आरटीसी इंजीनियरिंग कॉलेजः घटिया भोजन-पानी को लेकर छात्रों ने की तालाबंदी

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rtc institute of technology posterरांची (मुकेश भारतीय)। ओरमांझी के आनंदी स्थित आरटीसी इंजीनियरिंग कॉलेज में दिन भर छात्र-छात्राओं का हो-हंगामा चलता रहा। छात्रावास में घटिया नाश्ता-भोजन और गंदा पानी मिलने की बाबत छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। वे किसी को भी अपनी मांग पूरा होने तक अंदर प्रवेश करने नहीं दे रहे थे। यह तालाबंदी देर शाम प्रबंधन द्वारा छात्र-छात्राओं की हर समस्या का समाधान करने आश्वासन के बाद समाप्त हो सका।

इस कॉलेज के होस्टल में करीब 300 छात्र और करीब 150 छात्राएं रहते हैं। छात्र-छात्राओं का कहना है कि होस्टल चार्य पहले 1800 रुपये प्रति छात्र थी, उसे बढ़ाकर अब 2100 रुपये प्रति छात्र कर दिया गया है। होस्टल चार्य बढ़ाने के बाबजूद भोजन-नाश्ता की क्वलिटी काफी घटिया होती रही है। मुंह में निवाला लेते ही उल्टियां होने लगती है। वे कई-कई दिनों तक खाना नहीं खा पाते हैं।

इसकी शिकायत करने पर दो टूक जबाब मिलता है कि अगर खाना हजम नहीं होता है तो होस्टल छोड़ दो। पीने की पानी का वही हाल है। उसे काफी गंदा पानी पीने को दिया जाता है। जिससे छात्र लोग काफी संख्या में बीमार हो रहे हैं। उनसे दवा आदि की रकम फीस के साथ ली जाती है लेकिन, उनके ईलाज पर यहां कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। छात्रों ने कई बार घटिया भोजन की थाली और गंदा पनी लेकर निदेशक के चैंबर तक पहुंच चुके हैं। लेकिन वे सिर्फ आश्वसनों की घूंटी पिलाते रहे हैं।

हमने हॉस्टल के छात्र-छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया है। भोजन की क्वलिटी और साफ-सफाई पर खास ध्यान देने का निर्देश दिया है। छात्र-छात्राएं भी समस्या पैदा करते हैं। वे जहां-तहां भोजन कर गंदगी फैलाते हैं। यहां काफी संख्या में ऐसे छात्र हैं, जो पिछले 6-7 माह से मेस चार्य जमा नहीं किये हैं। ” ….. ए.पी. सिंह, निदेशक, आरटीसी इंजीनियरिंग कॉलेज

मौके पर छात्रों ने बताया कि यहां साफ-सफाई पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। जिस बालटी में चप्पल और मल-मूत्र तक धोये जाते हैं, उसी से खाना बनाया जाता है और पीने का पानी भरा जाता है। प्रायः सभी रसोईये महुआ-हड़िया के नशे में हमेशा धुत रहते हैं। जबसे नये मेस इंचार्य आये हैं, स्थिति और भी वद्दतर हो गई है।

छात्रों ने बताया कि उनसे होस्टल चार्ज में नाश्ता का भी पैसा लिया जाता है, लेकिन  उन्हें यहां नाश्ता नहीं मिल रहा है। जब इन शिकायतों पर प्रबंधन ने कोई ध्यान नहीं दिया तो उन्हें मजबूर होकर तालाबंदी करने को विवश होना पड़ा।

छात्र-छात्राओं की थी मुख्य 4 मांगेः

  1. होस्टल के वर्तमान कर्माचारी को हटाये और साफ-सफाई ध्यान
  2. होस्टल के सभी तल्ले पर वाटर फिल्टर की व्यवस्था
  3. नाश्ता नहीं मिलने की राशि का वर्तमान मेस चार्ज में कटौती
  4. वर्तमान मेस फीस में बढ़ोतरी सभी छात्रों को स्वीकार्य नहीं

….और आवाक हो वापस लौटी थाना पुलिस

आरटीसी इंजीनियरिंग कॉलेज में तालाबंदी की करीब दो घंटे बाद ओरमांझी थाना पुलिस पहुंची। मेन गेट पर ताला लगा था। छात्रों ने पुलिस को वस्तुस्थिति की जानकारी दी। पुलिस चाहती थी कि मेन गेट का ताला खुल जाये। वह कुछ सख्त बात करने लगी। इसी बीच एक छात्र ने पुलिस दल के मुखिया को चुनौती दी कि वे होस्टल के मेस का एक कोर खाना खाकर दिखायें। यदि वे उल्टियां नहीं करेगें तो फिर छात्र को जितने डंडे मारने हो, मार ले। फिर क्या था। छात्र की बात सुनते ही पुलिस आवाक रह गई और चंद मिनट बाद ही उल्टे पांव वापस लौट गई।

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