इनको मीडिया-पुलिस की इस कहर से बचाईये

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Narendra Kushwaha

 

अजीब विडंवना है कि एक तरफ बिहार की मांझी सरकार अपने ही दल के मुंगेर जनता दल यू के जिला सचिव नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा को न्याय दिलाने में पंगु साबित हो रही है वही दुसरी तरफ पुलिसिया जुल्म प्रयाय बने कासिम बाजार थाना के थाना प्रभारी दीपक कुमार, सब इंसपेक्टर सफदर अली, दैनिक प्रभात खबर के पत्रकार राणा बिजय शंकर सिंह और एनजीओ ‘हक‘ के सचिव पंकज कुमार सिंह मौज-मस्ती मार रहे हैं।

सीधे मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से न्याय की भीख मांग रहे जनता दल यू के जिला सचिव नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा ने विगत 22 अक्तूवर, 14 को मुंगेर मुख्यालय में पुनः दैनिक प्रभात खबर ‘ अखबार को सरेआम सड़कों पर जलाया और अपना विरोध प्रकट किया ।

उन्होंने आम नागरिकों को बताया कि किस प्रकार दैनिक प्रभात खबर का पत्रकार पुलिस के साथ मिलीभगत कर राजनीतिक नेताओं की हत्या की कोशिश करता है और प्रयास में विफल हो जाने पर कारतूस तस्करी के मनगढ़ंत आरोप में निर्दोष को जेल भिजवाती है।

यही नहीं, जेल जाने के बाद जब सरकार के मंत्री और जनता दल यू के कार्यकर्ता पुलिस जुल्म का विरोध करते हैं तो प्रभात खबर के प्रधान संपादक के आदेश पर उन सारी खबरों को प्रकाशित करने से रोक दिया जाता है ।

आखिर  क्या है पूरा मामला ?

घटना वर्ष 2013 के 15 जून की रात्रि 10 बजकर 40 मिनट से शुरू होती है। बिहार में सरकार के मुखिया नीतिश कुमार थे। उन्होंने विकास के साथ न्याय का नारा दिया था।

15 जून, 13 को मुंगेर जिला स्थित सदर अस्पताल के बाह्य आपातकाल कक्ष में मुंगेर की कासिम बाजार पुलिस बेहोशी अवस्था में एक व्यक्ति को ‘अज्ञात‘ घोषित कर रात्रि 10 बजकर 40 मिनट पर भर्ती कराकर चली जाती है। जख्मी व्यक्ति की पहचान बाद में जनता दल यू के जिला सचिव नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा के रूप में होती है।

हालात खराब देखकर सदर अस्पताल के चिकित्सक मरीज को बेहतर ईलाज के लिए भागलपुर मेडिकल कालेज एण्ड अस्पताल रात्रि में ही भेज देते हैं। श्री कुशवाहा के परिजन बेहोश कुशवाहा को भागलपुर मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में भर्ती कराते हैं।

श्री कुशवाहा होश आने पर पुलिसिया जुल्म की दास्तान अपने परिजनों को सुनाते हैं।

श्री कुशवाहा अपने उपर घटित पुलिस जुल्म की दास्तान को लिखित रूप में भागलपुर से ही मुंगेर के पुलिस अधीक्षक और जिला पदाधिकारी को फैक्स और निबंधित डाक से यूं भेजते हैं।

‘‘ सर, मुझे मेरे मोबाइल नम्बर -9852894335 पर 15 जून, 13 की रात्रि 9 बजकर 36 मिनट और 9 बजकर 47 मिनट के बीच मोबाइल नम्बर – 8877325139 से भजन-कीर्तन के नाम पर बुलाकर मुकसुसपुर काली स्थान के नजदीक थाना प्रभारी दीपक कुमार और सब-इंसपेक्टर सफदर अली ने मुझे सरेआम सड़क पर पीटने का काम किया।

विरोध करने पर पुलिस मुझे पुलिस-गाड़ी में बिठाकर कासिम बाजार थाना ले गईं और पुलिस ने थाना परिसर के गाछ में बांधकर बेहोश होने तक पिटाई करती रही। थाना प्रभारी दीपक कुमार और सब-इंस्पेक्टर सफदर अली ने मेरी यह दुर्गति की और मुझे जान से मारने की भरपूर कोशिश की। ‘‘

इधर, ज्योंहि कासिम बाजार थाना के तात्कालीन थाना प्रभारी दीपक कुमार को नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा के भागलपुर में जीवित बच जाने की खबर मिली। थाना प्रभारी दीपक कुमार ने 15 जून 2013 की तिथि में रात्रि 9 बजकर 15 मिनट पर एक प्राथमिकी दर्ज की, जिसका नम्बर – 85/2013 है।

प्राथमिकी में थाना-प्रभारी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा के काले फुलपैंट के दाहिने पाकेट से चार जिन्दा कारतूस वरामद किया है।

फिर 18 जून,2013 को कासिम बाजार थाना की पुलिस भागलपुर मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंची और अस्पताल से नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार कर मुंगेर जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

 

उसके बाद कारतूस की कथित तस्करी के आरोप में जनता दल यू के जिला सचिव नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा न्यायिक हिरासत में मुंगेर जेल में बन्द रहे।

मुंगेर के तात्कालीक आरक्षी उप-महानिरीक्षक सुधांशु कुमार ने अपने कार्यालय के पत्रांक- 2531,सी0आर.0, दिनांक 06 दिसंबर, 2013 में पुलिस अधीक्षक मुंगेर से मामले की तत्काल जांच करने का आदेश दिया। परन्तु, दस माह बाद भी मुंगेर के पुलिस अधीक्षक ने इस प्रकरण में अबतक अपनी जांच पूरी नहीं की है ।

डीआईजी,मुंगेर के आदेश में जिन विन्दुओं पर जांच होना है, वे निम्न प्रकार है:-

‘‘ जब कासिम बाजार थाना के थानाध्यक्ष ने 15 जून, 2013 को रात्रि 9 बजकर 15 मिनट में नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा को कारतूस के साथ गिरफ्तार किया तो थानाध्यक्ष ने श्री कुशवाहा को उसी रात्रि को रात्रि 10 बजकर 40 मिनट पर ‘अज्ञात‘ घोषित कर मुंगेर सदर अस्पताल में ईलाज के लिए क्यों भर्ती किया?

डी0आई0जी0। मुंगेर । ने मुंगेर के पुलिस अधीक्षक से जिस दूसरे विन्दु पर जांच करने का आदेश दिया ,वह दूसरा विन्दु निम्न प्रकार है:‘

‘‘ जब कासिम बाजार के थानाध्यक्ष ने नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा को 15 जून 2013 की रात्रि 9 बजकर 15 मिनट पर गिरफ्तार कर लिया, तो थानाध्यक्ष ने गिरफ्तार नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा को उसी रात्रि में 10 बजकर 40 मिनट पर सदर अस्पताल मुंगेर में ‘ बिना पुलिस अभिरक्षा‘ में क्यों भर्ती कराया ?

थानाध्यक्ष ने जख्मी कुशवाहा को बिना पुलिस अभिरक्षा में भागलपुर ईलाज के लिए किस परिस्थिति में जाने की इजाजत दे दी ?

जनता दल यू के जिला सचिव नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा ने 21 अक्तूवर, 14 को मुंगेर जिला मुख्यालय में एक दर्जन स्थानों पर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया और मुख्या मंत्री जीतन राम मांझी से दोषी थाना प्रभारी दीपक कुमार, दैनिक प्रभात खबर के पत्रकार राणा बिजय शंकर सिंह और एनजीओ हक के सचिव पंकज कुमार सिंह के विरूद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और सभी दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

श्री कुशवाहा ने अपनी सभाओं में आरोप लगाया है कि दैनिक प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश के संपादन-काल में ही दैनिक प्रभात खबर के मुंगेर कार्यालय के पत्रकारोंने एनजीओ हक के सचिव पंकज कुमार सिंह और थानाध्यक्ष दीपक कुमार के साथ साजिश कर थाना परिसर में गाछ में बांधकर पीट-पीट कर हत्या करने की असफल कोशिश की और जब भागलपुर अस्पताल में उसकी जान बच गई तो सभी षड़यंत्रकारियों ने अपनी गलती को छुपाने के लिए थाना में कारतूस वरामदी का फर्जी मुकदमा दर्ज किया और चार माह तक जेल की हवा खिला दीं।

अब देखना है कि कड़क मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अपनी पार्टी के कर्मठ और जुझारू जिला सचिव नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा को कब तक न्याय दिला पाते हैं और पुलिसिया कहर बरपाने वाले षड़यंत्रकारियों को कब तक जेल भिजवा पाते हैं ?

 मुंगेर  से हमारे संवाददाता की  रिपोर्ट

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