वाह रे दैनिक हिन्दुस्तान ! भीड़ को गाली….खुद को ताली !!

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आज कल समाचार पत्रों को हो क्या गया है ? आज
18 मई को
रांची से प्रकाशित दैनिक
17052011444हिन्दुस्तान की इस खबर को देखिए-पढ़िए….और बताइये कि मानवता को आखिर शर्मशार इस
अखबार ने नहीं किया
? समूचे घटना का सिलसिलेवार ढंग से घंटों तक फोटो
लिय़ा..कवरेज किया लेकिन
,खुद पुलिस को कोई सूचना नहीं दिया और बड़े वेशर्मी से
लिख-दिखा रहा है कि किसी ने भी पुलिस को खबर नहीं किया. माना कि भीड़
अंधी-विवेकहीन होती है लेकिन
,
क्या यहां पर इस अखबार के
रिपोर्टर-फोटोग्राफर अंधे-विवेकहीन नहीं है. वाह रे अखवार! विवेकहीनता को
बड़ी  प्रमुखता से प्रकाशित किया.धन्य हैं
संवाददाता से संपादक तक महाप्रभु..ऐसे ही कारनामे करते रहिए…खबरें बनाते-परोसते रहिए….और
भीड़ को गलियाते रहिए.

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