ईटीवी(न्यूज़18) पत्रकार मनोज के बचाव में यूं उतरे करीबी लोग

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रांची (संवाददाता)   वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण बिहारी मिश्र ने ईटीवी (न्यूज18) के सीनियर रिपोर्टर मनोज कुमार को लेकर फेसबुक के जरिये मीडिया जगत को आयना क्या दिखाया, एक बवाल खड़ा हो गया है।

श्री मिश्र के फेसबुक वाल पर पहले तो लोगों ने मनोज की करनी पर खूब थू-थू की लेकिन, बाद में मनोज के समर्थकों ने मोर्चा संभाल लिया, जिसमें प्रायः लोग उनके खास करीबी या उनके संस्थान के छोटे-बड़े धुरंधर लोग शामिल हैं।

मेरी राय में ऐसे लोग कृष्ण बिहारी मिश्र की पोस्ट को सही से समझ नहीं पाये। उन्होंने मनोज सरीखे टीवी जर्नलिस्ट को लेकर सप्रमाण सबाल उठाया था कि “क्या ये गैर-कानूनी नहीं, ये भ्रष्टाचार नहीं है, ऐसे लोगों को आप क्या पत्रकार कहेंगे, फैसला आप करिये…”

दरअसल, ऐसे मामले मीडिया से जुड़े हर किसी के लिये आत्म-मंथन करने और पत्रकारिता के पेशे में शुचिता निश्चित करने के लिये एक समसमायिक मुद्दा है, जिससे हर कोई जूझ रहे हैं। मीडिया संस्थान कोई भी हो, उपर से भले ही वह आर्थिक विपन्नता का रोना रोती हो लेकिन, मीडिया की आड़ में येन-केन-प्रकेरेण अन्य धंधो के जरिये करोड़ों-अरबों कमाती है और अगर उस परिस्थिति में भी कोई मीडियाकर्मी अर्थाभाव का रोना रोये और अनैतिक कर्मों को उचित ठहराये तो यह काफी चिंतनीय पहलु बन जाता है।

सबसे बड़ी बात कि आज के इस ग्लोबल दौर में माईक्रो मीडिया, खासकर सोशल साईट अभिव्यक्ति का सबसे बड़ा माध्यम उभर कर सामने आया है। इससे कोई इन्कार नहीं कर सकता। श्री मिश्र ने वहीं रास्ता अपनाया है, जिसकी जितनी भी तारीफ की जाये कम है।

बहरहाल, आईये देखिये एक पोस्ट पर उन प्रमुख कमेंट को, जो श्री मिश्र ने अपने फेसबुक वाल पर डाली है….

Comments
Abhijit RajAbhijit Raj जय हो धमाका बम👍
Anoop MishraAnoop Mishra i agree with u….
Sanjay SamarSanjay Samar शेम शेम।।।।
Mukesh BhartiyaMukesh Bhartiya लेंस की कैद में कैमरा..😀
Sameer JhaSameer Jha सर ये सब …….. 
सब जगह होता कुछ दिखता कुछ छुपता है 😊

 

Ved PrakashVed Prakash Kya sir.. aap b n.. thoda rahne diya kijiye kbi kbi
Prashant BhagatPrashant Bhagat ये तो होता है बड़े चोरों का खुलासा किजिये
Aditya JhaAditya Jha साहसिक कदम धन्यवाद
Ramesh GandhiRamesh Gandhi Yahi aj ki maansikta h or parkaastha v hai
Afroz Md AkhterAfroz Md Akhter Yahi to aaj ki patrakarita rah gayi hai dusro ka huk maro.
Rajeev VimalRajeev Vimal ये तो गलत है।नहीं होना चाहिए।
Rajesh SinghRajesh Singh Tum KBM ko kitna jante ho.
Abhay SinghAbhay Singh Sab ke sab chor hai sir media wale saluted
Prem ChandraPrem Chandra तनखाह तो आप को पता ही है अगर ये सब सुबिधा भी नहीं मिलेगा तो लोग पत्रकारिता क्यों करेंगे।
मनोज जयसवालमनोज जयसवाल बस सच बात यही है तनखा जितनी भी है मिलती भी है या नही यह भी बताये ।।एक परिचित पत्रकार की तनखा 6000मात्र है और 2 महीना 3 महीना में कभी कभी आ जाती है ।।बहुत दयनीय स्थिति है भाई ।।पर क्या कीजिये।।
Sanjeet KumarSanjeet Kumar आप कैसे कह सकते हैं कि उनका कोई रिश्तेदार कैंटीन में है, और पत्रकारों की स्थिति को आपसे बेहतर कौन जान सकता है.
Rajesh SinghRajesh Singh मिश्रा जी…हद कर दी आपने…
Krishna Deo ModiKrishna Deo Modi Media ka ye asali chehra hai….
Rajesh SinghRajesh Singh आप पर भी कीचड़ उछाले जा सकते है….
Krishna Bihari MishraKrishna Bihari Mishra uchhaliye, aapko chunauti deta hu, aur uske baad aap v taiyaar rahiye. aise hum bata de, satya ko sweekar karna sikhiye.
Pradeep MishraPradeep Mishra मिश्रा जी सच के साथ है
ShashiBhusan TiwaryShashiBhusan Tiwary kya baat sir jee
Rajesh SinghRajesh Singh चुनौती महंगी पड़ जाएगी आपको….सोच लीजिए…मैं किसी को डिफेंड नहीं कर रहा हूं…बिना तथ्य जाने किसी के बारे में लिखने वाले आप होते कौन हैं…
Krishna Bihari MishraKrishna Bihari Mishra chunauti sweekar hai.
Rajesh SinghRajesh Singh पहले अपने अंदर झांकिए…
Jayant KumarJayant Kumar Strongly Agree
Chulbul Bulbul PandeyChulbul Bulbul Pandey Canteen chodiye inke log to Airport pe bhi apni boom aur camere ki dhamak dikha kar apni Courtesy karate hai.
मनोज जयसवालमनोज जयसवाल सर ये तो स्वम् स्टिंग हो गए ।।लज्जाजनक ।।राम राम छी छी।।
Subhash Shekhar MahtoSubhash Shekhar Mahto पत्रकारों को बहुत मोटी सैलरी मिलती है बहुत सारी सुविधाएं मिलती है कंपनियां मेहरबान रहती हैं सरकार भी सुविधाएं मुहैया करा रही हैं ऐसे में पत्रकार को ईमानदार तो होना ही चाहिए
मनोज जयसवालमनोज जयसवाल हवा में बात न करे श्रीमान पत्रकारो को क्या मिलती है यह तो वही जनता है जो पत्रकार है
Lokesh VaidyaLokesh Vaidya faltu bat kyo kartay ho subhash. kaha patrakaro ko moti salary milti hai. kon se suwidha milti hai. kon company meharban hoti hai. kam karwa kai patrakaro ki salary nahi deta hai sansthan. uskay bare me v likho
Rajesh KrishnaRajesh Krishna ये एक कोन है..
बेचारे घर के लिए साबुन तेल वो भी अपने पैसे से ही खरीद रहे होंगे,हो सकता है कैंटीन अधिकारी जो इन्हें जानता हो और रिगार्ड ऑफर दिया हो,
उनका क्या जो बिना दिखे ही
राज्य के राजश्व को डकार रहे हैं।

 

Sanjay SinhaSanjay Sinha हाहाहा…लगता है मिश्रा जी कैंटीेन से सामान खरीदने में पिछड़ गये…और सारी खीज मनोज बाबू पर उतार दी…महोदय मिश्रा जी आप वहां क्या करने गये थे ?
Ramendra Nath Sinha कोई प्रतिक्रिया नहीं
Naushad AlamNaushad Alam Sahi kaha Sanjay Sinha bhai , mishra ji wahan kya kar rahe the ? Unhain kutch nahi mila to manoj ji ko zaleel karne ki koshish ki. Waise itne senior personality se aisi ummeed nahi kar ni chahiye… Apne hi biradri aur purane colleague ko zaleel karna shobha nahi deta hai..
Himanshu MishraHimanshu Mishra भ्रष्टाचार को बचाने के लिए पूरा ई टीवी का भ्रष्ट व्यक्तित्व आ खड़ा हुआ है, कोई अपनी जाति का बचाव करते नजर आ रहा है तो कोई अपने मित्र पत्रकार का बचाव में लगा हुआ है, Naushad Alam जी ये गलत कार्य करते आज एक प्रतिष्ठित चैनल ईटीवी न्यूज 18 का कर्मी पकड़ा गया इस लिये Krishna Bihari Mishra जी को मुंह बंद कर लेना चाहिये। आपको शर्मिंदगी नहीं और मुझे आप जैसे भ्रष्ट पत्रकार पर लानत है आपके चैनल पर लानत है और ऐसी कमाई पर भी लानत है जो अपने किये हुये भ्रष्ट कृत्य पर क्षमा नहीं मांग सकता और लीपा पोती में लग जाता है।
 Sarfaraz Ahmad SaifSarfaraz Ahmad Saif मिश्रा जी,,,,,,,,,,,,लगता है आपको पत्रकारों के रिश्तेदारों के बारे में ज्यादा जानकारी है तभी तो आपको पता है की इस पत्रकार के कोई रिश्तेदार सैनिक में है या नहीं ….और इस पत्रकार ने तो बहोत बड़ा अपराध किया है ….क्या लगता है आपको इनपर उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए… या सीधे फांसी दे देनी चाहिए .
Manoj KumarManoj Kumar Facebook पर यह मेरा पहला पोस्ट है इसे सफाई ना समझा जाए यह एक संवाद है स्वर्गीय कृष्ण बिहारी मिश्रा जी के साथ 
कृष्ण बिहारी मिश्रा जी को स्वर्गीय क्यों लिखा मेरे संवाद को पढ़ने के बाद आप खुद समझ जाएंगे
कृष्ण बिहारी मिश्रा जी आभार……. अफसोस ……..
आभार इसलिए कि आपको अर्धसैनिक बलों के हक की चिंता है…. और अफसोस इसके कई कारण हैं ……..
मैं जिस कृष्ण बिहारी मिश्रा पत्रकार को जानता था शायद अब वह इस दुनिया में नहीं रहे क्योंकि मुझे भी पत्रकार KB मिश्रा के साथ काम करने का सौभाग्य (दुर्भाग्य) प्राप्त हुआ था मैंने भी कभी K B मिश्रा से कई बातें सीखी थी उनमें एक यह भी था कि बतौर पत्रकार जब आप किसी पर आरोप पर कुछ लिखते हैं तो सामने वाले का पक्ष जरूर जानना चाहिए ….. पर इस पोस्ट के पहले या बाद में आपने सामने वाले का पक्ष जानने की कोशिश नहीं की ….. क्योंकि आप के बी मिश्रा ऐसा नहीं है बल्कि के भी मिश्रा के नाम का छद्म इस्तेमाल कर रहे हैं …. अब अगर आप यह कहेंगे कि आपके पास मेरा नंबर नहीं है तो यह गलत होगा क्योंकि आप को भी याद होगा डेढ दो माह पहले आप से मेरी फोन पर बात हुई थी रेलवे से जुड़ा एक मसला था और आपने उस खबर को चलाने की पैरवी की थी … एक कथित ईमानदार पत्रकार होने के नाते शायद उस पैरवी के बदले आपने मुझे किसी तरह के रिश्वत नहीं दी होगी …..
मिश्रा जी आपने संस्थान का नाम लिया …. क्या जब मैं वहां था जिस जगह की तस्वीर आपने पोस्ट की है तो क्या मेरे हाथ में संस्थान का बूम … कैमरा कैमरा मैन या फिर संस्थान की गाड़ी या संस्थान से जुड़ा कोई पहचान था …. जवाब आपके पास नहीं होगा ….क्योंकि आपने तथ्यों को जानने की कोशिश नहीं की है……
मेरा सवाल है क्या एक पत्रकार को अपनी व्यक्तिगत जिंदगी जीने का हक नहीं है ? क्या साप्ताहिक अवकाश में भी उसके संस्थान का साया पत्रकार के साथ लगा होता है ? क्या पत्रकार अपने घर … रिश्तेदार और किसी परिचित के साथ कहीं आ जा नहीं सकता ? क्योंकि वह एक पत्रकार है या फिर किसी अपने जानने वाले के साथ कहीं घूम नहीं सकता .? …उसकी मदद नहीं कर सकता … ? क्योंकि वह एक पत्रकार है …..
जैसा कि मैंने ऊपर आपके साथ काम करने के अपने सौभाग्य और दुर्भाग्य की बात लिखी है इतने दिन साथ काम करने के बाद भी आप मुझे समझ नहीं पाए …..या… मैं आपको पहचान नहीं पाया …..
आपने अगर मुझे पहचाना होता तो गुंजन सर के समय रांची में हुई मीटिंग में अपनी कथित इमानदारी की पैरवी इस बेईमान पत्रकार ( जो आपकी नजर में ) से हरगिज नहीं करवाते हैं …..मुझे आश्चर्य लगता कि आपके साथ काम करने के लंबे समय के बीच में मेरी कोई शिकायत आप तक कैसे नहीं पहुंची और उससे भी ज्यादा आश्चर्य इस बात की है अगर पहुंची होगी तो आपने उसे अपने ऊपर क्यों नहीं पहुंचाया …..क्या तब मैं इमानदार था और अब बेईमान हो गया हूं ….
या फिर आप को भी अपनी बेईमानी का हिस्सा पहुंचाता था जिसकी वजह से आप मेरी शिकायत ऊपर नहीं पहुंचाते थे
मिश्रा जी आपने संस्थान का नाम लिखा है संस्थान बेईमान नहीं होती आप हम बेईमान बनाते हैं जिस संस्थान का आपने नाम लिखा है उसी संस्थान ने आपके और आपके बच्चों को कई शाम की रोटी और नमक भी दिया है ….. मिश्रा जी आपने उस रोटी और नमक का भी ख्याल नहीं रखा ….. अगर रखा होता तो उस संस्थान का नाम नहीं लेते क्योंकि जिस वक्त की कहानी आपने गाड़ी है उस वक्त मेरे हाथ में संस्थान का बूम और कैमरा नहीं था . …..खैर .

 

Naushad AlamNaushad Alam Bilkul manoj bhai aapne aaina dikhaya hai… ummeed hai mishra sir ko ehsas ho gaya hoga khair ghalti insaan se hoti hai… wo senior hain senior rahenge aur hum logon ko raah dikhaenge…
Manoj KumarManoj Kumar आपने भी कई संस्थानों में काम किया है लेकिन कहीं टिक नहीं पाए हर जगह से आपको धक्का देकर निकाल दिया गया … शायद संस्थान के लोगों को आप की कथित इमानदारी रास नहीं आई …..मुझे मुंशी प्रेमचंद की कहानी नमक का दारोगा याद आ रहा है जिसका सार यह था कि बेईमानी See More
Rajesh SinghRajesh Singh मिश्रा जी…जवाब दीजिए….
Upendra KumarUpendra Kumar जवाब देने में वक्त लगेगा ।।
Mukesh BhartiyaMukesh Bhartiya तस्वीर सच नहीं बोलती…..तो फिर आपकी चैनल दिन-रात क्या दिखलाती रहती है…? डिजीटल ग्राफिक। लगे आरोपों का तत्थात्मक प्रतिक्रिया दे मान्यवर…फिलहाल आप मीडिया के साथ सारी व्यवस्था के बीच खड़े हैं…
Om Prakash SinghOm Prakash Singh सही बात है,अगर किसी की निजी जिंदगी में कोई इस तरह से दखल देगा तो उसका जवाब इससे बेहतर नही हो सकता।मनोज भैया ने फिर भी गरिमा का ख्याल रखते हुए ये बातें लिखी कोई और होता तो शायद ये गरिमा भी तार तार हो जाती। मनोज भैया की ईमानदारी काम के प्रति और समाज के कितनी है इसका सर्टिफिकेट किसी कथित पत्रकार का देना हास्यास्पद लगता है।
Naushad AlamNaushad Alam Right Om Prakash Singhprak ji..👌👌
Naushad AlamNaushad Alam Mind your language mr Himanshu Mishra ji , aap apne gireban ko dikhiye.. aap certificate dete hai kya.. aap bhi to baghair tahqiqat ke himayat mai samne aa gaye… mai to aap ko janta bhi nahi.. rahi baat Mr. Krishna bihari mishra ji ki to wo hamare ex senior colleague hain.. lanat hai aap per jo bagair tahqiqat ke dosron ko aur sansthan ko corrupt kah rahe hain.. lipa poti ke liye to maafi aap ko mangni chahiye…
Himanshu MishraHimanshu Mishra kv v nhi mangta….na apse na apk channel se aur na hi es type ke bhrastra patrakar se….
Monika AryaMonika Arya Kbm g, इस कहानी का सच-झूठ तो नही जानती, मगर कैंटीन से सामान लेना इतना बड़ा अपराध भी नही। परिजन तो छोड़िए, आसपड़ोस वाले, जानपहचान वाले भी ऐसा कर लेते हैं।पर इसमें गलत क्या है। बिना किसी सम्बन्ध के क्या कोई कैंटीन में घुसने भी देता है। आज के समय में 100 प्रतिशत नैतिकता की बात कोई नही कर सकता।हम मिनिमम एथिक्स भी बचा कर रख पाए, तो बहुत होगा।
Lokesh VaidyaLokesh Vaidya manoj je bahut he sahaj aur saral waiyti hai. is prakar ka photo post kar ke kisi ke samman pe thes pahuchana acchi bat nahi hai
Monika AryaMonika Arya और जो लोग kbm g को जानते है, उसके बावजूद उनकी पहचान के साथ *कथित* लगा रहे हैं, वह भी अफसोसजनक है। कौन कहता है कि पत्रकारिता के लिए किसी संस्थान का होना ज़रूरी है। अगर ऐसा होता तो लोग अपने संस्थानों के अलावा सोशल मिडिया पर अपने विचारों को व्यक्त नही कर रहे होते। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बाद सोशल मीडिया बड़ी ताकत के रूप में उभरा है और इसने हर उस व्यक्ति को भी अभिव्यक्ति का मंच उपलब्ध करवाया है, जो अपने संस्थान में मैनेजमेंट के प्रभाव या दबाव में मन का नही लिख पाता। kbm g की सीनियरिटी पर प्रश्नचिह्न नही लगना चाहिए।
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