‘ईटीवी’ की रिलाचिंग की तैयारी, ‘ईटीवी भारत’ होगा सेटेलाइट चैनल

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“कभी क्षेत्रीय न्यूज का बेताज बादशाह कहलाने वाला ईटीवी न्यूज नेटवर्क एक बार फिर नये रंग- रूप में दर्शकों के सामने आने वाला है।हर घर में  ईटीवी न्यूज को उसी तरह पसंद किया जाता था जैसे बीबीसी की खबरें……..”

राजनामा.कॉम (जयप्रकाश नवीन)।  ‘खबर ही जीवन है’ के पंच लाइन वाली ईटीवी पिछले दो वर्ष पूर्व न्यूज 18 का हिस्सा बन गया था। इसके मालिक रामोजीराव ने अपने न्यूज चैनल को मुकेश अंबानी के चैनल न्यूज 18 के साथ सौदा कर लिया था।

उसके बाद से ईटीवी न्यूज 18 का हिस्सा बन गया था ।शर्त रखी गई थी कि कुछ महीने  तक न्यूज 18 ईटीवी का लोगो भी यूज करेगा। इसके पीछे तर्क था कि ईटीवी की विश्वसनीयता दर्शकों के बीच है।

कभी ईटीवी न्यूज नेटवर्क के हेड आईएसएस जगदीशचंद्र हुआ करते थे। लेकिन चैनल की सौदेबाजी के बाद ईटीवी हेड जगदीशचंद्र ने चैनल छोड़ दिया।

उनके चैनल छोडते ही चैनल में बिखराव शुरू हो गया। जगदीशचंद्र अपने साथ ईटीवी के एक मजबूत स्तंभ को तोड़कर जी मीडिया का हिस्सा बन गए थे।

ईटीवी राजस्थान से ही रिपोर्टर सहित  लगभग दो सौ लोगों ने ईटीवी छोड़ दिया था। यहां तक कि कई नामी एकंर उनके साथ जी मीडिया का हिस्सा बने थे।

इसका असर बिहार में भी देखने को मिला था।ईटीवी के संपादक कुमार प्रबोध के साथ कई लोगों ने ईटीवी छोड़ कर उनके साथ बिहार जी मीडिया में चले गए।

एक समय ऐसा भी आया कि ईटीवी के पास रिपोर्टर की कमी हो गई। ऐसे वक्त में कुमार विमल, संजय कुमार तथा प्रभाकर ने ईटीवी (न्यूज 18) को संभाला।

लेकिन अब ऐसी खबर मिल रही है कि ईटीवी को फिर से लांच करने की तैयारी चल रही है। हालाँकि इस बीच ‘ईटीवी भारत'(जो ईटीवी का ही हिस्सा रहा है) नाम से बेब टीवी चल रहा है। इस बेब टीवी ने दर्शकों में एक अच्छी पैठ बना रखी है।

सुनने में आया है कि हैदराबाद में रामोजीराव एंड कंपनी चाहती है कि ‘ईटीवी भारत’ के नाम से न्यूज चैनल को सेटेलाइट पर लांच किया जाए। इसके लिए सुगबुगाहट भी दिखने लगी है।

इस शुरुआत को एक दिशा देते हुए कंपनी यूपी,मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में सर्वे कर चुकी है। जबकि दूसरे राज्यों में भी सर्वे की शुरुआत की जा रही है।

खबर है कि ईटीवी का नया न्यूज चैनल ‘ईटीवी भारत’ लोकसभा चुनाव से पहले लांच हो जाए। ईटीवी वालों के पास पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर तथा एक्यूपमेंट मौजूद है। ऐसे में सेटेलाइट लाइसेंस मिलने में भी ज्यादा परेशानी नहीं हो सकती है।

ईटीवी के नये चैनल की प्रतीक्षा में कई नामी गिरामी एकंर और पत्रकार फिर से इस नेटवर्क का हिस्सा बनने की चाहत रखें हुए हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह नया चैनल मंजरेआम पर आ सकता है।

मतलब एक बार फिर ईटीवी के नये चैनल को घर-घर देखा जा सकता है। दर्शकों को इस नये चैनल की प्रतीक्षा रहेगी।

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