ना ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि आजादी के 68 साल बाद भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण है। नए भूमि अधिग्रहण कानून से किसानों की आत्महत्याएं बढ़ने की संभावना है। विकास के नाम पर मोदी सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने लिखा है कि भूमि अधिग्रहण कानून में से 70 पर्सेंट किसानों की रजामंदी की शर्त हटाना गलत है। सरकार लोकहित नजरअंदाज कर मनमर्जी से फैसले ले रही है।

anna-hazare-and-arvind-kejriwalपुराने कानून को सही बताते हुए अन्ना ने ब्लॉग में लिखा कि उसमें यह प्रावधान था कि अधिग्रहित भूमि पर अगर पांच साल में विकास काम नहीं हुआ तो वह जमीन किसान को वापस मिल जाती थी, पर सरकार ने यह शर्त हटाकर किसान से जमीन छीनकर उद्योगपतियों को जमीन का पर्मानेंट मालिक बना दिया है। मोदी सरकार ने राष्ट्रहित के नाम पर अपने चहेते लोगों के हित साधने का रास्ता साफ किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के इस अध्यादेश में और अंग्रेजों के दमनकारी शासन में क्या फर्क है?

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