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Monday, May 17, 2021
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    सोशल मीडिया  पर बवाल, ‘कोविड-हर्ट अटैक’ से नहीं, इस कारण हुई रोहित सरदाना की मौत

    “रोहित सरदाना को डॉ तलवार द्वारा इलाज किया जाना था, वह वहां मौजूद नहीं थे। रोहित की पत्नी सुबह तक डॉ पुरुषोत्तम लाल को फोन करती रहीं पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। स्टेराइड मॉनिटरिंग में देना था लंग इन्फैक्शन के लिए, परन्तु मॉनिटरिंग ही नहीं की किसी डॉक्टर ने…..

    राजनामा.कॉम।  मशहूर टीवी पत्रकार रोहित सरदाना की शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। कुछ दिन पहले वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और नोएडा के सेक्टर-11 स्थित अस्पताल में भर्ती थे।

    वहीं अब 42 वर्षीय रोहित सरदाना के निधन के बाद सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल के ट्वीट वायरल हो रहे है जिसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।

    सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने ट्वीट कर कहा कि मेट्रो अस्पताल, नोयडा के डॉक्टरों की गलती से रोहित सरदाना की मृत्यु हुई है। उन्होंने लिखा, इस अस्पताल पर 2018 में भी मरीजों से चीटिंग की एफआईआर हुई थी।

    एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, रोहित सरदाना को डॉ तलवार द्वारा इलाज किया जाना था, वह वहां मौजूद नहीं थे। रोहित की पत्नी सुबह तक डॉ पुरुषोत्तम लाल को फोन करती रहीं पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। स्टेराइड मॉनिटरिंग में देना था लंग इन्फैक्शन के लिए, परन्तु मॉनिटरिंग ही नहीं की किसी डॉक्टर ने।

    अब सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि रोहित सरदाना रिकवर हो चुके थे, मेट्रो हॉस्पिटल, नोयडा को मेडिकल बुलेटिन जारी करके बताना चाहिए कि कैसे रिकवर हो चुके रोहित की अचानक हृदय गति रुक गई और किन परिस्थितियों में उन्हें आईसीयू में रखना पड़ा।

    बता दें कि रोहित सरदाना इन दिनों आज तक समाचार चैनल पर प्रसारित होने वाले शो दंगल की एंकरिंग कर रहे थे। वर्ष 2018 में रोहित सरदाना को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

    रोहित सरदाना के मित्र तथा जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी उन लोगों में रहे जिन्होंने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी सबसे पहले दी।

    मेट्रो अस्पताल के अधीक्षक डॉ रिबू राजपाल के अनुसार रोहित सरदाना को कोरोना संक्रमण की वजह से सेक्टर 11 स्थित मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

    रोहित सरदाना एक मिलनसार व असाधारण पत्रकार माने जाते थे। वह लोगों की पीड़ा को बहुत ही बारीकी से समाज के सामने लाते थे। कम उम्र में ही वे एक मंझे हुए पत्रकार की तरह लोगों के दिल में जगह बना चुके थे। एक दिन पहले तक वह लोगों की मदद के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय थे।

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