अन्य

    चर्चा रांची के दैनिक सन्मार्ग मानवता की

    बड़ा हुआ तो क्या हुआ,जैसे पेड़ तार-खजूर.

      पथिक को छाया न दे,फल लगे अति दूर
    s2रांची की बड़े मीडिया हाउसों के बड़े-बड़े दावे…..कोई कहता हम हैं देश के नं.1….तो कोई कहता हम हैं झारखंड के नं.1….कोई तो यहां तक कहता है कि मैं अखबार नहीं,आंदोलन हूं….कोई कहता है कि सच है तो दिखेगा..कोई कहता है खबर से समझौता नहीं…
    s11ऐसे दावे-प्रतिदावों के बीच अपनी अलग पत्रकारिता के बल मानवीय संवेदनाओं को आज छू गया…….रांची से नये तेवर-अंदाज में प्रकाशित दैनिक सन्मार्ग और उसके संवाददाता.मुझे यह जान कर इस अखबार को लेकर बहुत आत्म संतोष हुआ कि इसके छायाकार/संवाददाता करीव 25 किलोमीटर दूर चल कर पीड़ित के घर पहुंचे और मामले को प्रकाशित ही न किए..अपितु,प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री हेमलाल मुर्मू स्तर तक बात उठाई. ………. …… …………………………………………………………………………………………

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here