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    सभी चुनावी प्रत्याशी को मीडिया में प्रकाशित कराना होगा खुद से जुड़ी ये सूचनाएं

    वैसे प्रत्याशी जिनके ऊपर किसी भी प्रकार का आपराधिक मुकदमा लंबित हो या सजा प्राप्त हो, इससे संबंधित सूचना का समाचार पत्रों या टेलीविजन के माध्यम से तीन बार प्रकाशित /प्रसारित कराना होगा ताकि मतदाताओं को समय रहते प्रत्याशी के बैकग्राउंड के बारे में जानकारी हो सके.....

    राजनामा.कॉम। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत निर्देश के अनुसार चुनाव में आपराधिक मामले (लंबित या सजा प्राप्त) वाले प्रत्याशियों के चयन करने पर संबंधित पार्टी को ऐसे प्रत्याशी से संबंधित सभी प्रकार के आपराधिक मामलों के बारे में जानकारी देनी होगी।

    साथ ही ऐसे प्रत्याशी के चयन का कारण भी बताना होगा। पार्टी द्वारा समाचार पत्र, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं पार्टी के वेबसाइट पर ऐसे प्रत्याशी के चयन के 48 घंटे के अंदर संबंधित विवरण प्रकाशित करना होगा।

    वैसे प्रत्याशी जिनके ऊपर किसी भी प्रकार का आपराधिक मुकदमा लंबित हो या सजा प्राप्त हो, इससे संबंधित सूचना का समाचार पत्रों या टेलीविजन के माध्यम से तीन बार प्रकाशित /प्रसारित कराना होगा ताकि मतदाताओं को समय रहते प्रत्याशी के बैकग्राउंड के बारे में जानकारी हो सके।

    आयोग द्वारा तीन बार प्रकाशन कराने के लिए  समय अवधि का निर्धारण  किया गया है।  जिसके आधार पर पहला प्रकाशन/ प्रसारण नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद 4 दिनों के अंतर्गत (नालंदा जिला के संदर्भ में 20 अक्टूबर से 23 अक्टूबर के बीच), दूसरा प्रकाशन प्रसारण अगले पांचवें से आठवें दिन के बीच (24 अक्टूबर से 27 अक्टूबर के बीच) तथा तीसरा प्रकाशन प्रसारण नौवें दिन से चुनाव प्रचार की अंतिम तिथि तक (28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच) कराना होगा।

    प्रत्याशियों को अपने चुनाव खर्च का ब्यौरा समर्पित करने के समय उनके आपराधिक मामलों के संदर्भ में निर्धारित 3 अवसरों पर कराए गए प्रकाशन/ प्रसारण का ब्यौरा भी देना होगा। यह ब्यौरा संबंधित निर्वाची पदाधिकारी के पास देना होगा।

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