….और इस मनगढ़ंत बड़ी खबर से पटना की मीडिया की विश्वसनीयता हो गई तार-तार

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पटना  एसएसपी मनु महाराज ने बीते 21 और 22 जनवरी को मीडिया में आई खबरों को सीधे पलटते हुए कहा कि ‘मैंने किसी मीडियाकर्मियों के सामने यह बयान नहीं दिया कि अनंत सिंह को मारने के लिए मोनू और उसके गैंग को 50 लाख की सुपारी दी गई थी।’

पटना (विनायक विजेता)। दो दिनों पूर्व तक एक खबर जो बिहार के इलेक्ट्रानिक, प्रिंट और सोशल मीडिया पर छाई रही आज उसी खबर ने एक बार फिर मीडिया की विश्वसनीयता को तार-तार कर दिया है।

मामला बीते 19 जनवरी को मुटभेड़ के बाद कुख्यात कांट्रेक्ट किलर मोनू और निलेश की गिरफ्तारी से संबंधित है। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद हर समाचार माध्यमों में एसएसपी और पुलिस सूत्रों के हवाले से यह खबर आई थी कि ‘कुख्यात मोनू ने स्वीकार किया हैं कि उसने विधायक अनंत सिंह की हत्या के लिए 50 लाख की सुपारी ले रखी थी और वह विधायक को सोनपूर मेला में ही मारना चाहता था, पर मौका नहीं मिला।’

समाचार माध्यमों में यह भी कहा गया था कि ‘मोनू का संबंध नौबतपुर के कुख्यतात व वांधित अपराधी मनोज सिंह से भी है जिसे उसने एक एके-47 रायफल दे रखा है।’

पर आज शाम इस मामले में पटना के एसएसपी मनु महाराज ने बीते 21 और 22 जनवरी को मीडिया में आई खबरों को सीधे पलटते हुए कहा कि ‘मैंने किसी मीडियाकर्मियों के सामने यह बयान नहीं दिया कि अनंत सिंह को मारने के लिए मोनू और उसके गैंग को 50 लाख की सुपारी दी गई थी।’

उन्होंने कहा कि ‘20 जनवरी को उनके कार्यालय द्वारा इस गिरफ्तारी के बाबत प्रेस रिलीज भी जारी किया गया था, जिसमें कहीं अनंत सिंह का नाम या 50 लाख की सुपारी या सोनपुर मेले में उनकी हत्या की साजिश रचे जाने संबंधी बातें वर्णित नहीं है।’

इस तरह की बेबुनियाद खबर, जिसे गलत ढंग से सनसनीखेज बनाने की कोशिश की गई से दुखी एसएसपी ने कहा कि ‘ऐसी खबरों से अगला व्यक्ति और उसका परिवार भी भयभीत और परेशान हो सकता है, जिसकी हत्या के 50 लाख की सुपारी लेने की झूठी खबर प्रचारित और प्रसारित की गई।’

उन्होंने कहा कि ‘चाहे वो इलेक्ट्रानिक मीडियाकर्मी हो या प्रिंट मीडिया के पत्रकार, कोई यह साबित साबित कर दें कि मैंने उस दिन किसी विधायक की हत्या के लिए 50 लाख रुपये की सुपारी गिरफ्तार अपराधियों द्वारा लेने की बात कही हो या इस तरह का कोई इस तरह का कोई आधिकारिक बयान दिया हो।’

एसएसपी ने कहा कि ‘वे अपने स्तर से गोपनीय रुप से यह पता करवा रहें हैं कि इस तरह की झूठी और बेबुनियाद खबर को किसने फैलाया।’

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