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    योगी या जल्लाद राज? दबंगों ने पत्रकार की बेटी को जिंदा जलाया

    चौकी इंचार्ज खुर्शीद अहमद पूरी तरह से विरोधियों से मिले हुए हैं। एसओ ने मुकदमा 302 में चार्जशीट किया है, जबकि मुकदमा 304 का है। 2 जून को हुई घटना में स्थानीय पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा था...

    राजनामा.कॉम। यूपी के सुलतानपुर जिले में पत्रकार की बेटी को जिंदा जलाने का मामला सामने आया है। सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र में सोमवार को कुछ दबंगों ने पत्रकार की बेटी को जिंदा जला दिया।

    यूपी के सुलतानपुर जिले में पत्रकार की बेटी को जिंदा जलाने का मामला सामने आया है। सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र में सोमवार को कुछ दबंगों ने पत्रकार की बेटी को जिंदा जला दिया, जिसके बाद देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    परिजनों ने बताया कि बेटी घर के बाहर नल पर पानी भरने गई थी, तभी उसे जला दिया। परिजनों ने आरोपियों और पुलिस की मिलीभगत का आरोप भी लगाया।

    मंगलवार रात बल्दीराय थाना क्षेत्र का टरणसा मजरे ऐंजर गांव छावनी में तब्दील था। भारी संख्या में पुलिस बल लगाकर पत्रकार प्रदीप सिंह की बेटी श्रद्धा सिंह का अंतिम संस्कार कराया गया। यहां लोगों की भारी भीड़ जमा थी। इस बीच जेल में बंद मृतक युवती के पत्रकार पिता ने परोल पर पहुंचकर अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया।

    उन्होंने इस दौरान बल्दीराय थाने के प्रभारी और देहली बाजार चौकी इंचार्ज पर गंभीर आरोप लगाए। फिलहाल पुलिस ने हत्याकांड से जुड़े चार में से तीन आरोपियों को पकड़ने की बात कही है।

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम जब पत्रकार की बेटी श्रद्धा सिंह दरवाजे पर लगे नल से पानी भर रही थी, तभी परसौली के रहने वाले आरोपी सुभाष, महंथ और जय करन वहां पहुंचे। इन सभी ने सरेआम उसे बंधक बनाकर दरवाजे पर ही उसे जला दिया और फरार हो गए।

    आग की लपटों से घिरी बेटी की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में उसे लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धनपत गंज लेकर आए। श्रद्धा सिंह 90% जल चुकी थी, लिहाजा इस अवस्था में उसका मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान हुआ और फिर डॉक्टर्स ने उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। जहां रात में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

    वहीं, लड़की के पिता पत्रकार प्रदीप सिंह ने एसओ बल्दीराय पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले जो एफआईआर हुई थी, उसमें आजतक पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की। एसओ बल्दीराय ने धारा बदल दी। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने का ये नतीजा है कि आज उनका मनोबल बढ़ा है।

    प्रदीप ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में जो घटना हुई उसमें चौकी इंचार्ज ने बदलाव कर नई तहरीर ली है। पहली तहरीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। सभी के पास मौजूद है नहीं होगी तो हम उपलब्ध करा देंगे।

    चौकी इंचार्ज खुर्शीद अहमद पूरी तरह से विरोधियों से मिले हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि एसओ ने मुकदमा 302 में चार्जशीट किया है, जबकि मुकदमा 304 का है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2 जून को हुई घटना में स्थानीय पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा था। बाद में प्रदीप की पत्नी अर्चना की तहरीर पर आईजी रेंज फैजाबाद डॉक्टर संजीव गुप्ता के निर्देश पर जानलेवा हमले समेत आईपीसी की 10 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

    इसमें बेटी के हत्यारोपी भी शामिल हैं। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बाद में 307 की धारा आरोपियों पर से हटा दी गई थी, जो हत्यारोपियों के लिए संजीवनी का काम कर गई।

    फिलहाल सोमवार को बेटी श्रद्धा को जिंदा जलाने वाले दरिंदों के खिलाफ पुलिस ने मां की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से दी गई

    नामजद 3 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जबकि एक आरोपी पिछले एक महीने से हरियाणा में रह रहा है।

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