कशिश से यूं हटाये गये गंगेश गुंजन

Share Button

kashish newsझारखंड की राजधानी रांची  से संचालित  कशिश न्यूज चैनल से गंगेश गुंजन को न्यूज हेड के पद से हटा दिया गया है। उनके साथ वरिष्ठ संवाददाता कृष्ण बिहारी मिश्र, प्रशांत कुमार, एंकर नेहा पांडेय एवं बिहार   प्रभारी कौशलेंद्र प्रियदर्शी को भी प्रबंधन ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है।  आने वाले दिनों में कशिश से कई और लोगों की भी छुट्टी किये जाने की संभावना है।

विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कशिश न्यूज़ चैनल के सीइओ सुनील चोधरी और न्यूज हेड गंगेश  गुंजन में काफी बहसा-बहसी  हुई थी और बात तू तू-मैं-मैं  से लेकर एक दूसरे को देख लेने की धमकी तक पहुंच गई थी। गंगेश गुंजन के पक्ष में कृष्ण बिहारी मिश्र, प्रशांत कुमार, एंकर नेहा पांडेय, बिहार प्रभारी कौशलेंद्र प्रियदर्शी आदि के खुल्लेआम आ जाने से तब मामला काफी गंभीर हो गया था। 

कहते हैं कि इस घटना के बाद शहर के जाने-माने बिल्डर से कशिश न्यूज चैनल के मालिक बने सुनील चोधरी आगबबूला हो उठे और अपने निजी सुरक्षाकर्मियों के बल चैनल के दफ्तर से सभी पत्रकारों-कर्मियों को  बाहर निकाल दिया तथा किसी भी चैनलकर्मी को गेट के अंदर प्रवेश करने पर रोक लगा दी।  उसके बाद चैनल बंद हो गया। जिसे  बाद में  किसी तरह चालू किया जा सका । यह घटना एक पखवारे पहले की है।

इस संदर्भ में चैनल के एक वरिष्ठ कर्मी ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि पेशे से मूलतः  जमीन-मकान के कारोबारी सुनील चोधरी चैनल को अपने हिसाब से चलाना चाह रहे थे, वहीं न्यूज हेड गंगेश गुंजन अपने हिसाब से।  गुजंन जहां अपने लोगों को अधिक तरजीह देकर अपना उल्लू सीधा कर रहे थे, उधर चैनल का रेपुटेशन और व्यवसाय दिन व दिन गिरता जा रहा था।  

 

 

 

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Related Post

2 comments

  1. वास्तव में गंगेश गुंजन पत्रकार के नाम पर कलंक है. अपने स्टाफ को सरे आम गुंडों की तरह धमकी देता है. और स्टाफ को उलटे सीधे काम करने पर मजबूर करता है.
    और टीवी के स्क्रीन पर आदर्श झाड़ता है. मेरा भी सैलरी कशिश में बकाया है पर सैलरी मांगने पर जान से मारने की धमकी देता है और मेरे ही बनाये गए ग्राफ़िक्स की चोरी का इल्जाम मुझ पर ही लगाता है.
    ये तो एक दिन होना ही था. “जैसी करनी वैसी भरनी”
    जैसे इसने मुझे कशिश से निकाला था वैसे ही उसे भी निकाला गया.

  2. मैं गंगेश गुंजन इस नई नाम-परम्परा का जनक (शायद ) कहें या प्रथम प्रेरणा ७१
    वर्षीय कवि-लेखक गंगेश गुंजन हूँ मित्रो ! जिसमें प्राय: यह नामधारी हजारो की
    संख्या में हैं जिनमें किसी एक की भी “उमर ” ५०-५५ से शायद ही अधिक हो .
    मैं कशिश चैनेल वाले गंगेश गुंजन नहीं हूँ . वह सज्जन कोई और हैं

    अभी प्रसंग आया है तो लिख दे रहा हूँ ताकि … सनद रहे .यह कह देना मेरे लिए
    ‘अपरिहार्य ‘ था . सस्नेह,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...