अब यूट्यूबर मनीष कश्यप ने की अपनी गिरफ्तारी की फेक फोटो पोस्ट, एक और FIR दर्ज

राजनामा.कॉम। तमिलनाडु मामले में फेक वीडियो बनाने की साजिश के आरोप के बाद अब मनीष कश्यप पर अपनी गिरफ्तारी की फेक फोटो पोस्ट करने का आरोप लगा है।

मनीष कश्यप के खिलाफ बिहार आर्थिक अपराध इकाई थाने में ट्वीटर हैंडल पर गिरफ्तारी की झूठी और पुरानी फोटो पोस्ट करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

आरोप है कि मनीष कश्यप ने अपने नए ट्वीटर हैंडल पर अपनी गिरफ्तारी की झूठी और पुरानी फोटो पोस्ट की है।

इस मामले में ईओयू  ने कहा है की तमिलनाडु में रहने वाले बिहार के लोगों के बारे में झूठी और उन्माद फैलाने वाले वीडियो प्रकरण में आर्थिक अपराध इकाई थाना के अभियुक्त मनीष कश्यप ने अपने नए ट्वीटर  हैंडल पर अपनी गिरफ्तारी की एक फोटो पोस्ट की गई है जो झूठी और भ्रम फैलाने वाला है।

ईओयू ने कहा है कि मनीष कश्यप ने जिस फोटो को तमिलनाडु मामले में गिरफ्तारी की बात कहकर पोस्ट किया है, दरअसल वह फोटो पांच फरवरी 2019 की है। तब उन्हें पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मनीष कश्यप पर झूठे और भ्रामक पोस्ट करने के लिए फिर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

इससे पहले मनीष कश्यप पर यह आरोप लगा है कि तमिलनाडु मामले में वायरल वीडियो को मनीष कश्यप के निर्देश पर बनाया गया था।

दरअसल तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों की पिटाई का जो कथित वीडियो वायरल हुआ था, उसे पूरी प्लानिंग के साथ पटना में बनाया गया था।

इस वीडियो को पटना के बंगाली टोला के एक किराए के मकान में शूट किया गया था । वीडियो में मजदूर की भूमिका में जनता प्लस न्यूज के मालिक अनिल कुमार यादव और आदित्य कुमार था।

ईओयू के अनुसार राकेश रंजन कुमार सिंह को मनीष कश्यप ने ऐसे वीडियो बनाने के लिए प्रेरित किया। बतौर ईओयू इसके पीछे मंशा थी इसे प्रचारित कर ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाए जा सके।

वहीं फेक वीडियो वायरल करने में नाम आने के बाद मनीष कश्यप ने चार दिन पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसमें वह कह रहा है कि उसे शोसल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ। उन्हें जिस दिन पुलिस कहेगी, वह गिरफ्तारी देने आ जाएंगे।

मनीष कश्यप ने कहा कि हमने कोई हत्या नहीं की है, कोई गुनाह नहीं किया है। वह फरार नहीं है। जिस दिन पुलिस कहेगी, वह फ्लाइट पकड़ कर पटना गिरफ्तारी देने आ जाएंगे।

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