उधर ‘मनरेगा पुरस्कार’ और इधर ‘मन रे गा भ्रष्टाचार’

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जिप अध्यक्षा के निरीक्षण में मनरेगा योजना में मिली भारी अनियमितता

“अपनी पोल खुलता देख मुखिया लामबंद हुए और सभी जिप अध्यक्षा के पास पहुँच कर रहम की भीख मांगी। सिर्फ इतना ही नही एक पूर्व विधायक ने भी मामले को रफादफा करने और मीडिया में खबर रोकने का दबाव भी बनाते देखे गए “

बिहारशरीफ / जयप्रकाश नवीन। नालंदा में मनरेगा योजना की जमीनी हकीकत क्या है। इसकी बानगी  नालंदा के जिला परिषद अध्यक्षा तनुजा कुमारी को  चंडी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में चल रही योजनाओं के निरीक्षण से ज्ञात हुआ।  कैसे एक महत्वाकांक्षी योजना दम तोड़ रही है।  कैसे मनरेगा योजना में खुली लूट की छूट जनप्रतिनिधियों को सरकारी सेवको को मिली हुई हैं ।

जिप अध्यक्षा ने अपने गृह प्रखंड इस्लामपुर में मनरेगा योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार को देखते हुए जिले के सभी प्रखंडो के पंचायतों में चल रही इस महत्वाकांक्षी योजना में लूट खसोट को उजागर करने के लिए दृढ़ संकल्प ली।

उसी के क्रम में वे मंगलवार को चंडी प्रखंड के कई पंचायतों के पगडंडियों की खाक छानी और उन्हें एक ऐसे भ्रष्ट हकीकत का सामना करना पड़ा जिसकी शायद उन्होंने कल्पना तक नही की थी। लेकिन एक बात सामने आई उनके निरीक्षण से चंडी के लगभग एक दर्जन मुखियों में हडकंप मचा ।

चंडी प्रखंड में मनरेगा योजना में कागज क्या बोलता है और सरजमीन क्या बोलती है। इस हकीकत से मंगलवार को नालंदा के जिप अध्यक्षा तनुजा कुमारी का सामना पंचायत के कई योजनाओं के निरीक्षण के दौरान सामना करना पड़ा ।

मंगलवार को नालंदा जिप अध्यक्षा तनुजा कुमारी ने चंडी प्रखंड के कई पंचायतों में चल रही मनरेगा योजना की जमीनी हकीकत से रूबरू हुई। जिप अध्यक्षा के निरीक्षण में मनरेगा योजना में व्याप्त लूट खसोट का नजारा दिखने को मिला। वही चंडी प्रखंड के लगभग एक दर्जन पंचायतों के मुखिया ने जिप अध्यक्षा से मिलकर योजना के सुधार को लेकर 15 दिन की मोहलत मांगी।

जिला परिषद अध्यक्षा तनुजा कुमारी चंडी के जिप सदस्या चंद्रकांति देवी के प्रतिनिधि समाज सेवी धनंजय कुमार के साथ चंडी प्रखंड में मनरेगा योजना के तहत पंचायतों में छीटे गए करोड़ों रूपये के जमीनी हकीकत को देखने निकल पड़ी । उनके निरीक्षण में मनरेगा योजना का जो हश्र उनके सामने आया उससे काफी हतप्रभ दिखी।

जिप अध्यक्षा झमाझम बारिश के बीच अपने मजबूत इरादे के साथ चंडी प्रखंड के कोरूत , महकार तथा भगवान पुर पंचायत के अमरौरा में चल रही मनरेगा योजना के निरीक्षण के दौरान जिप अध्यक्षा खेत-खलिहान,अंलग आरी तथा कीचड़ मय रास्ते, गाँव की गलिया और पगडंडियों पर चल कर योजना की असली हकीकत देखी।

सबसे पहले जिप अध्यक्षा चंडी पंचायत के कोरूत पहुँचे। जहाँ बारिश ने उनका स्वागत किया लेकिन, बारिश के बीच भी पईन खुदाई का निरीक्षण की। उन्होंने काम में लगे मजदूरों से काम की ,खाते तथा मजदूरी के बारे में जानकारी ली। मनरेगा पीओ धीरज कुमार ने बताया कि इस काम में 32 मजदूर लगे हुए हैं, जबकि अध्यक्षा के औचक निरीक्षण में सिर्फ 13-14 मजदूर ही काम में लगे दिखे।

जब जिप अध्यक्षा ने पीओ से प्रखंड में चल रही मनरेगा कार्यों की सूची मांगी तो उन्होंने आधी अधूरी सूची ही मिलीं जिसे लेकर वे मनरेगा योजना की हकीकत जानने महकार पंचायत की ओर निकल पड़ी ।

उन्हें महकार जाने के दौरान आधा दर्जन से ज्यादा मनरेगा योजनाओं की हकीकत का सामना करना पड़ा । मनरेगा योजना में साफ लूट की तस्वीर की देखकर उन्होंने कनीय अभियंता को खरी खोटी सुनाई। उनके निरीक्षण में मनरेगा योजना में काम कम और लूट की बू ज्यादा झलकी।

जब जिप अध्यक्षा महकार पहुँची, तब मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार को देखकर वह दंग रह गई। इस बाबत जब उन्होंने इसकी शिकायत मोबाइल पर चंडी बीडीओ से की तो उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर मनरेगा योजना की जांच वह स्वयं करती हैं ।महकार पंचायत के चमार टोली से लेकर बाहा पर तक बिछाई गई मिट्टी मनरेगा की हकीकत सामने लाने के लिए काफी थी।

ग्रामीण सत्येन्द्र सिंह, विनोद रविदास, मुन्ना, पूर्व सरपंच लाला प्रसाद, बनबारी रविदास, सस्तानंद पांडेय, नवल किशोर, सोनू कुमार ने पंचायत में चल रही मनरेगा की पोल जिप अध्यक्षा के समक्ष खोली। ग्रामीणों ने मौजूद कनीय अंभियता के सामने उनके कारनामे गिनाए ।

जिप अध्यक्षा ने आश्वासन दिया कि मनरेगा योजना की वह उच्च स्तरीय जांच करायेगीं।साथ ही उन्होंने कहा कि लघु सिंचाई विभाग से बात कर एक लिंक पथ निर्माण की मांग रखेंगे । सिर्फ इतना ही नही जिप अध्यक्षा को ग्रामीणों ने सात निश्चय योजना के तहत नाली निर्माण में वार्ड सदस्यों की कारनामे भी दिखाएँ। 

जिप अध्यक्षा भगवान पुर के अमरौरा पहुँचे जहां मुहाने पुल से दक्षिण गांव तक अलंग पर मिट्टी भराई का भी निरीक्षण की।साथ ही गांव के पुराने तालाब का जायजा ली। जहाँ एक लाख 42 हजार की लागत से मॉडल तालाब बनाया जा रहा है । लेकिन उससे देखकर वह दंग रह गई सिर्फ घास छिला  गया था । कनीय अभियंता ने बताया कि योजना सिर्फ 90 हजार की है। अगर पुलिया बनता है तो 1लाख 42 हजार लागत लगेगी। जो बात जिप अध्यक्षा को पची नहीं

जब जिप अध्यक्षा मनरेगा योजना का निरीक्षण कर लौट रही थी तो चंडी के लगभग एक दर्जन मुखियों ने उन से मिलकर मांग की जहाँ अनियमितता पाई गई है, वहाँ 15 दिन के अंदर कमी को दूर कर दिया जाएगा । वे सब रहम की भीख मांगते नजर आए।

इधर जिप अध्यक्षा के औचक निरीक्षण से पंचायत के कई मुखियाओं में हडकंप मचा दिखा। मीडिया में इस खबर को रोकने का दबाव जिप सदस्या के प्रतिनिधि पर देखा गया।

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